
बरसात
से
पहले
इंदौर
नगर
निगम
एक्शन
में
आ
गया
है।
छोटी
ग्वालटोली
क्षेत्र
में
अति
संवेदनशील
स्थिति
में
पहुंचे
एक
जर्जर
भवन
को
ध्वस्त
कर
दिया
गया।
करीब
चार
हजार
स्क्वेयर
फीट
में
बने
इस
खतरनाक
भवन
को
लेकर
निगम
ने
पंद्रह
दिन
पहले
ही
नोटिस
जारी
कर
दिया
था,
लेकिन
मकान
मालिक
ने
खतरनाक
हिस्से
को
नहीं
तोड़ा।
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शनिवार
सुबह
नगर
निगम
का
अमला
मौके
पर
पहुंचा,
तो
किराएदारों
भवन
में
थे।
उन्होंने
सामान
निकलने
को
कहा
तो
किराएदार
विरोध
करने
लगे।
उनका
कहना
है
कि
वे
वर्षों
से
मकान
में
रह
रहे
है,
लेकिन
उन्हें
मकान
मालिक
की
तरफ
से
पर्याप्त
मुआवजा
नहीं
दिया
गया।
अफसरों
ने
कहा
कि
हादसा
न
हो,
इसलिए
मकान
तोड़ना
जरुर
है।
दबाव
बनाने
के
बाद
किराएदारों
ने
सामना
बाहर
निकाला
और
नगर
निगम
ने
जेसीबी
की
मदद
से
मकान
को
तोड़ना
शुरू
कर
दिया।
निगम
के
अमले
के
साथ
पुलिस
जवान
भी
मौजूद
थे।
इस
कारण
विरोध
करने
वाले
प्रदर्शन
नहीं
कर
पाए।
करीब
दो
घंटे
में
पूूरे
मकान
को
जमींदोज
कर
दिया
गया।
यह
मकान
70
साल
से
ज्यादा
पुराना
था
और
तल
मंजिल
के
हिस्से
में
कुछ
दुकानें
भी
थी।
मकान
तोड़े
जाने
के
दौरान
कुछ
समय
के
लिए
यातायात
भी
बाधित
होता
रहा
।नगर
निगम
अब
अन्य
जर्जर
भवनों
की
सूची
पर
भी
कार्रवाई
की
तैयारी
में
है
ताकि
बारिश
में
कोई
बड़ा
हादसा
न
हो
सके।
खतरनाक
मकानों
की
सूची
में
100
से
ज्यादा
मकान
है।
ज्यादातर
खतरनाक
मकान
सराफा,
राजवाड़ा,
छावनी,
खजूरी
बाजार
और
ग्वालटोली
क्षेत्र
में
है।