
इंदौर
मेें
कोर्ट
की
तरफ
से बीआरटीएस
हटाने
की
मंजूरी
दो
माह
पहले
मिल
चुकी
है।अभी
तक
सिर्फ
500
मीटर
के
हिस्से
की
रैलिंग
ही
हट
पाई,
लेकिन
अफसरों
ने
बीआरटीएस
की
नई
सड़क
के
डिवाइडर
और
लाइटिंंग
के
लिए
टेंडर
जारी
कर
दिए।
अब
नए
सिरे
से
11
किलोमीटर
लंबी
सड़क
पर
करोड़ों
रुपये
खर्च
करने
की
तैयारी
नगर
निगम
ने
कर
ली
है।
उधर
बीआरटीएस
की
बस
रैंलिग
के
लिए
अभी
तक
कोई
एजेंसी
तैयार
नहीं
हुई
है।
विज्ञापन
Trending
Videos
ये
खबर
भी
पढ़ें: इंदौर
में
मिले
कोरोना
के
दो
नए
मरीज,
पांच
माह
में
पांच
मरीज
मिले
विज्ञापन
उसके
बनने
पर
ढाई
सौ
करोड़
रुपये
खर्च
हुए
थे
और तोड़ने
के
लिए
भी
निगम
टेंडर
जारी
कर
चुका
है।
अभी
बस
लेन
तोड़ी
नही
गई,
लेकिन
उससे
पहले
डिवाइडर
और
सेंट्रल
लाइटिंग
के
टेंडर
आमंत्रित
किए
गए
है।
इस
प्रोजेक्ट
पर
नगर
निगम
11
करोड़
रुपये
खर्च
कर
रहा
है।
बीआरटीएस की
बस
लेन
हटने
के
बाद
नगर
निगम
वहां
सेंट्रल
लाइट
लगाएगा।
इसके
अलावा
डिवाइडर
भी
बनाए
जाएंगे।
इसके
लिए
टेंडर
जारी
कर
दिए
गए,
लेकिन
सवाल
यह
है
कि बीआरटीएस
के
चौराहों
पर
लोक
निर्माण
विभाग
ब्रिज
बनाएगा।
इस
कारण
फिर
डिवाइडरों
और
सेंट्रल
लाइट
को
जंक्शन
के
आसपास
हटाना
पड़
सकता
है।
इस
बारे
में
जनकार्य
समिति
प्रभारी
राजेंद्र
राठौर
ने
कहा
कि
ब्रिज
के
समय
फिर
डिवाइडर
तोड़े
जा
सकते
है।
इस
कारण
टेंडर
में
संशोधन
किया
है।
इंदौर
के
निरंजनपुर
चौराहा
और
भंवरकुआ चौराहे
पर
ब्रिज
बनकर
तैयार
हो
चुके
है।
वहां
बस
लेन
का
बड़ा
हिस्सा
तोड़ा
गया
है।
नगर
निगम
ने
बीआटीएस
के
जंक्शनों
पर
ब्रिज
निर्माण
के
लिए
फिजिबिलिटी
सर्वे
भी
कराया
है।
अगले
साल
तक
तीन चौराहों
पर
ब्रिज
बनना
शुरू
हो
जाएंगे।