
श्रावण
माह
के
पहले
सोमवार
को
ओंकारेश्वर
में
आस्था
का
अद्भुत
संगम
देखने
को
मिला।
देश
के
12
ज्योतिर्लिंगों
में
से
एक
चतुर्थ
ज्योतिर्लिंग
ओंकारेश्वर
मंदिर
में
सुबह
से
ही
श्रद्धालुओं
की
भारी
भीड़
उमड़
पड़ी।
भक्तों
ने
पवित्र
नर्मदा
नदी
में
स्नान
कर
भगवान
भोलेनाथ
का
जलाभिषेक
किया
और
पूजा-अर्चना
की।
मंदिर
के
पट
सोमवार
तड़के
सुबह
4
बजे
श्रद्धालुओं
के
लिए
खोल
दिए
गए,
जिसके
बाद
5
बजे
प्रातःकालीन
आरती
संपन्न
हुई।
इससे
पूर्व
ही
मंदिर
परिसर
में
श्रद्धालुओं
की
लंबी
कतारें
लग
गई
थीं।
‘बोल
बम’,
‘जय
ओंकार’
और
‘भोलेनाथ
की
जय’
के
उद्घोषों
से
वातावरण
भक्तिमय
हो
उठा।
श्रावण
माह
में
भगवान
शिव
की
पूजा
और
अभिषेक
का
विशेष
महत्व
माना
जाता
है।
मान्यता
है
कि
इस
पवित्र
माह
में
भगवान
शिव
अपने
भक्तों
की
सभी
मनोकामनाएं
पूर्ण
करते
हैं।
इसी
आस्था
के
चलते
सुबह
से
ही
हजारों
श्रद्धालु
ओंकारेश्वर
पहुंचने
लगे।
इस
बार
श्रावण-भाद्रपद
माह
में
कुल
छह
सोमवार
पड़
रहे
हैं।
हर
सोमवार
को
ओंकारेश्वर
महाराज
की
शाही
सवारी
नौका
विहार
और
नगर
भ्रमण
पर
निकलेगी।
आज
पहले
सोमवार
को
दोपहर
4
बजे
से
बाबा
महाकाल
की
सवारी
नगर
भ्रमण
पर
निकलेगी,
जिसके
साथ
गुलाल
महोत्सव
भी
मनाया
जाएगा।
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Temple:
यहां
रात
में
विश्राम
करने
आते
बाबा
महाकाल!
होती
है
त्रिकाल
पूजा,
सावन
में
खास
तैयारियां
श्रद्धालुओं
की
सुविधा
के
लिए
झूला
पुल
और
पुराने
पुल
दोनों
मार्गों
से
दर्शन
के
लिए
भक्तों
का
आना
लगातार
जारी
है।
मंदिर
प्रशासन
के
अनुसार,
आज
सुबह
5
बजे
प्रातः
आरती
से
शुरू
हुआ
सामान्य
दर्शन
का
क्रम
रात
10
बजे
शयन
आरती
तक
जारी
रहेगा।
सुरक्षा
व्यवस्था
और
श्रद्धालुओं
की
सुविधा
के
लिए
विशेष
इंतजाम
किए
गए
हैं।