
राजा
की
हत्या
और
सोनम
के
लापता
होने
की
जांच
पर
कई
सवाल
खड़े
हो
रहे
हैं।
इंदौर
में
रहने
वाले
सोनम
के
पिता
देवी
सिंह
रघुवंशी
ने
अमर
उजाला
के
साथ
बातचीत
की।
इसमें
उन्होंने
खुलासा
किया
है
कि
राजा
का
शव
जिस
जगह
मिला
है
आखिर
वहां
पर
तीन
ट्रक
कचरा
कौन
डाल
गया?
क्या
शव
को
कचरे
के
नीचे
दबाने
की
साजिश
थी?
इन
सवालों
के
जवाब
शिलांग
पुलिस
को
खोजना
चाहिए।
आइए
जानते
हैं
सोनम
के
पिता
के
कुछ
और
सवालों
को?
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कमरे
में
रखा
सामान
नाले
के
पास
कैसे
मिला?
सोनम
के
पिता
देवी
सिंह
रघुवंशी
कह
रहे
हैं
कि
पुलिस
वाले
होटल
वालों
को
बचा
रहे
हैं।
जो
भी
राज़
निकलेंगे,
वो
होटल
से
ही
निकलेंगे।
पिता
का
कहना
है
कि
सोनम
और
राजा
के
भाइयों
से
होटल
वाले
दो
दिन
तक
कहते
रहे
कि
सारा
सामान
कमरे
में
रखा
हुआ
है।
जिस
कमरे
में
जिसमें
राजा
और
सोनम
ठहरे
हुए
थे।
फिर
पुलिस
ने
कहा
कि
उनको
सामान
रात
11
बजे
नाले
के
पास
से
मिला।
अब
पहला
सवाल
ये
उठता
है
कि
जो
सामान
कमरे
में
दो
दिन
तक
रखा
रहा,
वो
नाले
के
पास
तीसरे
दिन
कैसे
मिला?
उसको
कमरे
से
बाहर
निकालकर
नाले
के
पास
कौन
ले
गया?
दूसरा
सवाल
ये
है
कि
जो
पुलिस
वाले
शाम
6
बजे
ही
जांच
बंद
करके
जंगल
में
जाने
से
मना
करते
रहे।
वो
रात
11
बजे
नाले
के
पास
क्या
करने
पहुंचे
थे,
जहां
उनको
सामान
मिला।

गैंग
को
नए
हथियार
की
जरूरत
क्या
थी?
पुलिस
का
कहना
है
कि
राजा
की
हत्या
गैंग
ने
की।
हत्या
में
उपयोग
किया
गया
हथियार
नया
था,
जिससे
पेड़
काटे
जाते
हैं।
इस
पर
सोनम
के
पिता
देवी
सिंह
रघुवंशी
ने
सवाल
उठाए
हैं।
उनका
कहना
है
कि
पुलिस
के
अनुसार
ये
गैंगवार
है।
गैंग
के
पास
पिस्तौल
और
चाकू
होते
हैं।
गैंग
के
लोग
नया
हथियार
क्यों
खरीदेंगे?
वे
अपने
पास
रखे
हथियारों
का
इस्तेमाल
करेंगे।
अगर
मान
भी
लिया
जाए
कि
नया
हथियार
गैंग
ने
खरीदा
तो
फिर
वे
उसे
फेंक
के
क्यों
चले
गए?
अगर
गैंग
है
तो
उसे
आगे
भी
आपराधिक
घटनाओं
के
लिए
हथियार
की
जरूरत
पड़ेगी,
वो
भला
नया
हथियार
क्यों
फेंकने
लगे?
ये
हथियार
स्थानीय
व्यक्ति
ने
खरीदा
है।
जहां
राजा
का
शव
मिला
वहां
तीन
ट्रक
कचरा
कैसे
आया?
सोनम
के
पिता
का
आरोप
है
कि
बेटे
गोविंद
को
शिलांग
गए
10
दिन
हो
चुके
हैं।
छह
से
सात
दिन
तक
तो
पुलिस
उसको
मूर्ख
बनाती
रही।
थोड़ी
सी
बारिश
होती
थी
तो
पुलिस
वाले
कह
देते
थे,
पानी
के
छींटे
आ
रहे
हैं।
गाड़ी
में
बैठो।
खाई
के
अंदर
जहां
राजा
का
शव
मिला।
वहां
पर
दो
से
तीन
ट्रक
कचरा
कहां
से
आ
गया?
