MP: 51 फीट की अनोखी कांवड़ लेकर निकले कटनी के शिवभक्त, 200 श्रद्धालु 5 दिनों में तय करेंगे 915 किमी की दूरी


सावन
मास
के
पावन
अवसर
पर
कटनी
जिले
से
आस्था
और
भक्ति
में
डूबे
मां
जालपा
64
योगिनी
शिवशक्ति
कांवड़िया
संघ
के
लगभग
201
श्रद्धालुओं
का
विशाल
जत्था
बाबा
बैजनाथ
धाम
में
गंगाजल
अर्पित
करने
के
लिए
रवाना
हुआ
है।
यह
जत्था
कटनी
से
ट्रेन
द्वारा
सुल्तानगंज
पहुंचेगा,
जहां
से
गंगा
तट
से
कांवड़
में
गंगाजल
भरकर
पैदल
यात्रा
करते
हुए
बाबा
बैजनाथ
धाम
पहुंचेगा।

कटनी
की
सड़कों
पर
जब
ढोल-नगाड़ों
की
गूंज
के
बीच
बोल
बम
के
जयकारे
लगाते
शिवभक्तों
का
जत्था
निकला
तो
जगह-जगह
श्रद्धालुओं
का
लोगों
ने
फूल
बरसाकर
भव्य
स्वागत
किया।
इस
दौरान
शिवभक्तों
के
हाथों
में
51
फीट
लंबी
आकर्षक
कांवड़
देखने
को
मिली।
इस
विशाल
कांवड़
के
आगे
गंगाजल
कलश
रखा
गया
था,
बीच
में
21
शिवलिंग
और
अंत
में
भगवान
शिव
का
त्रिशूल
स्थापित
किया
गया
था। 

इस
भव्य
कांवड़
यात्रा
का
नेतृत्व
कर
रहे
विकास
पांडा
ने
बताया
कि
कटनी
से
पिछले
35
वर्षों
से
लगातार
कांवड़
यात्रा
निकाली
जा
रही
है।
श्रद्धालु
कटनी
से
पहले
सुल्तानगंज
जाकर
गंगाजल
भरते
हैं
और
फिर
पैदल
बाबा
बैजनाथ
धाम
पहुंचकर
जलाभिषेक
करते
हैं।


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मंदिर
रोपवे
से
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कर्मचारियों
को
हटाने
की
मांग,
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दल
ने
सौंपा
ज्ञापन

विकास
पांडा
के
अनुसार
इस
बार
की
यात्रा
में
हर
आयु
वर्ग
के
श्रद्धालु
शामिल
हैं।
महिलाएं,
बच्चे
और
बुजुर्ग
सभी
मिलाकर
200
से
अधिक
शिवभक्त
हैं।
उन्होंने
बताया
कि
सभी
श्रद्धालु
पूरी
श्रद्धा
और
उत्साह
के
साथ
इस
पवित्र
और
चुनौतीपूर्ण
यात्रा
पर
निकले
हैं।
इसके
लिए
करीब
एक
माह
पहले
से
तैयारियां
शुरू
कर
दी
गई
थीं।
इस
वर्ष
विशेष
रूप
से
51
फीट
लंबी
एक
अत्यंत
आकर्षक
कांवड़
तैयार
की
गई
है,
जिसे
रंग-बिरंगे
वस्त्रों
और
मनमोहक
रोशनी
से
सजाया
गया
है।
यह

सिर्फ
सामूहिक
भक्ति
का
प्रतीक
है,
बल्कि
श्रद्धालुओं
की
एकता
और
भगवान
भोलेनाथ
के
प्रति
अगाध
प्रेम
को
भी
दर्शाती
है।

आपको
बता
दें
कि
कटनी
से
निकले
कांवड़िए
करीब
915
किलोमीटर
की
दूरी
तय
कर
पांच
दिनों
में
बाबा
बैजनाथ
धाम
पहुंचेंगे
और
सोमवार
को
गंगाजल
अर्पित
कर
भोलेनाथ
के
दर्शन
करेंगे।
जब
भोजन,
स्वास्थ्य
सुविधाओं
और
सुरक्षा
जैसी
व्यवस्थाओं
के
बारे
में
श्रद्धालुओं
से
पूछा
गया,
तो
उन्होंने
पूरे
विश्वास
से
कहा,
“भोलेनाथ
सब
व्यवस्था
स्वयं
संभालते
हैं।”
यह
जवाब
उनके
गहरे
विश्वास
और
प्रभु
पर
अटूट
भरोसे
को
दर्शाता
है,
जो
कठिन
से
कठिन
परिस्थितियों
में
भी
उन्हें
आगे
बढ़ने
की
शक्ति
देता
है।