26
खादिम
उल
हुज्जाज
जाएंगे
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
बदन
पर
जैकेट,
सिर
पर
कैप
और
हर
वक्त
ग्रुप
में
सक्रियता
बनाए
रखने
की
अनिवार्यता
प्रदेश
के
खादिम
उल
हुज्जाज
के
लिए
की
गई
है।
इन्हें
हाजियों
की
शिकायतों
पर
तत्काल
कार्रवाई करने
और
हर
दिन
की
गतिविधि
की
जानकारी
हज
कमेटी
को
देने
की
हिदायत
दी
गई
है।
हज
2024
के
लिए
प्रदेश
से
करीब
7500
हाजी
सऊदी
अरब
जाएंगे।
हज
सफर
के
दौरान
हाजियों
के
मार्गदर्शन,
आपात
स्थिति
में
सहयोग
और
जरूरी
सुविधाओं
का
ख्याल
रखने
के
लिए
इस
बार
प्रदेश
से
26
खादिम
उल
हुज्जाज
(वालेंटियर्स)
भेजे
जाएंगे।
खादिमों
की
यह
तादाद
अब
तक
की
सबसे
बड़ी
संख्या
है।
गौरतलब
है
कि
प्रदेश
हज
कमेटी
हर
साल
हज
व्यवस्थाओं
के
लिए
खादिम
उल
हुज्जाज
भेजे
जाते
हैं।
50
साल
आयु
सीमा
वाले
शासकीय
कर्मचारियों
को
इसके
लिए
चुना
जाता
है।
इस
व्यवस्था
पर
हज
कमेटी
को
अपने
सालाना
बजट
से
राशि
खर्च
करना
होगी।
हाजियों
को
सौंपे
जा
रहे
मोबाइल
नंबर
प्रदेश
से
रवाना
होने
वाले
हाजियों
को
अन्य
जरूरी
दस्तावेजों
के
साथ
प्रदेश
के
खादिमों
के
मोबाइल
नंबर
भी
मुहैया
कराए
जा
रहे
हैं।
ताकि
सफर
के
दौरान
किसी
जरूरत
के
लिए
वे
इन्हें
आसानी
से
संपर्क
कर
सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह
बनाई
व्यवस्था
प्रदेश
हज
कमेटी
ने
व्यवस्था
सुचारू
रूप
से
संचालित
करने
के
लिए
प्रभारी
बनाया
है।
इनमें
फाजिल
कैफ
और
मोहम्मद
अबरार
खान
को
शामिल
किया
गया
है।
इसके
अतिरिक्त
चार खादिमुल
हुज्जाज
को
को-ऑडिनेटर
नियुक्त
किया
गया
है,
जो
प्रभारी
समन्वय
कर
हज
यात्रियों
की
समस्या
का
निराकरण
एवं
समय-समय
पर
संबंधित
अधिकारियों
द्वारा
दिये
गये
निर्देशों/आदेशों
का
पालन
कर
समस्त
कार्यों
की
रिपोर्ट
प्रस्तुत
करेंगे।
विज्ञापन
निर्देश
यह
भी
दिए
खादिमुल
हुज्जाज
सऊदी
अरब
पहुंचने
के
बाद
प्रत्येक
को-ऑडिनेटर
अपने
साथ
5-5
खादिमुल
हुज्जाज
की
टीम
बनाकर
प्रभारी
के
साथ
समन्वय
कर
मिशन
हज-2024
के
कार्यों
को
पूर्ण
करेंगे।
सभी
खादिमुल
हुज्जाज
अपने-अपने
कार्यों
का
पूर्ण
रूप
से
पालन
करेंगे,
आवश्यक
रूप
से
जैकेट
के
साथ
कैप
पहने
रहेंगे
एवं
कार्यालय
मध्यप्रदेश
राज्य
हज
कमेटी,
भोपाल
द्वारा
बनाए
गए
24
घंटे कॉल
सेन्टर
एवं
WhatsApp
Group
“MPSHC
KUH-2024”
में
लगातार
अपडेट
रहकर
एवं
कार्यालय
मध्यप्रदेश
राज्य
हज
कमेटी
द्वारा
ग्रुप
में
शिकायत
अपलोड
होने
पर
तत्काल
शिकायत
का
निराकरण
कर
ग्रुप
में
अपडेट
करेंगे।
साथ
में
हज
कमेटी
ऑफ
इण्डिया
द्वारा
हज
सुविधा
एप
का
भी
पूर्ण
रूप
से
पालन
करेंगे।
इसलिए
कसी
जा
रही
नकेल
पूर्व
में
जारी
व्यवस्था
के
दौरान
अधिकांश
खादिम
उल
हुज्जाज
सऊदी
अरब
पहुंचने
के
बाद
हाजियों
के
संपर्क
से
बाहर
हो
जाते
हैं।
ऐसे
में
जरूरत
के
समय
हाजियों
को
इनसे
मिलने
वाला
सहयोग
और
मार्गदर्शन
नहीं
मिल
पाता
है।
नतीजा
यह
है
बड़ी
राशि
खर्च
कर
भेजे
जाने
वाले
खादिमों
से
कोई
आउटपुट
नहीं
मिल
पाता
है।
हज
के
दौरान
और
हज
से
वापसी
पर
कई
हाजी
इस
बारे
में
शिकायत
कर
चुके
हैं।
विज्ञापन
इनका
कहना
है
खादिमों
के
भेजे
जाने
का
मकसद
पूरा
हो।
हाजियों
को
इनसे
सुविधा
और
सहयोग
मिले,
इसी
धारणा
के
साथ
खादिम
उल
हुज्जाज
को
पाबंदियों
में
बांधा
गया
है।
इसके
बाद
भी
इन
खादिमों
की
कोई
मिलने
पर
इनके
खिलाफ
विभागीय
कार्रवाई की
जाएगी।
साथ
ही
इनकी
यात्रा
पर
हुए
खर्च
की
भी
वसूली
की
जाएगी।
डॉ.
फरजाना
गजाल,
प्रशासनिक
अधिकारी,
मप्र
राज्य
हज
कमेटी
…भोपाल
से
खान
आशु
की
रिपोर्ट