
मध्य
प्रदेश
सरकार
की
भोपाल
में
आयोजित
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट
(जीआईएस)
में
दो
दिन
में
85
एमओयू
हुए।
इससे
26.61
लाख
करोड़
रुपये
के
निवेश
के
प्रस्ताव
के
एमओयू
हुए।
इससे
17.34
लाख
लोगों
को
रोजगार
के
अवसर
मिलेंगे।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
समिट
के
समापन
अवसर
पर
यह
जानकारी
दी।
समापन
सत्र
में
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
शामिल
हुए।
समिट
का
शुभारंभ
सोमवार
को
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
किया
था।
इस
समिट
से
प्रदेश
के
लाखों
लोगों
को
रोजगार
मिलने
का
अनुमान
है। देश
और
विदेश
की
नामी
कंपनियों
ने
प्रदेश
में
निवेश
के
प्रस्ताव
दिए
हैं।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
बताया
कि
दो
दिन
की
समिट
में
26.61
लाख
करोड़
के
निवेश
के
प्रस्ताव
प्राप्त
हुए
हैं।
वहीं,
17.34
लाख
रोजगार
के
अवसर
सृजित
होंगे।
इसके
पूर्व
सरकार
की
रीजनल
इंवेस्टर्स
समिट
और
देश
और
विदेश
में
अलग-अलग
जगह
आयोजित
रोड
शो
में
आए
निवेश
प्रस्तावों
को
मिला
कर
कुल
30
लाख
77
हजार
करोड़
के
निवेश
प्रस्ताव
मिले
हैं।
इन
सबको
मिलाकर
21
लाख
से
ज्यादा
रोजगार
के
अवसर
पैदा
होंगे।
रीजनल
इंडस्ट्री
कॉन्क्लेव
में
2.34
लाख
करोड़
रुपये
के
निवेश
प्रस्ताव
और
2.74
लाख
रोजगार
के
अवसर
और
इंटरेक्टिव
सेशन
में
1.82
लाख
करोड़
के
निवेश
प्रस्ताव
और
1.32
लाख
रोजगार
के
अवसर बनने
की
उम्मीद
है।
60
देशों
के
100
विदेशी
प्रतिनिधि
आए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
बताया
कि
दो
दिनी
समिट
में
25
हजार
से
ज्यादा
रजिस्ट्रेशन
हुए।
इसमें
60
देशों
के
100
से
ज्यादा
विदेशी
प्रतिनिधियों
ने
मध्य
प्रदेश
में
निवेश
और
व्यापारिक
सहयोग
की
संभावनाओं
पर
चर्चा
की।
वहीं,
जीआईएस
में
9
देशों
ने
पार्टनर
कंट्री
के
रूप
में
सहभागिता
की।
इसमें
कनाडा,
जर्मनी,
इटली,
जर्मनी,
मोरक्को,
पोलेंड,
रूस,
रवांडा,
यूनाइटेड
किंगडम
शामिल
है।
वहीं,
समिट
के
दौरान
सीएम
से
70
से
अधिक
प्रमुख
उद्योग
के
उद्योगपतियों,
संगठनों
के
साथ
वन
टू
वन
मीटिंग
की
गई।
सीएम
ने
बताया
कि
जीआईएस
में
600
से
अधिक
बीटूजी
बैठकें
और
पांच
हजार
से
अधिक
बीटूबी
बैठकें
आयोजित
हुई।
वहीं,
6
विभागीय
समिट
आईटी
एवं
टेक्नोलॉजी,
रिन्यूएबल
एनर्जी,
एमएसएमई
एवं
स्टार्टअप,
टूरिज्म,
माइनिंग
और
अर्बन
डेवलपमेंट
समिट
शामिल
है।
इन
मिनी
समिट
में
करीब
100
सेक्टर
एक्सपर्ट,
उद्योगपतियों
ने
स्पीकर्स,
