जिला
कोर्ट।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
इंदौर
मेें
कांग्रेस
के
लोकसभा
प्रत्याशी
रहे
अक्षय
बम
भाजपा
में
तो
शामिल
हो
गए,लेकिन
उनकी
मुश्किलें
हल
नहीं
हुई
है।
नामांकन
पत्र
दाखिल
करने
वाले
दिन
बम
के
खिलाफ
17
साल
पुराने
जमीन
के
मामले
में
हत्या
के
प्रयास
की
धारा
बढ़ाई
थी।
इस
मामले
में
बम
ने
अग्रिम
याचिका
का
आवेदन
खाजिर
कर
दिया।
बम
के
पिता
ने
भी
अग्रिम
जमानत
का
आवेदन
लगाया
था,
वह
भी
खारिज
हो
गया।
अब
दस
मई
को
इस
मामले
में
लगी
याचिका
पर
सुनवाई
होगी।
कोर्ट
के
आदेश
पर
ही
पुलिस
ने
हत्या
के
प्रयास
की
धारा
बढ़ाई
है।
हत्या
के
प्रयास
की
धारा
का
उल्लेख
उन्होंनेे
अपने
शपथ
पत्र
में
नहीं
दिया
था।
इस
मुद्दे
पर
भाजपा
ने
आपत्ति
लेते
हुए
उनका
नामांकन
निरस्त
करने
की
मांग
भी
जिला
निर्वाचन
अधिकारी
से
की
थी,
लेकिन
उन्होंनेे
भाजपा
की
आवेदन
खाजिर
कर
दिया,
हालांकि
नाम
वापसी
की
अंतिम
तिथि
पर
बम
ने
खुद
ही
नाम
वापस
लेकर
सबको
चौंका
दिया
था।
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विज्ञापन
नाम
वापसी
के
खिलाफ
लगी
याचिका
की
सुनवाई
पूरी,
आदेश
सुरक्षित
इंदौर
लोकसभा
सीट
से
कांग्रेस
के
अधिकृत
उम्मीदवार
अक्षय
बम
का
नामाकंन
वापस
लिए
जाने
के
बाद
कांग्रेस
के
डमी
प्रत्याशी
मोती
सिंह
पटेल
ने
कांग्रेस
का
चुनाव
चिन्ह
आवंटित
करने
की
मांग
को
लेकर
याचिका
लगाई
थी।
सिंगल
बैच
ने
याचिका
निरस्त
कर
दी
थी।
इसके
बाद
पटेल
ने
डबल
बैंच
में
उस
आदेश
को
चुनौती
देते
हुए
याचिका
लगाई
थी।
जिस
पर
सुनवाई
शुक्रवार
को
हुई।
कोर्ट
ने
सभी
पक्षों
को
सुनने
के
बाद
आदेश
सुरक्षित
कर
लिया।