
देवास
जिले
के
कन्नौद
से
एक
ऐसी
घटना
सामने
आई,
जहां
शासकीय
महाविद्यालय
में
पदस्थ
एक
प्रोफेसर
द्वारा
भगवान
की
रंगोली
को
पैरों
से
मिटाने
का सीसीटीवी वीडियो
वायरल
हो
रहा
है।
वीडियो में
प्रोफेसर
पैरों
से
रंगोली
मिटाते
नजर
आ
रहा
है।
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दरअसल,
मामला
कन्नौद
के
महाविद्यालय
का
है।
जहां
छात्रों
द्वारा
रंगोली
बनाई
गई
थी,
जिसके
बाद
आरोपी
प्रोफेसर
ने
भगवान
की
रंगोली
को
पैरों
से
मिटा
दिया।
हालांकि,
रंगोली
किस
दिन
और
कार्यक्रम
के
दिन
बनाई
थी,
यह
अभी
तक
स्पष्ट
नहीं
हुआ
है।
मामले
के
सामने
आने
के
बाद
प्रभारी
प्राचार्य
प्रेमपाल
की
शिकायत
पर
पुलिस
ने
प्रकरण
दर्ज
कर
जांच
शुरू कर
दी
है।
वहीं,
प्रोफेसर
पर
कार्रवाई करते
हुए
प्रोफेसर
को
हटा
दिया
गया
है।
थाना
प्रभारी
तहजीब
काजी
के
अनुसार,
प्रकरण
दर्ज
होने
के
बाद
से
ही
आरोपी
प्रोफेसर
फरार
है।
प्रोफेसर
पर
पुलिस
ने
बीएनएस
की
धारा-298
और
196
में
प्रकरण
दर्ज
कर
जांच
शुरू कर
दी
है।
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भी
पढ़ें: MP
कांग्रेस
शुरू
करेगी
कार्यकर्ता
पंचायत,
संगठन
को
मजबूत
करने
की
कवायद,
PCC
चीफ
करेंगे
प्रदेश
का
दौरा
गौरतलब
है
कि आरोपी
प्रोफेसर के
विरुद्ध एबीवीपी
के
कार्यकर्ताओं
ने
भी
ज्ञापन
सौंपकर
कार्रवाई की
मांग
की
है।
ज्ञापन
और
वीडियो
के
साथ
प्रोफेसर
के
स्टेटस
के
विभिन्न
स्क्रीनशॉट
भी
वायरल
हो
रहे
हैं,
जिन
पर विद्यार्थी
परिषद
के
पदाधिकारियों
ने
आपत्ति
ली
है।
इधर
सहकारिता,
खेल
एवं
युवा
कल्याण
विभाग,
मध्यप्रदेश
शासन
के
मंत्री
विश्वास
सारंग
ने
भी
इस
मामले
में
कार्रवाई की
बात
कही
है।
साथ
ही
जिला
कलेक्टर
ने
भी
जांच
की
बात
कही
है।
कलेक्टर
ऋतुराज
सिंह
ने
घटना
को
लेकर
सहायक
प्रोफेसर
को
हटाने
की
बात
कही
है।
जहां
उन्होंने
कहा
है
कि
मेरे
मामले
में
संज्ञान
आया
है,
जिसे
लेकर कॉलेज
के
प्राचार्य
से
चर्चा
की
गई
है।
वहीं,
वीडियो
को
देखने
के
बाद
आगे
की
जांच
भी
की
जाएगी।
यह
भी
पढ़ें: अवैध
रूप
से
संचालित
अस्पताल
सील,
हॉस्पिटल
में
पदस्थ
MD
डॉक्टर
का
भाई
कर
रहा
था
संचालित
मामले
को
लेकर
कन्नौद
में
एफआईआर
दर्ज
असिस्टेंट
प्रोफेसर
के
द्वारा
रंगोली
मिटाए
जाने
को
लेकर
और
स्टेटस
पर
टिप्पणी
किए
जाने
को
लेकर
अखिल
भारतीय
विद्यार्थी
परिषद
के
कार्यकर्ताओं
ने
जहां
पर
प्राचार्य
के
विरुद्ध
ज्ञापन
दिया।
वहीं,
प्राचार्य
के
विरुद्ध
एफआईआर
दर्ज
किए
जाने
की
मांग
भी
की थी।
पुलिस
ने
एफआईआर
दर्ज
की
है
और
अब
इसे
लेकर
आगे
की
जांच
भी
की
जाएगी।
भोपाल
तक
पहुंचा
मामला
अखिल
भारतीय
विद्यार्थी
परिषद
के
कार्यकर्ताओं
ने
जहां
असिस्टेंट
प्रोफेसर
के
विरुद्ध
ज्ञापन
दिया
था।
वहीं, उच्च
शिक्षा
मंत्री
को
ज्ञापन
भी
गया
था।
अब
मामले
में
मंत्री
विश्वास
सारंग
में
भी
संज्ञान
में
लिया
है
और
कहा है
कि
इस
तरह
की
गतिविधियों
पर
संज्ञान
लिया
जाएगा। यदि
प्राचार्य
द्वारा कोई
अपमान
किया
गया
है
तो
उस
पर
कार्रवाई
की
जाएगी।