सुमित्रा
महाजन
–
फोटो
:
अमर
उजाला,
डिजिटल,
इंदौर
विस्तार
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करें
कांग्रेस
प्रत्याशी
अक्षय
कांति
बम
को
लोकसभा
चुनाव
से
ठीक
पहले
भाजपा
में
लाने
का
विवाद
थम
ही
नहीं
रहा
है।
अब
पूर्व
लोकसभा
स्पीकर
सुमित्रा
महाजन
ने
भी
इस
घटनाक्रम
पर
हैरानी
जताई
है।
एक
इंटरव्यू
के
दौरान
उन्होंने
कहा
कि
यह
घटना
आश्चर्यचकित
करने
वाली
है।
ऐसा
नहीं
होना
चाहिए
था।
ताई
ने
कहा
कि
मुझे
बहुत
से
भाजपाईयों
के
फोन
आ
रहे
हैं
कि
वे
नोटा
को
वोट
करेंगे।
कांग्रेस
पार्टी
ने
ताई
के
इस
वीडियो
को
भी
ट्वीट
किया
है।
वीडियो
में
ताई
कह
रही
हैं
कि
इस
घटनाक्रम
की
कोई
आवश्यकता
नहीं
थी,
क्योंकि
दीवार
पर
लिखा
हुआ
है
कि
इंदौर
में
भाजपा
को
कोई
भी
नहीं
हरा
सकता।
ताई
ने
आगे
कहा
कि
कांग्रेस
उम्मीदवार
(बम)
को
ऐन
चुनाव
से
पहले
ऐसा
नहीं
करना
चाहिए
था।
उसने
एक
तरह
से
अपनी
पार्टी
(कांग्रेस)
से
भी
धोखा
किया,
लेकिन
मैं
ऐसे
शब्दों
का
इस्तेमाल
क्यों
करूं?
ताई
ने
कहा
कि
इंदौर
लोकसभा
सीट
के
इतिहास
में
पहली
बार
यह
हुआ
है।
इस
तरह
से
चुनाव
के
पहले
पाला
बदलने
पर
शहर
के
कुछ
पढ़े-लिखे
लोगों
ने
मुझे
फोन
करके
नाराजगी
जताई।
फोन
करने
वालों
ने
मुझसे
कहा
कि
अब
वे
EVM
पर
NOTA
का
विकल्प
चुनेंगे,
क्योंकि
भाजपा
ने
जो
किया,
वह
उन्हें
अच्छा
नहीं
लगा।
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विज्ञापन
ताई
ने
आगे
कहा
कि
मैंने
उन
लोगों
को
समझाया
कि
इस
प्रकरण
में
भाजपा
की
कोई
भूमिका
नहीं
है
और
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
पार्टी
अपनी
मूल
विचारधारा
पर
अडिग
होकर
काम
कर
रही
है
और
हमारे
उम्मीदवार
(शंकर
लालवानी)
मैदान
में
हैं,
इसलिए
उन्हें
नोटा
के
बजाय
भाजपा
को
वोट
देना
चाहिए।
वहीं
ताई
ने
यह
भी
दावा
किया
कि
बम
के
कांग्रेस
को
झटका
देकर
भाजपा
में
आने
के
घटनाक्रम
के
पीछे
की
कहानी
के
बारे
में
उन्हें
जानकारी
नहीं
है।
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29
अप्रैल
को
नामांकन
वापस
लिया
था
29
अप्रैल
को
अक्षय
कांति
बम
ने
कांग्रेस
से
लोकसभा
चुनाव
के
लिए
नामांकन
वापस
लिया
था
और
भाजपा
से
जुड़
गए
थे।
अब
कांग्रेस
प्रत्याशी
अक्षय
कांति
बम
को
लेकर
इंदौर
में
कांग्रेस
ने
NOTA
का
बटन
दबाने
की
मुहिम
छेड़
दी
है।