हादसे
में
घायल
हुए
मजदूर।
–
फोटो
:
अमर
उजाला,
इंदौर
विस्तार
इंदौर
के
पास
आंबा
चंदन
गांव
में
सुतली
बम
बनाने
की
फैक्ट्री
में
हुए
हादसे
में
घायल
दूसरे
मजदूर
ने
भी
दम
तोड़
दिया।
फैक्ट्री
में
आग
लगने
के
बाद
हुए
विस्फोट
में
तीन
मजदूर
झुलस
गए
थे।
घायल
हुए
29
वर्षीय
दूसरे
मजदूर
की
भी
अस्पताल
में
इलाज
के
दौरान
रविवार
को
मौत
हो
गई।
अधिकारियों
के
मुताबिक,
इसके
साथ
ही
इस
घटना
में
मरने
वाले
मजदूरों
की
संख्या
बढ़कर
दो
हो
गई।
जबकि
एक
अन्य
मजूदर
की
हालत
नाजुक
बनी
हुई
है।
हादसे
के
बाद
पटाखा
कारखाने
का
संचालक
मोहम्मद
शाकिर
खान
फरार
हो
गया
था।
इंदौर
पुलिस
ने
उसे
17
अप्रैल
को
शहर
में
ही
गिरफ्तार
किया
था।
चोइथराम
हॉस्पिटल
के
उप
निदेशक
डॉ.
अमित
भट्ट
ने
बताया
कि
उमेश
चौहान
(29)
ने
इलाज
के
दौरान
रविवार
को
दम
तोड़
दिया।
वह
पटाखा
कारखाने
में
हुए
विस्फोट
में
करीब
80
प्रतिशत
झुलस
गया
था।
भट्ट
ने
बताया
कि
पटाखा
फैक्ट्री
विस्फोट
में
गंभीर
रूप
से
झुलसे
मजदूर
रोहित
परमानंद
(20)
की
पहले
ही
मौत
हो
चुकी
है,
जबकि
एक
अन्य
मजदूर
अर्जुन
राठौर
(27)
की
हालत
इलाज
के
दौरान
नाजुक
बनी
हुई
है।
अनुमति
से
ज्यादा
बारूद
रखा
था
इंदौर
से
करीब
25
किलोमीटर
दूर
एक
जंगली
इलाके
के
खेत
में
यह
बारूद
फैक्ट्री
संचालित
की
जा
रही
थी।
फैक्ट्री
में
16
अप्रैल
को
रस्सी
बम
बनाने
के
दौरान
विस्फोट
हुआ
था।
इसमें
तीन
मजदूर
गंभीर
घायल
हो
गए
थे
जिन्हें
इंदौर
के
चोइथराम
अस्पताल
में
भर्ती
करवाया
गया
था।
अधिकारियों
ने
बताया
कि
प्रशासन
की
शुरुआती
जांच
में
सामने
आया
था
कि
इस
कारखाने
में
एक
बार
में
केवल
15
किलोग्राम
बारूद
जमा
कर
रखने
की
मंजूरी
दी
गई
थी,
लेकिन
वहां
इससे
काफी
ज्यादा
मात्रा
में
बारूद
जमा
करके
रखा
गया
था।
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