
गेर
में
नजर
आए
भाजपा
उम्मीदवार
शंकर
लालवानी।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
इंदौर
में
भाजपा
और कांग्रेस
के
उम्मीदवारों
को
लेकर
तस्वीर
साफ
हो
चुकी
है।
भाजपा
ने
दोबारा
शंकर
लालवानी
को
टिकट
दिया
है,
जबकि
कांग्रेस
ने
अक्षय
बम
को
उम्मीदवार
बनाया
है
।28
लाख
मतदाता
वोटिंग
के
जरिए
उम्मीदवारों
का
भविष्य
तय
करेंगे,लेकिन
उम्मीदवारों
ने
अभी
चुनावी
जनसंपर्क
शुरू
नहीं
किया
है।
वे
सिर्फ
आयोजनों
में
जाकर
वोटरों
की
नब्ज
टटोल
रहे
है।
शहर
में
भी
चुनावी
माहौल
नजर
नहीं
आ रहा
है
और दोनो
दलों
के
कार्यकर्ता
भी
अभी
चुनावी
मोड
में
नहीं
आए
है।
इंदौर
में
13
मई
को
मतदान
होना
है।
इंदौर
लोकसभा
में
जिले
की
आठ
विधानसभा
सीटें
आती
है।
उनके
वोटरों
से
मिलने
के
लिए
उम्मीदवारों
के
पास
सवा
महीने
का
समय
है,
लेकिन
अभी
जनसंपर्क
अभियान
तय
नहीं
हुआ है।
संगठन
स्तर
पर
भाजपा
ने
चार
बैठकें
की
है,
लेकिन
उम्मीदवार
तय
होने
के
बाद
कांग्रेस
की
एक
भी
बैठक
नहीं
हो
पाई
है।
लालवानी
आयोजनों
में
हो
रहे
शामिल
भाजपा
उम्मीदवार
शंकर
लालवानी
ने
अभी
गली
मोहल्लों
में
जाकर
वोटरों
से
मिलने
के
बजाए
आयोजनों
में
शामिल
होकर
उनसे
मिलने
की
रणनीति
बनाई
है।
वे
शनिवार
को
रंगपंचमी
की
गेर
में
भी
शामिल
हुए।
इसके
अलावा
शोक
बैठक,
भाग
यात्रा
व
अन्य
आयोजनों
में
भी
वे
शामिल
हो
रहे
है।
कार्यकर्तागणों
से
मिल
रहे
है
बम
कांग्रेस
प्रत्याशी
अक्षय
बम
वोटरों
के
बीच
में
नया
चेहरा
है।
अभी
वे
कार्यकर्ताअेां
से
मिलने
पर
फोकस
कर
रहे
है।
हाल
ही
में
वे
दो
नंबर
विधानसभा
क्षेत्र
में
कार्यकर्ता
बैठक
में
शामिल
हुए।
वे
अस्पताल
में
भर्ती
महाकाल
मंदिर
के
पुजारियों
से
भी
मिलने
गए
थे।
इसके
अलावा
होली
मिलन
समारोह
और
फाग
महोत्सवों
में
भी
शामिल
हो
रहे
है।
इंदौर
के
इन
मुद्दों
पर
नहीं
दलों
को
ध्यान
-इंदौर
में
अभी
तक
मेडिकल
विश्व
विद्यालय
नहीं
बन
पाया,जबकि
लंबे
समय
से
इसकी
मांग
उठ
रही
है।
-इंदौर
को
अंतर्राष्ट्रीय
विमानतल
का
दर्जा
मिल
चुका
है,
लेकिन
इक्का-दुक्का
ही
विदेशी
उड़ानें
संचालित
होती
है।
-इंदौर
मनमाड़
रेल
परियोजना
पर
अभी
तक
काम
शुरू
नहीं
हो
सका
है।
अभी
डिटेल
प्रोजेक्ट
रिपोर्ट भी
नहीं
बन
पाई।
-इंदौर
का
मास्टर
प्लान
घोषित
नहीं
हुआ।
पुराने
मास्टर
प्लान
की
मियाद
तीन
साल
पहले
खत्म
हो
गई।