
ग्वालियर
में
फर्जी
पत्रकार
बनकर
एक
शातिर
ठग
ने
गरीब
लोगों
से
13
लाख
से
अधिक
की
ठगी
कर
ली।
खुद
को
पत्रकार
बताने
वाले
युनूस
खान
नाम
के
शख्स
ने
पत्रकार
कोटे
से
फ्लैट
दिलाने
का
झांसा
देकर
आधा
दर्जन
से
अधिक
लोगों
को
अपने
जाल
में
फंसा
लिया।
चावड़ी
बाजार
निवासी
मोहम्मद
शाहिद
मंसूरी
ने
एसपी
ऑफिस
में
जनसुनवाई
के
दौरान
इस
पूरे
फर्जीवाड़े
का
खुलासा
किया।
उन्होंने
बताया
कि
युनूस
खान
नाम
का
व्यक्ति
उनकी
दुकान
पर
आता-जाता
था
और
एक
ही
समुदाय
के
होने
की
वजह
से
उनसे
अच्छी
जान-पहचान
हो
गई
थी।
युनूस
खान
ने
खुद
को
पत्रकार
बताकर
शाहिद
को
बताया
कि
नगर
निगम
महलगांव
में
पीएम
आवास
योजना
के
तहत
पत्रकार
कोटे
से
फ्लैट
मिलेंगे।
इसके
बदले
में
9
लाख
रुपये
मांगे
गए,
जिसमें
से
2
लाख
60
हजार
रुपये
एडवांस
लिए
गए।
युनूस
ने
उन्हें
एक
समाचार
पत्र
की
फर्जी
आईडी
भी
बनाकर
दी।
सिर्फ
शाहिद
ही
नहीं,
बल्कि
पांच
अन्य
लोगों
से
भी
इसी
तरह
झांसा
देकर
13
लाख
की
ठगी
की
गई।
जब
काफी
समय
गुजर
जाने
के
बाद
भी
न
तो
फ्लैट
मिला
और
न
ही
पैसे
वापस
हुए,
तब
जाकर
फरियादियों
को
ठगी
का
अहसास
हुआ।
अब
पीड़ितों
ने
पुलिस
से
शिकायत
की
है
और
मामले
की
गंभीरता
को
देखते
हुए
एएसपी
गजेंद्र
वर्धमान
ने
कोतवाली
और
जनकगंज
थाना
प्रभारियों
को
तत्काल
कार्रवाई
के
निर्देश
दिए
हैं।
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नहीं
बनाई
तो
सौतेली
मां
ने
ऐसे
घोंटा
बच्ची
गला,
पति
ने
किया
अंतिम
संस्कार;
गर्भवती
बेटी
खोला
राज
मोहम्मद
शाहिद
मंसूरी
ने
बताया
कि
उसने
युनूस
की
बातों
पर
भरोसा
कर
लिया
और
दस
महीने
पहले
उसे
दो
लाख
रुपये
दिए
थे।
लगभग
दस
महीने
बीतने
के
बाद
शाहिद
मंसूरी
ने
अपने
रुपये
वापस
मांगे।
जिस
पर
युनूस
ने
कहा
कि
मैं
पत्रकार
हूं,
मेरा
अधिकारियों
के
साथ
उठना-बैठना
है।
मैंने
ऐसे
ही
कई
लोगों
के
पैसे
हड़प
लिए
हैं।
यदि
ज्यादा
बोलेगा
तो
तेरे
खिलाफ
किसी
भी
थाने
में
झूठा
मुकदमा
दर्ज
करा
दूंगा।
अब
अपनी
जान
को
खतरा
बताकर
पीड़ित
ने
मामले
की
शिकायत
की
है।
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युवती
ने
हिंदू
को
फंसाया,
मरने
की
धमकी
देकर
की
शादी,
निकली
तीन
बच्चों
की
मां;
हैरान
कर
देगा
मामला
इस
मामले
में
एएसपी
शहर
गजेंद्र
सिंह
वर्धमान
का
कहना
है
कि
एक
युवक
ने
खुद
को
पत्रकार
बताकर
कुछ
लोगों
को
पीएम
आवास
योजना
के
तहत
बनने
वाले
मकान
दिलाने
का
झांसा
देकर
ठगी
की
है।
चार
से
पांच
लोग
ऐसे
आए
हैं।
कुछ
कोतवाली
तो
कुछ
जनकगंज
थाना
क्षेत्र
के
रहने
वाले
हैं।
दोनों
थानों
के
प्रभारियों
से
बातचीत
कर
मामले
की
जांच
कर
कार्रवाई
के
लिए
कहा
गया
है।