
उमरिया
जिले
के
जनपद
करकेली
के
ग्राम
जरहा
अंतर्गत
घोरमरा
गांव
में
बीते
24
घंटे
से
जारी
मूसलधार
बारिश
ने
जनजीवन
को
पूरी
तरह
अस्त-व्यस्त
कर
दिया
है।
गांव
की
गलियों
से
लेकर
घरों
तक
चारों
ओर
पानी
ही
पानी
नजर
आ
रहा
है।
भारी
बारिश
के
कारण
गांव
में
जलभराव
की
गंभीर
स्थिति
उत्पन्न
हो
गई
है,
जिससे
ग्रामीणों
की
रोजमर्रा
की
गतिविधियां
ठप
हो
गई
हैं।
ग्रामीणों
के
अनुसार,
घोरमरा
गांव
हर
साल
बरसात
के
मौसम
में
जलभराव
की
समस्या
से
जूझता
है,
लेकिन
अब
तक
इस
दिशा
में
कोई
स्थायी
समाधान
नहीं
निकाला
गया
है।
इस
बार
भी
हालात
पहले
जैसे
ही
हैं,
बल्कि
कुछ
ज्यादा
ही
खराब
होते
नजर
आ
रहे
हैं।
गांव
की
निचली
बस्तियों
में
रहने
वाले
लोगों
के
घरों
तक
पानी
पहुंचने
लगा
है
और
यदि
बारिश
का
सिलसिला
यूं
ही
जारी
रहा
तो
आने
वाले
दिनों
में
लोगों
के
घरों
में
पानी
घुसना
तय
है।
स्थानीय
निवासी
रामकुमार
पटेल
ने
बताया
कि
गांव
में
वर्षों
से
जल
निकासी
की
कोई
समुचित
व्यवस्था
नहीं
है।
थोड़ी
सी
भी
तेज
बारिश
होती
है
तो
पानी
जमा
होने
लगता
है
और
इस
बार
तो
बारिश
थमने
का
नाम
ही
नहीं
ले
रही।
उन्होंने
कहा
कि
कई
बार
पंचायत
स्तर
से
लेकर
जनपद
अधिकारियों
तक
को
ज्ञापन
सौंपा
गया,
लेकिन
हर
बार
केवल
आश्वासन
ही
मिला
है।
ग्रामीण
महिलाओं
का
कहना
है
कि
जलभराव
की
वजह
से
बच्चों
का
स्कूल
जाना
बंद
हो
गया
है।
कीचड़
और
फिसलन
भरी
गलियों
में
चलना
मुश्किल
हो
गया
है।
दुकानदारों
को
भी
नुकसान
उठाना
पड़
रहा
है
क्योंकि
लोग
बाजार
तक
नहीं
पहुंच
पा
रहे।
गांव
के
बुजुर्गों
का
कहना
है
कि
पहले
भी
कई
बार
इसी
तरह
की
स्थिति
आई
थी,
मगर
इस
बार
हालात
और
ज्यादा
चिंताजनक
हैं।
खेतों
में
पानी
भर
जाने
से
फसलें
भी
प्रभावित
हो
सकती
हैं,
जिससे
आने
वाले
समय
में
आर्थिक
संकट
खड़ा
हो
सकता
है।
ग्रामीणों
ने
प्रशासन
से
तत्काल
राहत
कार्य
शुरू
करने
और
जल
निकासी
के
लिए
मशीनें
लगाने
की
मांग
की
है।
साथ
ही
स्थायी
समाधान
के
रूप
में
नालियों
की
सफाई,
नई
जल
निकासी
लाइन
और
निचले
क्षेत्रों
में
उठाव
कार्य
कराने
की
मांग
की
गई
है।
यदि
समय
रहते
प्रशासन
हरकत
में
नहीं
आया,
तो
यह
जलभराव
गंभीर
स्वास्थ्य
समस्याओं
और
संक्रामक
बीमारियों
का
रूप
ले
सकता
है।
ग्रामीणों
की
मांग
है
कि
इसे
प्राकृतिक
आपदा
मानते
हुए
राहत
शिविर
की
भी
व्यवस्था
की
जाए,
ताकि
लोगों
को
सुरक्षित
स्थान
पर
ठहराया
जा
सके।