
करीब
एक
साल
पहले
हुए
90
लाख
रुपये
के
गबन
के
मामले
में
हाईकोर्ट
ने
आरोपी
लक्ष्मीदास
उर्फ
रीना
रघुवंशी
की
जमानत
याचिका
पर
कड़ा
रुख
अपनाया
है।
अदालत
ने
साफ
कर
दिया
है
कि
जब
तक
आरोपी
पूरी
राशि
जमा
नहीं
करता
उसे
जमानत
नहीं
दी
जाएगी। आरोपी
लक्ष्मीदास
पर
आरोप
है
कि
उसने
ऑनलाइन
दस्तावेजों
के
जरिए
फर्जीवाड़ा
कर
90
लाख
रुपये
निकाले।
मामले
की
जांच
के
दौरान
पुलिस
ने
उसे
गिरफ्तार
किया,
लेकिन
जमानत
के
लिए
तय
शर्तें
पूरी
न
करने
के
कारण
उसे
राहत
नहीं
मिल
सकी।
हाईकोर्ट
ने
पहले
ही
स्पष्ट
कर
दिया
था
कि
बिना
पूरी
राशि
जमा
किए
जमानत
संभव
नहीं
होगी।
विज्ञापन
Trending
Videos
ये
भी
पढ़ें- भावना
हत्याकांड
के
आरोपियों
पर
दस-दस
हजार
का
इनाम,
भोपाल
से
धार
भागे
विज्ञापन
सुप्रीम
कोर्ट
से
भी
नहीं
मिली
राहत
आरोपी
ने
इस
फैसले
को
चुनौती
देते
हुए
सुप्रीम
कोर्ट
में
अपील
दायर
की
थी,
जिसमें
उसने
दावा
किया
कि
उसके
वकील
ने
बिना
अनुमति
के
90
लाख
रुपये
जमा
करने
की
बात
कही
थी।
हालांकि,
सुप्रीम
कोर्ट
ने
इसे
हाईकोर्ट
के
अधिकार
क्षेत्र
का
मामला
बताते
हुए
सुनवाई
से
इनकार
कर
दिया।
इस
मामले
में
आरोपी
के
भाई
हर्ष
रघुवंशी
को
पहले
ही
गिरफ्तार
कर
जेल
भेजा
जा
चुका
है।
हाईकोर्ट
ने
अब
उसकी
जमानत
भी
रद्द
कर
दी
है,
जबकि
लक्ष्मीदास
के
मामले
में
फैसला
सुरक्षित
रखा
गया
है।
ये
भी
पढ़ें- सहकारी
सोसायटी
के
कर्मचारी
से
32
लाख
की
लूट,
नकाबपोश
बदमाश
छीन
ले
गए
रुपयों
से
भरा
बैग
पुलिस
जांच
और
बरामदगी
पुलिस
ने
इस
गबन
के
मामले
में
लक्ष्मीदास,
उसके
भाई
हर्ष
रघुवंशी,
मनीष
सोनी
और
सागर
को
आरोपी
बनाया
है।
जांच
के
दौरान
पुलिस
ने
आरोपी
द्वारा
इस्तेमाल
की
गई
एमजी
हेक्टर
कार
भी
जब्त
कर
ली
है।
अब
सभी
की
नजर
इस
पर
टिकी
है
कि
क्या
आरोपी
अदालत
की
शर्तें
पूरी
कर
पाएगा
या
नहीं।
अगर
वह
90
लाख
रुपये
जमा
नहीं
करता,
तो
उसे
जमानत
मिलना
मुश्किल
होगा।