सफाई
के
मुद्दे
पर
मेयर
और
नेता
प्रतिपक्ष
आमने
सामने।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंगार
बुधवार
को
इंदौर
में
थे।
उन्होंने
चुनावी
सभा
में
इंदौर
में
ड्रेनेज
घोटाले
के
साथ
स्वच्छता
में
नंबर
वन
आने
पर
कहा
कि
सफाई
में
सबसे
ज्यादा
नंबर
तो
इंदौरवासी
लाते
है।
वो
नंबर
कैसे
लाते
सबको
पता
है।
नगर
निगम
में
घोटाले
हो
रहे
है।
अफसर
निलंबित
किए
जा
रहे
है।
जनता
को
सबसे
पहले
नगर
निगम
में
स्वच्छता
शुरू
करना
होगी।
उनके
इस
बयान
पर
मेयर
पुष्यमित्र
भार्गव
ने
कहा
कि
स्वच्छता
रैंकिंग
पर
सवाल
उठाकर
सिंगार
ने
इंदौर
की
जनता
और
सफाई
मित्रों
का
अपमान
किया
है।
उन्हें
सार्वजनिक
रुप
से
माफी
मांगना
चाहिए।
मेयर
ने
कहा
कि
उमंग
का
बयान
विनाशकाले
विपरित
बुद्धि
का
प्रमाण
है।
जो
कांग्रेस
बची
है,
उसकी
सफाई
भी
13
मई
को
हो
जाएगी।
आपको
बता
दे
कि
इंदौर
में
सिंतबर
माह
में
पेटीएम
के
पूर्व
सह
संस्थाप
अशनीर
ग्रोवर
ने
स्वच्छता
सर्वे
खरीदने
का
आरोप
लगाया
था।
इस
मामले
में
उनके
खिलाफ
केस
भी
दर्ज
हो
चुका
है।
चुनावी
मुद्दा
बना
ड्रेनेज
लाइन
घोटाला
चुनावी
माहौल
के
बीच
सामने
आया
नगर
निगम
में
28
करोड़
का
ड्रेनेज
लाइन
घोटाला
चुनावी
मुद्दा
बन
चुका
है।
नगर
निगम
में
नेता
प्रतिपक्ष
चिंटू
चौकसे
भी
अपने
भाषणों
में
घोटाले
पर
लगतार
मुखर
हो
रहे
है।
मेयर
भार्गव
खुद
घोटाले
की
उच्च
स्तरीय
जांच
की
मांग
कर
चुके
है।
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वे
पांच
फर्मों
के
अलावा
नाला
टैपिंग
के
कामों
की
जांच
भी
कराना
चाहते
है।
28
करोड़
के
घोटाले
की
प्रारंभिक
रिपोर्ट
आने
के
बाद
मेयर
उसे
प्रमुख
सचिव
को
भेजेंगे।
उच्च
स्तरीय
जांच
को
लेकर
मेयर
पत्र
भी
लिख
चुके
है।
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