
मध्य
प्रदेश
के
इतिहास
में
दर्ज
हो
चुकी
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट-2025
का
मंगलवार
शाम
समापन
हुआ।
समापन
सत्र
में
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
ने
इस
आयोजन
की
जमकर
तारीफ
की।
उन्होंने
यह
भी
कहा
कि
इस
वैश्विक
सम्मेलन
की
सफलता
मध्य
प्रदेश
के
विकास
को
गति
देगी।
यह
समिट
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
दो
सपनों
को
साकार
करने
में
भी
सहायक
होगी।
पीएम
मोदी
ने
साल
2047
तक
भारत
को
विकसित
राष्ट्र
और
2027
तक
देश
को
विश्व
की
तीसरी
सबसे
बड़ी
अर्थव्यवस्था
बनाने
का
लक्ष्य
रखा
है।
इस
जीआईएस
ने
न
केवल
मध्य
प्रदेश,
बल्कि
भारत
के
भी
विकास
को
गति
दी
है।
वहीं,
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
राज्य
सरकार
इस
दौरान
हुए
करारों
को
धरातल
पर
उतारेगी। केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
ने
कहा
कि
इस
दो
दिवसीय
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट
के
लिए
सीएम
डॉ.
मोहन
यादव
और
उनकी
पूरी
टीम,
उनके
मंत्रिमंडल
और
मुख्य
सचिव
से
लेकर
पूरी
प्रशासनिक
टीम
को
बधाई
देता
हूं।
दो
दिन
के
अंदर
30
लाख
77
हजार
करोड़
रुपये
के
एमओयू
हुए।
मुझे
पूरा
विश्वास
है
कि
ये
एमओयू
जमीन
पर
उतरेंगे।
दो
दिन
के
कार्यक्रम
में
200
से
अधिक
भारतीय
कंपनियां,
200
से
अधिक
वैश्विक
सीईओ,
20
से
अधिक
यूनिकॉर्न
संस्थापक
और
50
से
अधिक
देशों
के
प्रतिनिधि
मध्य
प्रदेश
में
निवेश
के
माहौल
को
देखने
आए।
यह
बहुत
बड़ी
उपलब्धि
है।
इस
बार
मध्य
प्रदेश
ने
नया
प्रयोग
भी
किया।
यह
प्रयोग
आने
वाले
दिनों
में
कई
राज्यों
को
भी
दिशा
दिखाने
वाला
होगा।
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हर
तरह
से
सक्षम
है
एमपी
शाह
ने
कहा
कि
बिजली-पानी-सड़क
को
लेकर
जो
मध्य
प्रदेश
बीमारू
राज्य
माना
जाता
था।
बीजेपी
सरकार
ने
20
साल
में
उसे
बदलकर
रख
दिया
है।
बीजेपी
सरकार
के
20
साल
के
शासन
में
आज
यहां
5
लाख
किलोमीटर
रोड
नेटवर्क
है।
6
हवाई
अड्डे
हैं,
31
गीगावाट
की
ऊर्जा
क्षमता
है।
इसमें
से
30
प्रतिशत
ग्रीन
एनर्जी
है।
देश
भर
में
सबसे
ज्यादा
खनिज
पैदा
करने
वाला
राज्य
हमारा
मध्य
प्रदेश
है।
प्रदेश
देश
का
कॉटन
कैपिटल
भी
बन
गया
है।
फूड
प्रोसेसिंग
के
लिए
भी
मध्य
प्रदेश
महत्वपूर्ण
राज्य
माना
जाता
है।
एमपी
में
एक
स्ट्रैटेजिक
लोकेशन
है।
बेहतरीन
इंफ्रास्ट्रक्चर
यहां
बन
चुका
है।
एमपी
फूड
प्रोसेसिंग
के
लिए
भी
महत्वपूर्ण
राज्य
माना
जाता
है।
राज्य
सरकार
ने
2025
वर्ष
को
उद्योग
वर्ष
में
मनाने
का
तय
किया
है।
मार्केट
का
एक्सेस
भी
मध्यप्रदेश
से
ज्यादा
किसी
स्टेट
को
उपलब्ध
नहीं
है।
इसके
अलावा
पारदर्शी
शासन
ने
लोगों
को
निवेश
के
लिए
आकर्षित
किया
है।
यहां
लैंड,
लेबरफोर्स,
माइंस,
मिनरल्स
हैं।
उद्योग
की
संभावनाएं
और
अवसर
हैं।
आज
इस
जीआईएस
ने
न
केवल
मध्यप्रदेश
बल्कि
भारत
के
भी
विकास
को
गति
देने
का
काम
किया
है।
मध्यप्रदेश
आने
वाले
दिनों
में
भारत
के
प्रमुख
उद्योगों
को
स्थापित
करने
वाले
राज्य
बनेगा।
मध्य
प्रदेश
का
इकोनॉमिकल
डेवलपमेंट
भी
दिन
दूनी
रात
चौगुनी
होगा।
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हम
लगातार
विकास
कर
रहे
:
मोहन
यादव
सीएम
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
हमारी
ये
समिट
एक
अलग
प्रकार
के
दौर
में
पहुंच
रही
है।
भारत
वर्तमान
में
अपने
स्वर्णिम
काल
से
गुजर
रहा
है।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
देश
के
विकास
के
लिए
अनथक
और
अथक
मेहनत
कर
रहे
हैं।
इस
लक्ष्य
को
पाने
के
लिए
गृहमंत्री
अमित
शाह
उनके
साथ
कदम
से
कदम
मिलाकर
चल
रहे
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
प्रकृति
ने
प्रदेश
पर
विशेष
कृपा
की
है।
हमारे
यहां
पर्याप्त
पानी,
पर्याप्त
लैंड
बैंक
और
निवेश
के
लिए
अनुकूल
कानून-व्यवस्थाएं
हैं।
सीएम
ने
कहा
कि
हमने
अंतरराष्ट्रीय
स्तर
पर
यूके,
जर्मनी,
जापान
में
मध्य
प्रदेश
की
विकास
गाथा
प्रस्तुत
की।
हमने
पल-पल
निवेश
के
लिए
इकोसिस्टम
बनाने
का
प्रयास
किया।
देश-विदेश
के
उद्योगपतियों
ने
अपने
मन
की
जिज्ञासाओं
को
हमसे
साझा
किया
और
हमने
उनका
समाधान
किया।
हम
निवेशकों
के
लिए
सिंगल
विंडो
सिस्टम
लेकर
आए
हैं।
ताकि,
उद्योगपतियों
को
किसी
तरह
की
परेशानी
न
हो।
हमने
इस
पूरे
वर्ष
को
“उद्योग
और
रोजगार”
को
समर्पित
किया
है।