Indore: ड्रेनेज घोटाले में बड़े अफसरों को छोड़ा, दो छोटे कर्मचारियों को नाप दिया

Indore: ड्रेनेज घोटाले में बड़े अफसरों को छोड़ा, दो छोटे कर्मचारियों को नाप दिया
Indore: Big officers let go in drainage scam, two junior employees sacked

इंदौर
नगर
निगम
में
घोटाला।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

नगर
निगम
के
28
करोड़
रुपए
के
घोटाले
में
अभी
तक
बड़े
अफसरों
पर
तो
गाज
नहीं
गिरी,
लेकिन
लेखा
शाखा
 के
दो
कर्मचारियों
को
हटाकर
ट्रेंचिंग
ग्राउंड
भेज
दिया
हैै।
विभाग
स्तर
पर
घोटाले
की
जांच
हो
रही
है।
उसकी
रिपोर्ट
अभी
नहीं
आई
है,
लेकिन
दोनो
कर्मचारियों
को
उससे
पहले
ही
हटा
दिया
है।

28
करोड़
के
घोटाले
की
फाइलों
पर
जिन
अफसरों
के
हस्ताक्षर
है,
वे
घोटाले
में
लिप्त
नहीं
होने
की
सफाई
दे
रहे

उनका
कहना
है
कि
हस्ताक्षर
जाली
है
और
दस्तावेज
भी
फर्जी
लगाए
गए
है।
जिन
फर्मों
के
बिल
तैयार
हुए
थे,
उन्हें
वह
काम
ही
नहीं
दिया
गया।

मेयर
पुष्य
मित्र
भार्गव
ने
खुद
घोटाले
में
अफसरों
के
शामिल
होने
की
शंका
जताकर
घोटाले
की
उच्च
स्तरीय
जांच
की
मांग
की
है।
अपर
आयुक्त
ने
गुरुवार
को
इस
मामले
में
लेखा
विभाग
केे
कर्मचार
सुनील
भंवर
और भूपेंद्र
पुरोहित
को
लेखा
विभाग
से
हटा
दिया
हैै।
उनका
तबादला
देवगुराडिया
ट्रेंचिंग
ग्राउंड
पर
कर
दिया
गया।


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दो
साल
तक
छुपाए
रखा
अफसरों
ने
घोटाला

जिन
कामों
के
बिल
पांच
फर्मों
ने
लगाए
थे।
उनका
निर्माण
कार्य
दो
साल
पहले
होना
बताया
गया
था।
ड्रेनेज
विभाग
के
कुछ
अफसरों
को
घोटाले
की
जानकारी
पहले
से
थी,
लेकिन
उन्होंने
उसे
छुपाए
रखा।
लोकसभा
चुनाव
से
पहले
जनसुनवाई
में
इस
मामले
की
शिकायत
हुई
थी
तो
तत्कालीन
निगमायुुक्त
हर्षिका
सिंह
ने
इसकी
जांच
के
निर्देश
दिए
थे।
उनका
तबादला
होने
के
बाद
जांच
फिर
ठंडे
बस्ते
में
चली
गई,
लेकिन
निगम
के
चीफ
इंजीनियर
की
कार
से
घोटाले
की
फाइल
चोरी
होने
के
बाद
मामला
पुलिस
तक
पहुंचा।