Indore: भागीरथपुरा में नए मरीज हुए कम, पेयजल सप्लाई अभी भी सामान्य नहीं करा पाया निगम

शहर
के
भागीरथपुरा
क्षेत्र
में
पिछले
कुछ
दिनों
से
फैला
डायरिया
का
प्रकोप
अब
धीरे-धीरे
कम
होने
लगा
है।
राहत
की
बात
यह
है
कि
अस्पताल
में
भर्ती
मरीजों
की
संख्या
में
तेजी
से
गिरावट

रही
है
और
नए
मरीजों
के
मिलने
का
सिलसिला
भी
थमा
है।
गुरुवार
को
क्षेत्र
में
केवल
12
नए
मरीज
सामने
आए,
जिनमें
बीमारी
के
बहुत
कम
लक्षण
पाए
गए
हैं।

स्वास्थ्य
विभाग
से
मिले
आंकड़ों
के
अनुसार,
गुरुवार
को
50
से
ज्यादा
मरीजों
को
पूरी
तरह
ठीक
होने
के
बाद
अस्पताल
से
छुट्टी
दे
दी
गई।
फिलहाल
अलग-अलग
अस्पतालों
में
भर्ती
मरीजों
की
संख्या
घटकर
56
रह
गई
है।
नए
मिलने
वाले
मरीजों
की
हालत
ज्यादा
गंभीर
नहीं
है,
इसलिए
उनका
इलाज
घरों
पर
ही
किया
जा
रहा
है।


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हालांकि,
गंभीर
मरीजों
पर
अभी
भी
विशेष
नजर
रखी
जा
रही
है।
वर्तमान
में
9
मरीज
आईसीयू
में
भर्ती
हैं,
जिनमें
से
3
वेंटिलेटर
पर
हैं।
बच्चों
को
बेहतर
इलाज
के
लिए
चाचा
नेहरू
अस्पताल
और
अन्य
गंभीर
मरीजों
को
एमवाय

अरविंदो
अस्पताल
में
भर्ती
किया
गया
है।

बीमारी
को
फैलने
से
रोकने
के
लिए
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीमों
ने
पूरे
इलाके
में
मोर्चा
संभाल
रखा
है।
अब
तक
विभाग
की
टीमें
करीब
5,013
घरों
का
सर्वे
पूरा
कर
चुकी
हैं।
इस
दौरान
लगभग
25
हजार
लोगों
को
दवाओं
की
किट
बांटी
गई
है।
बस्ती
में
24
घंटे
डॉक्टरों
की
ड्यूटी
लगाई
गई
है
और
इमरजेंसी
के
लिए
5
एम्बुलेंस
तैनात
रखी
गई
हैं।
विभाग
का
कहना
है
कि
अब
‘रिंग
सर्वे’
का
काम
पूरा
हो
चुका
है।

एक
तरफ
स्वास्थ्य
विभाग
हालात
काबू
में
करने
का
दावा
कर
रहा
है,
वहीं
दूसरी
ओर
नगर
निगम
की
कार्यप्रणाली
पर
सवाल
खड़े
हो
रहे
हैं।
बीमारी
शुरू
हुए
15
दिन
बीत
चुके
हैं,
लेकिन
निगम
अब
तक
बस्ती
में
पीने
के
पानी
की
सप्लाई
सामान्य
नहीं
कर
पाया
है।
इलाके
के
लोगों
में
अब
भी
दूषित
पानी
आने
की
आशंका
बनी
हुई
है।
स्थानीय
लोगों
का
कहना
है
कि
जब
तक
साफ
पानी
की
व्यवस्था
नहीं
होती,
तब
तक
बीमारी
के
दोबारा
लौटने
का
खतरा
बना
रहेगा।