सबसे
बड़ा
सवाल
वहां
कचरा
कौन
डाल
गया?
वहां
पर
डंपिंग
किसने
की?
तीन
ट्रक
कचरा
स्पॉट
पर
आ
जाना
कोई
मामूली
बात
नहीं
है।
हो
सकता
है
कि
पहले
भी
कचरा
डाला
गया
हो
और
उसके
नीचे
उन
लोगों
के
शव
दबे
हुए
हों,
जो
वहां
से
पहले
लापता
हुए
हैं।
इन
सबकी
वजह
से
इस
पूरी
घटना
की
सीबीआई
जांच
होनी
चाहिए।
वहां
की
पुलिस
की
जांच
पर
भरोसा
नहीं
है।
तीन
मोबाइल
फोन
कहां
हैं?
पिता
का
कहना
है
कि
सोनम
और
राजा
के
पास
तीन
मोबाइल
फोन
थे।
वो
कहां
हैं?
ये
तीन
मोबाइल
फोन
स्कूटी
वाले
के
पास
होने
चाहिए।
स्कूटी
को
बिना
जांच
के
ही
पुलिस
ने
किराए
पर
देने
वाले
को
सौंप
दिया।
स्कूटी
किराए
पर
देने
के
लिए
कितने
पैसे
लिए?
किसकी
जमानत
पर
स्कूटी
दी
गई।
स्कूटी
देने
के
लिए
कितनी
रकम
सोनम
और
राजा
से
ली।
ये
सब
भी
जानना
जरूरी
है।
स्कूटी
वाले
के
पास
अभी
कितना
पैसा
जमा
है।
ये
भी
पता
नहीं
चल
पाया
है।
चाबी
स्कूटी
में
लगी
थी
तो
पुलिस
वालों
ने
डिक्की
खोलकर
क्यों
नहीं
देखी?
इन
सब
सवालों
के
जवाब
नहीं
मिल
पाए
हैं।
इस
वजह
से
हम
लोग
पीएम
नरेन्द्र
मोदी
और
गृहमंत्री
अमित
शाह
से
निवेदन
कर
रहे
हैं
कि
पूरे
मामले
की
सीबीआई
जांच
होनी
चाहिए।
#WATCH
|
Indore,
Madhya
Pradesh
|
Vipul
Raghuvanshi,
brother
of
Raja
Raghuvanshi,
says,
“I
am
getting
good
support
from
Madhya
Pradesh
from
both
BJP
and
Congress.
We
want
the
Meghalaya
government
to
cooperate
a
little
better
in
this…
The
Police
Administration
there
is
not…
https://t.co/tJGNhT7ocJ
pic.twitter.com/WHm0GCB9v8—
ANI
(@ANI)
June
7,
2025
पुलिस
पर
राजा
के
भाई
ने
भी
उठाए
सवाल,
मेघायल
सरकार
से
मांगा
सहयोग
राजा
का
शव
मिलने
के
बाद
सोनम
की
तलाश
में
जुटे
राजा
रघुवंशी
के
भाई
विपुल
रघुवंशी
ने
भी
पुलिस
जांच
और
कार्यशैली
पर
सवाल
खड़े
किए
हैं।
वे
पुलिस
की
जांच
से
संतुष्ट
नहीं
हैं।
इसके
लिए
उन्होंने
मेघायल
सरकार
से
सहयोग
की
मांग
की
है।
उनका
कहना
है
कि,
“मध्य
प्रदेश
में
मुझे
भाजपा
और
कांग्रेस
दोनों
से
अच्छा
समर्थन
मिल
रहा
है।
हम
चाहते
हैं
कि
मेघालय
सरकार
इस
मामले
में
थोड़ा
बेहतर
सहयोग
करे।
वहां
पुलिस
प्रशासन
ठीक
से
काम
नहीं
कर
रहा
है।
वे
घटनास्थल
के
50
फीट
के
दायरे
में
ही
तलाशी
ले
रहे
हैं,
जो
सीसीटीवी
फुटेज
(राजा
और
सोनम
के
अंतिम
ज्ञात
ठिकाने
की)
प्रसारित
हो
रही
है,
वह
संदिग्ध
लग
रही
है।”