
जबलपुर
हाईकोर्ट
के
जस्टिस
विशाल
मिश्रा
की
एकलपीठ
ने
इंदौर
नगर
निगम
के
वर्तमान
सिटी
प्लानर
नीरज
आनंद
लिखार
को
पद
से
हटाने
के
आदेश
जारी
किए
हैं।
एकलपीठ
ने
उनके
जाति
प्रमाण
पत्र
की
जांच
के
निर्देश
हाईपावर
कमेटी
को
दिए
हैं।
याचिका
पर
अगली
सुनवाई
जून
माह
के
अंतिम
सप्ताह
में
निर्धारित
की
गई
है।
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कर
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मामला
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भोपाल
निवासी
सतीश
नायक
की
ओर
से
दायर
याचिका
में
कहा
गया
था
कि
नगर
निगम
इंदौर
के
वर्तमान
सिटी
प्लानर
नीरज
आनंद
लिखार
के
बड़े
भाई
अजय
लिखार
का
जाति
प्रमाण
पत्र
जांच
में
फर्जी
पाया
गया
है,
जिसके
बाद
उनकी
सेवा
समाप्ति
के
आदेश
जारी
किए
गए
हैं।
नीरज
आनंद
लिखार
ने
भी
एसटी
जाति
प्रमाण
पत्र
के
आधार
पर
नौकरी
प्राप्त
की
थी।
बड़े
भाई
की
तरह
उन्होंने
भी
एसटी
का
जाति
प्रमाण
पत्र
बनवाया
है,
जिसके
कारण
उनका
प्रमाण
पत्र
भी
संदेह
के
घेरे
में
है।
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कहा-
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तलवार
राज्य
शासन
की
ओर
से
एकलपीठ
को
बताया
गया
कि
विगत
माह
ही
जाति
प्रमाण
पत्र
की
जांच
के
लिए
हाईपावर
कमेटी
को
पत्र
भेजा
जा
चुका
है।
याचिकाकर्ता
की
ओर
से
दलील
दी
गई
कि
संदिग्ध
जाति
प्रमाण
पत्र
वाले
अधिकारी
को
महत्वपूर्ण
पद
पर
पदस्थ
न
किया
जाए।
एकलपीठ
ने
इस
आग्रह
को
स्वीकार
करते
हुए
उच्च
स्तरीय
समिति
से
जाति
प्रमाण
पत्र
की
जांच
तथा
अनावेदक
को
सिटी
प्लानर
के
पद
से
हटाने
के
आदेश
जारी
किए
हैं।
याचिकाकर्ता
की
ओर
से
अधिवक्ता
कपिल
शर्मा
ने
पैरवी
की।