
मध्यप्रदेश
की
धार्मिक
तीर्थनगरी
ओंकारेश्वर
में
सर्व
पितृ
मोक्ष
अमावस्या
मनाने
के
लिए
चौदस
से
ही
भक्तों
के
जत्थे
पहुंचने
लगे
हैं।
इसे
लेकर
विशेषकर
रात्रि
के
समय
में
पवित्र
नर्मदाजी
के
घाटों
पर
बाबा
ओमकार
के
भक्तों
का
भारी
जमावड़ा
लग
रहा
है।
यही
नहीं
इस
दौरान
बड़ी
संख्या
में
यहां
देवी
देवता
के
इष्ट
वाले
ओझाओं
को
भी
देखा
जा
सकता
है।
जो
कि
इन
दिनों
भगवान
ज्योतिर्लिंग
ओंकारेश्वर
की
नगरी
में
दूरदराज
से
आये
बाहरी
बाधाओं
से
पीड़ित
लोगों
का
इलाज
करते
देखे
जा
रहे
हैं।
वहीं,
ओंकारेश्वर
के
संगम
घाट,
नागर
घाट,
गौमुख
घाट,
ब्रम्हापुरी
घाट,
चक्रतीर्थ
घाट के
साथ
ही
नगर
के
समीपस्थ
खेड़िघाट
पर
भी
मंगलवार
देर
शाम
भक्तों
की
भारी
भीड़
रही।
बता
दें
कि बुधवार
को
सर्व
पितृ
मोक्ष
अमावस्या
है।
बाहरी
बाधाओं
से
पीड़ित
लोगों
के
लिए
तो
इस
अमावस्या
का
बड़ा
महत्व
है। हालांकि,
इसे
निमाड़
और
मालवा
के
क्षेत्र
में
भूतड़ी
अमावस्या
के
नाम
से
भी
जाना
जाता
है।
यही
नहीं यहां
तो
इसे
एक
पर्व
के
रूप
में
ही
मनाया
जाता
है, जिसके
चलते
इन
दिनों
इस
पर्व
पर
मालवा
और
निमाड़
के
भक्तों
संख्या
तीर्थनगरी
में
अधिक
देखी
जा
रही
है।
इधर,
पर्व
को
देखते
हुए
जिला
प्रशासन
ने
भी
तीर्थनगरी
में
सभी
पुख्ता
प्रबंध
किये
हुए
हैं।
यहां
सभी
घाटों
पर
नगर
परिषद
के
सफाई
दूतों
ने
सीएमओ
संजय
गीते
के
निर्देशन
में
स्वच्छता
पखवाड़े
के
अंतर्गत
जमकर
सफाई
की
हुई
है तो
वहीं
ओंकारेश्वर
नगर
में
भी
इस
दौरान
विशेष
स्वच्छता
का
ख्याल
रखा
जा
रहा
है।
यहां
आने
वाले
श्रद्धालुओं
को
गंदगी
करने
पर
रोको
टोको
अभियान
चलाकर
उन्हें
कचरा
फैलाने
से
रोका
टोका
जा
रहा
है।
वहीं,
भूतड़ी
अमावस्या
के
इस
अवसर
पर
स्थानीय
भाषा
में
जिन्हें
बड़वे
भोपे,
ओझा,
जानकार
कहा
जाता
हैं,
वे
भी
अपने
तंत्र
क्रियाओं
के
अस्त्र
शस्त्रों
को
पवित्र
नर्मदाजी
में
स्नान
कराएंगे, जिसके
बाद
तीन अक्तूबर
(गुरुवार)
से
शुरू
हो
रहे
नवरात्री
पर्व
पर
घट
स्थापना
के
साथ
ये
सभी
देवी
भक्त
मां दुर्गा
की
आराधना
करेंगे।

तीर्थनगरी
में
भूतड़ी
अमावस्या
मनाने
पहुंच
रहे
भक्तों
के
जत्थे

तीर्थनगरी
में
भूतड़ी
अमावस्या
मनाने
पहुंच
रहे
भक्तों
के
जत्थे

तीर्थनगरी
में
भूतड़ी
अमावस्या
मनाने
पहुंच
रहे
भक्तों
के
जत्थे