
आर्थिक
अपराध
अन्वेषण
शाखा
(EOW)
ने
इंदौर
में
13
करोड़
32
लाख
95
हजार
रुपये
की
स्टाम्प
ड्यूटी
चोरी
का
मामला
उजागर
किया
है।
इस
घोटाले
में
तीन
नामी
रियल
एस्टेट
कारोबारियों
और
रजिस्ट्रार
कार्यालय
के
दो
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
आरोपी
बनाया
गया
है।
मामले
में
विवेक
चुघ,
हितेन्द्र
मेहता
और
अजय
कुमार
जैन
सहित
वरिष्ठ
जिला
पंजीयक
अमरेश
नायडू
और
उप
पंजीयक
संजय
सिंह
के
खिलाफ
केस
दर्ज
कर
जांच
शुरू
कर
दी
गई
है।
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Indore
News:
इंदौर
खंडवा
रोड
पर
भारी
वाहन
प्रतिबंधित,
देवास
रोड
पर
अभी
भी
जाम
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डीएलएफ
गार्डन
सिटी
की
जमीन
की
कम
दर
पर
रजिस्ट्री
EOW
के
अनुसार,
एक्सक्लूसिव
रियल्टी
के
विवेक
चुघ,
सेवनहार्ट्स
बिल्डकॉन
एलएलपी
के
हितेन्द्र
मेहता
और
अजय
कुमार
जैन
ने
पंजीयक
कार्यालय
के
अधिकारियों
के
साथ
मिलकर
डीएलएफ
गार्डन
सिटी,
मांगल्या
रोड
की
जमीन
को
गलत
गाइडलाइन
दर
पर
रजिस्ट्री
कराया।
आरोपियों
ने
गाइडलाइन
दर
₹50,800
प्रति
वर्ग
मीटर
की
जगह
₹14,200
प्रति
वर्ग
मीटर
की
दर
से
रजिस्ट्री
कराई,
जिससे
शासन
को
करोड़ों
का
नुकसान
हुआ।
इसके
लिए
स्वीकृत
नक्शे
में
हेरफेर
कर
भूमि
का
केवल
आंशिक
भाग
अपलोड
किया
गया
और
क्षेत्र
का
नाम
बदलकर
मांगल्या
गांव
दर्शाया
गया।
EOW
ने
दर्ज
किया
मामला,
भ्रष्टाचार
की
धाराएं
शामिल
DSP
पवन
सिंघल
के
मुताबिक,
इस
गड़बड़ी
से
शासन
को
कुल
₹13,32,95,106
का
नुकसान
हुआ
है।
आरोपियों
पर
भारतीय
न्याय
संहिता
2023
की
धारा
318(4),
61(2),
338,
336(3),
340
और
भ्रष्टाचार
निवारण
संशोधन
अधिनियम
2018
की
धारा
7
(सी)
के
तहत
प्रकरण
दर्ज
किया
गया
है।
मामले
की
विवेचना
जारी
है
और
अन्य
संबंधित
दस्तावेजों
की
जांच
भी
की
जा
रही
है।
रजिस्ट्री
कार्यालय
पर
उठे
सवाल
इस
खुलासे
के
बाद
पंजीयन
विभाग
की
कार्यप्रणाली
पर
सवाल
खड़े
हो
गए
हैं।
प्रशासनिक
मिलीभगत
से
बड़े
स्तर
पर
राजस्व
की
हानि
होना
दर्शाता
है
कि
कैसे
अधिकारी
और
निजी
कारोबारी
साठगांठ
कर
सरकारी
राजस्व
को
चूना
लगा
रहे
हैं।
मामले
में
आगे
और
भी
नाम
सामने
आ
सकते
हैं।