
राजधानी
भोपाल
में
24
फरवरी
को
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट
का
शुभारंभ
होगा।
इसमें
जर्मनी
पार्टनर
कंट्री
केरूप
में
शामिल
होंगा।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
जर्मनी
के
म्यूनिख
दौरे
के
दौरान
सीआईआई
और
जर्मन
इंडियन
इनोवेशन
कॉरिडोर
–
सेंट्रल
इंडिया
के
समन्वय
से
जर्मन
निवेशकों
को
मध्यप्रदेश
में
निवेश
करने
के
लिए
आमंत्रित
किया
था।
समिट
में
जर्मन
पैवेलियन
स्थापित
किया
जाएगा,
जहां
भारत-जर्मनी
सहयोग
के
अवसरों
का
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
इंडो-जर्मन
चैंबर
ऑफ
कॉमर्स
के
तत्वावधान
में
एक
एमओयू
(समझौता
ज्ञापन)
हस्ताक्षरित
किया
जाएगा,
जो
मध्यप्रदेश
में
सतत
और
दीर्घकालिक
निवेश
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
होगा।
इस
समझौते
के
तहत
जर्मन
कंपनियां
विभिन्न
क्षेत्रों
में
विकास
कार्यों
में
भाग
लेंगी।
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जर्मनी
की
कंपनियाँ
मध्यप्रदेश
में
करेंगी
निवेश
मध्यप्रदेश
में
रासायनिक,
फार्मा
और
हार्डवेयर
इंजीनियरिंग
के
क्षेत्र
में
पहले
से
कई
जर्मन
कंपनियां
कार्यरत
हैं।
अब
सूचना
प्रौद्योगिकी,
ग्लोबल
स्किल
डेवलपमेंट,
सेंटर
ऑफ
एक्सीलेंस,
डेयरी
फार्मिंग,
फूड
प्रोसेसिंग,
साइंस
और
टेक्नोलॉजी,
डीप
टेक्नोलॉजी
और
अक्षय
ऊर्जा
के
क्षेत्रों
में
भी
जर्मन
कंपनियां
निवेश
करने
की
इच्छुक
हैं।
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जर्मन
पैवेलियन
में
होगा
सामाजिक
और
आर्थिक
विकास
परियोजनाओं
का
प्रदर्शन
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट
में
जर्मन
पैवेलियन
के
माध्यम
से
ग्रीन
एनर्जी,
शिक्षा,
महिला
सशक्तिकरण
और
कौशल
विकास
की
सामाजिक-आर्थिक
परियोजनाओं
का
भी
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
ये
परियोजनाएं
जर्मन
संगठन
जीआईजेड
द्वारा
वित्त
पोषित
हैं
और
मध्यप्रदेश
में
एनआईसीटी
इंदौर,
महिला
एवं
बाल
विकास
विभाग
और
कृषि
विभाग
के
सहयोग
से
क्रियान्वित
की
जा
रही
हैं।