पेनलिस्ट
के
रूप
में
भाग
लिया।
साथ
ही
समिट
में
10
थीमैटिक/
सेक्टोरल
सेशंस
का
आयोजन
किया
गया।
विज्ञापन
निवेश
और
रोजगार
में
औद्योगिक
नीति
विभाग
अव्वल,
रोजगार
में
दूसरे
नंबर
पर
शहरी
विकास
विभाग
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट
(जीआईएस)
में
दो
दिन
की
बैठक
में
सरकार
को
विभागवार
निवेश
के
प्रस्ताव
प्राप्त
हुए
हैं।
इसमें
औद्योगिक
नीति
एवं
निवेश
संवर्धन
विभाग
निवेश
और
रोजगार
दोनों
ही
मामलों
में
अव्वल
है।
वहीं,
रोजगार
में
दूसरे
नंबर
पर
शहरी
विकास
विभाग
है।
सरकार
की
तरफ
से
विभागवार
निवेश
और
रोजगार
को
लेकर
जारी
आंकड़े
के
अनुसार
औद्योगिक
नीति
एवं
निवेश
संवर्धन
विभाग
में
8.616
लाख
करोड़
रुपये
के
निवेश
प्रस्ताव
मिले।
इनसे
6
लाख
रोजगार
के
अवसर
बनने
की
संभावना
है। सरकार
की
तरफ
से
मिली
जानकारी
के
अनुसार
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
विभाग
में
5.72
लाख
करोड़
का
निवेश
और
1.4
लाख
रोजगार
सृजित
होने
का
अनुमान
है।
इसके
अलावा
खनन
एवं
खनिज
संसाधन
विभ्ज्ञाग
में
3.22
लाख
करोड़
का
निवेश
और
55
हजार
रोजगार,
शहरी
विकास
एवं
आवास
विभाग
1.97
लाख
करोड़
का
निवेश
और
2.3
लाख
रोजगार
के
अवसर,
ऊर्जा
विभाग
में
1.47
लाख
करोड
का
निवेश
और
20
हजार
पद,
पर्यटन
विभाग
68
लाख
हजार
करोड़
और
1.2
लाख
रोजगार,
विज्ञान
एवं
प्रौद्योगिकी
विभाग
64
हजार
करोड़
का
निवेश
और
1.8
लाख
रोजगार
के
अवसर,
तकनीक
शिक्षा,
कौशल
विकास
एवं
रोजगार
विभाग
में
43
हजार
करोड़
का
निवेश
और
51
हजार
रोजगार,
एमएसएमई
21
हजार
करोड़
रुपए
और
1.3
लाख
रोजगार,
सार्वजनिक
स्वास्थ्य
एवं
परिवार
कल्याण
विभाग
17
हजार
करोड़
रुपए
और
49
हजार
रोजगार,
उच्च
शिक्षा
विभाग
7
हजार
करोड़
रुपए
और
15
हजार
रोजगार,
उद्यानिकी
एवं
खाद्य
प्रसंस्करण
विभाग
में
4
हजार
करोड़
रुपए
का
निवेश
और
8
हजार
रोजगार,
चिकित्सा
शिक्षा
विभाग
3
हजार
करोड़
और
9
हजार
रोजगार,
विमानन
विभाग
1400
करोड़
को
निवेश
और
1
हजार
रोजगार,
पीडब्ल्यूडी
1.30
लाख
करोड़
और
चार
हजार
रोजगार
के
अवसर
मिलने
का
अनुमान
है।
इसके
अलावा
अदाणी
ग्रुप
अलग-अलग
सेक्टर
में
2.10
लाख
करोड़
का
निवेश
प्रदेश
में
कर
रहा
है।
इससे
1
लाख
रोजगार
के
अवसर
सृजित
होंगे।
कौन
सा
ग्रुप
कहां
कर
रहा
निवेश
भोपाल-
खनिज
में
प्राइप
4
इंस्पेक्शन
एलएलसी,
नवकरणीय
ऊर्जा
में
जिंदल
इंडिया
रिन्यूएबल
एनर्जी
लिमिटेड,
उद्योग
विभाग
में
सेकलिंग
रिन्यूएबल्स
प्राइवेट
लिमिटेड,
ट्राइडेंट
लिमिटेड,
शहरी
विकास
विभाग
