
इंदौर
में
ईद-उल-अजहा
(बकरीद)
के
अवसर
पर
शहर
के
मुख्य
ईदगाह
पर
शहर
काजी
डॉ.
इशरत
अली
ने
नमाज
अदा
कराई।
नमाज
से
पहले
उन्होंने
मुल्क
की
सलामती,
इंसाफ
की
बहाली
और
बीमारों
की
शिफा
के
लिए
दुआ
मांगी।
बाद
में
ईद
की
नमाज
अदा
की
गई
और
देश
में
अमन,
भाईचारे
तथा
हिंदुस्तान
की
तरक्की
के
लिए
दुआ
की
गई।
नमाज
के
बाद
शहरवासियों
ने
शहर
काजी
को
गले
मिलकर
ईद
की
मुबारकबाद
दी।
इस
मौके
पर
प्रशासनिक
और
राजनीतिक
प्रतिनिधियों
ने
भी
उन्हें
शुभकामनाएं
दीं।
काजी
साहब
को
उनके
निवास
से
ईदगाह
तक
लाने
के
लिए
कांग्रेस
रिजर्व
फोर्स
के
सत्यनारायण
सलवाडिया
द्वारा
शाही
बग्गी
की
व्यवस्था
की
गई
थी।
नमाज
के
बाद
उन्हें
सम्मानपूर्वक
उनके
निवास
स्थान
तक
पहुंचाया
गया।
सलवाडिया
परिवार
यह
परंपरा
पिछले
50
वर्षों
से
निभा
रहा
है।
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कुर्बानी
का
सिलसिला
शुरू,
मस्जिदों
में
भी
अदा
हुई
नमाज
ईद
की
नमाज
के
बाद
मुस्लिम
समाज
द्वारा
अल्लाह
की
राह
में
कुर्बानी
देने
का
सिलसिला
शुरू
हुआ,
जो
तीन
दिनों
तक
जारी
रहेगा।
शहर
की
विभिन्न
मस्जिदों
में
भी
ईद
की
नमाज
अदा
की
गई
और
लोगों
ने
एक-दूसरे
को
गले
मिलकर
ईद
की
बधाई
दी।
पूरा
शहर
भाईचारे
और
सौहार्द
के
माहौल
में
डूबा
नजर
आया।
आतंकवाद
की
निंदा,
सेना
की
कार्रवाई
को
सराहा
नमाज
के
बाद
शहर
काजी
डॉ.
इशरत
अली
ने
पहलगाम
में
हुए
आतंकवादी
हमले
की
कड़ी
निंदा
की।
उन्होंने
कहा
कि
हमारे
मासूम
भाइयों
को
जिस
तरह
से
निशाना
बनाया
गया,
उसका
बदला
लेना
जरूरी
था
और
हमारी
सेना
ने
जो
कर
दिखाया
वह
काबिल-ए-तारीफ
है।
उन्होंने
पाकिस्तान
को
चेतावनी
देते
हुए
कहा
कि
अब
उसे
समझ
जाना
चाहिए
कि
कश्मीर
पर
उसकी
दोगली
नीति
सफल
नहीं
होगी।
पर्यावरण
और
सोशल
मीडिया
पर
भी
जताई
चिंता
शहर
काजी
ने
अपने
संबोधन
में
पर्यावरण
सुरक्षा
का
संदेश
देते
हुए
कहा
कि
विकास
के
नाम
पर
पेड़ों
की
कटाई
नहीं
होनी
चाहिए।
हर
इंसान
को
कम
से
कम
एक
पौधा
लगाना
चाहिए
और
वर्षा
जल
को
संरक्षित
कर
वाटर
रिचार्जिंग
को
अपनाना
चाहिए।
उन्होंने
सोशल
मीडिया
पर
भी
चिंता
जताते
हुए
कहा
कि
फेक
न्यूज
के
ज़रिए
देश
का
माहौल
खराब
किया
जा
रहा
है,
जिस
पर
सरकार
को
कड़ा
एक्शन
लेना
चाहिए।
उन्होंने
अपील
की
कि
लोग
अपने
बच्चों
को
सोशल
मीडिया
की
लत
से
बचाएं
और
नशे
के
खिलाफ
एकजुट
होकर
आवाज
उठाएं
ताकि
युवा
पीढ़ी
को
सुरक्षित
रखा
जा
सके।