इंदौर
की
सफाई
को
जांचने
नहीं
आई
टीम।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
सात
बार
लगातार
स्वच्छता
में
नंबर
वन
का
ताज
पहनने
वाले
इंदौर
का
स्वच्छता
सर्वेक्षण
अभी
तक
नहीं
हो
पाया
है।
उम्मीद
थी
कि
दिसंबर
माह
में
टीम
आएगी।
इसके
लिए
नगर
निगम
ने
खूब
तैयारियां
की।
वाॅल
पेंटिंग
हुई,
नालों
की
सफाई
की,
सड़कें
मशीनों
से
साफ
हुई,
लेकिन
दिल्ली
से
टीम
नहीं
आई।
इस
कारण
तैयारियां
धरी
रह
गई।
15
जनवरी
तक
सर्वे
के
लिए
टीम
आने
की
संभावना
है।
इसके
चलते
फिर
सफाई
अमला
सक्रिय
हो
चुका
है।
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सोमवार
रात
खुद
निगमायुक्त
शिवम
वर्मा
सफाई
व्यवस्था
का
जायजा
लेने
निकले
और
वार्ड
46
में
सफाई
संतोषजनक
नहीं
पाए
जाने
पर
सफाई
दरोगा
विजय
नरवले
को
निलंबित
कर
दिया।
इसके
अलावा
जोन
दस
के
सहायक
सीएसआई
संजय
वेद
का
तीन
दिन
का
वेतन
काटने
के
निर्देश
भी
दिए।
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निगमायुक्त
पाटनीपुरा
चौराहा,
विजय
नगर,
नेहरू
नगर,
विकास
नगर
सहित
अन्य
क्षेत्रों
की
सफाई
व्यवस्था
देखने
पहुंचे
थे।
स्वच्छता
सर्वेक्षण
वर्ष
2024
के
लिए
होना
है,
इसलिए
माना
जा
रहा
है
कि
जनवरी
के
दूसरे
सप्ताह
तक
सर्वे
देश
भर
में
शुरू
हो
जाएगा।
इस
बार
सूरत
और
नवी
मुबंई
से
शहर
को
सफाई
के
मामले
में
कड़ी
टक्कर
मिल
रही
है।
पिछले
साल
सूरत
ने
इंदौर
के
साथ
संयुक्त
रुप
से
पहला
पुरस्कार
साझा
किया
था।
यह
तैयारियां
है
सफाई
की
इंदौर
में
-रात
में
शहर
की
सड़कों
की
मशीनों
से
सफाई
की
जा
रही
है,
ताकि
सुबह
शहर
साफ
दिखे।
–
20
से
ज्यादा
छोटे-बड़े
नालों
की
गाद
निकाली
गई।
एक
हिस्से
में
ट्रेंच
खोद
कर
नाले
के
बाकी
हिस्से
को
सुखाया
गया।
–
गलियों
की
बेकलेन
साफ
की
गई।
इधर-उधर
पड़े
मलबे
के
ढेर
को
समेट
कर
ट्रेंचिंग
ग्राउंड
भेजा
गया।
–
शहर
में
डोर-
टू-डोर
कचर
वाहनों
की
संख्या
बढ़ाई
गई,
ताकि
सुबह
दस
बजे
तक
शहर
का
कचरा
ट्रांसवर
स्टेशनों
तक
पहुंच
सके।