में
ट्रेजर
ग्रुप,
पर्यटन
विभाग
में
फीलडे
रूम्स
एंड
होटल्स,
ट्रेजर
ग्रुप,
ईआईएच
लिमिटेड
और
एक
मीडिया
ग्रुप।
इंदौर-
खनिज
विभाग
में
रेकन
केमिकल्स,
नवकरणीय
में
टोरेंट
पावर
लिमिटेड,
उद्योग
विभाग
में
बाल्फोर
बीटी
पीएलसी,
अक्षत
ग्रीनटेक
प्राइवेट
लिमिटेड,
श्री
सीमेंट
लिमिटेड,
शहरी
विकास
विभाग
में
टीम
रीथिंकिंग
अर्बनिज्म
प्राइवेट
लिमिटेड
रौनक
ग्रुप,
वैश्विक
दुनिया,
सचदेव
ग्रुप
ऑफ
कंपनीज,
बंसल
कंस्ट्रक्शन
वर्क्स
प्राइवेट
लिमिटेड,
ऊर्जा
विभाग
में
एएमपीआईएन
ऊर्जा
संक्रमण,
भास्कर
सोलरटेक
प्राइवेट
लिमिटेड,
पर्यटन
विभाग
स्वर्णमुखी
रिक्रिएशन
एंड
हॉस्पिटैलिटी
प्राइवेट
लिमिटेड,
फ्लाईओला
इंडिया
प्राइवेट
लिमिटेड,
अमलतास
होटल्स
प्राइवेट
लिमिटेड,
अध्यात्म
ग्राम
ओंकारेंश्वर,
ओमनी
ग्रुप,
शैंकी
एस
शामिल
है।
जबलपुर-
खनिज
विभाग
में
अदाणी
ग्रुप,
स्टाक्स
वर्क्स
प्राइवेट
लिमिटेड,
नवकरणीय
ऊर्जा
में
अवाडा
एनर्जी
प्राइवेट
लिमिटेड,
एक्सिस
एनर्जी
वेंचर्स
इंडिया
प्राइवेट
लमिटेड,
एनएसएल
रिन्यूएबल
पावर
प्राइवेट
लिमिटेड,
एमकेसी
इंफ्रास्ट्रक्चर
लिमिटेड,
उद्योग
विभाग
में
ओनिक्स
रिन्यूएबल
लिमिटेड,
शहरी
विकास
विभाग
में
समदरिया
बिल्डर्स,
ऊर्जा
विभाग
में
मैक्लेक।
ग्वालियर-
शहरी
विकास
विभाग
में
एचवायडी
टेक
इंजीनियर्स।
रीवा-
खनिज
विभाग
में
अदाणी
ग्रुप,
आदित्य
बिड़ला,
ईएमआईएल
माइंस
एंड
मिन
रेस
लमिटेड,
कोलकाता,
अल्ट्राटेक
सीमेंट
लिमिटेड,
आदित्य
बिड़ला
ग्रुप,
बिड़ला
कॉपोरेशन
लिमिटेड,
कोलकाता,
ऊर्जा
विभाग
में
डीसीओ
रिन्यूएबल
एनर्जी
इंडिया
लिमिटेड।
उज्जैन-
खनिज
विभाग
में
गोल्डक्रेस्ट
सीमेंट
प्राइवेट
लिमिटेड,
अल्ट्राटेक
सीमेंट
लिमिटेड,
आदित्य
बिड़ला
ग्रुप,
बिड़ला
कॉर्पाेरेशन
लिमिटेड
कोलकाता,
ऊर्जा
विभाग
में
डीसीओ
रिन्यूएबल
एनर्जी
इंडिया
लिमिटेड।
शहडोल-
खनिज
विभाग
में
ऑरो
काल
प्राइवेट
लिमिटेड,
रामदास
वर्मा
एंड
कंपनी,
सारदा
एनर्जी
एंड
मिनरल्स
लिमिटेड,
रायपुर,
जेके
सीमेंट
लिमिटेड,
रामदास
वर्मा
एंड
कंपनी।
शहरी
विकास
विभाग
में
सेलेक्ट
बिल्डर्स
प्राइवेट
लिमिटेड।
नर्मदापुरम-
उद्योग
विभाग-
पुनर्जागरण
सौर
और
इलेक्ट्रानिक
सामग्री
प्राइवेट
लमिटेड,
सात्विक
सोलर
इंडस्ट्रीज
प्राइवेट
लिमिटेड,
इनवेनिरे
एनर्जी
लिमिटेड,
ग्रू
एनर्जी
प्राइवेट
लिमिटेड।
चंबल
–
उद्योग
विभाग
में
एलिक्सर
इंडस्ट्रीज
प्राइवेट
लिमिटेड।
सागर-
शहरी
विकास
में
घनाराम
इंफ्रास्ट्रक्चर
प्राइवेट
लिमिटेड,
झांची,
उत्तर
प्रदेश,
जेएसडब्ल्यू
सीमेंट
लिमिटेड।