
जिला
मुख्यालय
अंतर्गत
वार्ड
क्रमांक
19
में
उस
वक्त
हड़कंप
मच
गया,
जब
एक
महिला
और
उसकी
बेटी
ने
वन
विकास
निगम
की
जांच
टीम
के
डिप्टी
रेंजर
को
अपने
ही
घर
में
बंधक
बना
लिया।
यह
मामला
लकड़ी
की
अवैध
तस्करी
की
जांच
से
जुड़ा
था।
बंधक
बनाए
गए
अधिकारी
को
काफी
मशक्कत
के
बाद
पुलिस
की
मदद
से
मुक्त
कराया
जा
सका।
प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार,
जनवरी
2025
में
वन
विकास
निगम
द्वारा
की
गई
एक
बड़ी
कार्रवाई
के
दौरान
तीन
घन
मीटर
अवैध
लकड़ी
जब्त
की
गई
थी।
इस
मामले
में
केस
भले
ही
रवि
महरा
नाम
के
व्यक्ति
के
नाम
पर
दर्ज
किया
गया
हो,
लेकिन
जांच
में
सामने
आया
कि
तस्कर
रामनिवास
शर्मा
की
भी
इसमें
भूमिका
थी।
इसी
मामले
की
पुष्टि
करने
के
लिए
वन
विकास
निगम
की
टीम
रविवार
को
रामनिवास
शर्मा
के
घर
पहुंची
थी,
जहां
उनकी
पत्नी
और
बेटी
ने
डिप्टी
रेंजर
को
घेरकर
घर
के
अंदर
बंधक
बना
लिया
और
मारपीट
भी
की।
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सामने
आई
तस्वीरें
घटना
की
सूचना
मिलते
ही
वन
विभाग
के
अन्य
अधिकारी
सतर्क
हुए
और
उन्होंने
तत्काल
अतिरिक्त
पुलिस
अधीक्षक
प्रतिपाल
सिंह
महोबिया
को
सूचना
दी।
निर्देश
मिलने
पर
कोतवाली
पुलिस
मौके
पर
पहुंची
और
डिप्टी
रेंजर
को
महिला
के
कब्जे
से
मुक्त
कराया।
मामला
यहीं
नहीं
रुका।
कार्रवाई
से
बचने
के
लिए
महिला
खुद
कोतवाली
पहुंची
और
डिप्टी
रेंजर
पर
छेड़खानी
का
आरोप
जड़
दिया।
पुलिस
ने
जब
महिला
की
मेडिकल
जांच
(एमएलसी)
कराने
की
कोशिश
की,
तो
उसने
इससे
इनकार
कर
दिया
और
कोतवाली
से
चुपचाप
निकल
गई।
वन
विकास
निगम
अधिकारियों
के
अनुसार,
रामनिवास
शर्मा
पर
पहले
से
ही
लकड़ी
तस्करी
के
कई
मामले
दर्ज
हैं
और
वह
लंबे
समय
से
विभाग
की
निगरानी
में
है।
टीम
इसी
संदिग्ध
भूमिका
की
जांच
के
तहत
शर्मा
के
घर
गई
थी,
लेकिन
वहां
स्थिति
हिंसक
हो
गई।