
इंदौर
जिले
के
नवविवाहित
कपल
राजा
और
सोनम
रघुवंशी
मेघालय
में
हनीमून
मनाने
गए
और
हादसे
का
शिकार
हो
गए।
राजा
का
शव
मिल
गया
है
और
सोनम
की
तलाश
जारी
है।
हादसे
का
कारण
अभी
तक
साफ
नहीं
हुआ
है।
इस
घटना
के
बाद
इंदौर
में
प्रशासन
अलर्ट
पर
आ
गया
है
और
सभी
पर्यटक
स्थलों
पर
कैमरे
लगाने
के
निर्देश
दिए
हैं।
हर
जगह
लाइव
मानिटरिंग
की
जाएगी।
गौरतलब
है
कि
इंदौर
के
पर्यटक
स्थलों
पर
भी
कई
बार
लोग
अपनी
जान
गंवा
चुके
हैं।
कई
बार
हादसे
हुए
हैं
तो
कई
बार
अपराधियों
ने
उन्हें
अपना
शिकार
बना
लिया
है।
विज्ञापन
Trending
Videos
विज्ञापन
सभी
संबंधित
विभागों
को
तुरंत
एक्शन
के
निर्देश
कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
सभी
संबंधित
विभागों
को निर्देश
दिए
हैं
कि
समय
रहते
सभी
विभाग
आपसी
समन्वय
के
साथ
तैयारी
करें
ताकि त्वरित
कार्यवाही
की
जा
सके।
यह
निर्णय
लिया
गया
कि
वर्षाकाल
के
दौरान
जिले
के
प्रमुख
पर्यटन
एवं
पिकनिक
स्थलों
पर
विशेष
निगरानी
रखी
जाएगी,
सीसीटीवी
कैमरों
के
जरिये
निरंतर
मॉनिटरिंग
होगी,
और
असुरक्षित
स्थानों
पर
जाने
के
लिए
प्रतिबंधात्मक
आदेश
जारी
किए
जाएंगे।
प्रशासनिक
और
तकनीकी
तैयारियों
पर
जोर
कलेक्टर
आशीष
सिंह
के
द्वारा
ली
गई
इस
बैठक
में
नगर
निगम
आयुक्त
शिवम
वर्मा,
अतिरिक्त
पुलिस
आयुक्त
मनोज
श्रीवास्तव,
जिला
पंचायत
के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
सिद्धार्थ
जैन,
अपर
कलेक्टर
रिंकेश
वैश्य
एवं
रोशन
राय
सहित
अन्य
विभागों
के
अधिकारी
उपस्थित
रहे।
अधिकारियों
को
जानकारी
दी
गई
कि
अतिवृष्टि
व
बाढ़
की
स्थिति
से
निपटने
के
लिए
जिला
स्तर
पर
कलेक्टर
कार्यालय,
नगर
निगम,
पुलिस
मुख्यालय,
एमपीईबी
और
अन्य
कार्यालयों
में
आपदा
नियंत्रण
केंद्र
(कंट्रोल
रूम)
स्थापित
किए
जा
रहे
हैं।
कलेक्टर
ने
निर्देश
दिए
कि
मानसून
के
दौरान
बिजली
की
आपूर्ति
सतत
बनी
रहे
और
यशवंत
सागर
के
गेट
खोलने
से
पहले
नागरिकों
को
सूचना
दी
जाए।
खदान
क्षेत्रों
में
विशेष
निगरानी
रखते
हुए
फेंसिंग
की
व्यवस्था
सुनिश्चित
की
जाए,
वहीं
जलनिकासी,
पुल-पुलिया
और
तालाबों
की
पाल
की
मरम्मत
पर
विशेष
ध्यान
दिया
जाए।
बचाव
दल
और
राहत
शिविरों
की
योजना
तैयार
कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
अधिकारियों
से
कहा
कि
ऐसे
गांवों
की
सूची
अभी
से
तैयार
की
जाए
जो
पहुंच
विहीन
हैं,
और
वहां
पर्याप्त
मात्रा
में
खाद्यान्न
का
भंडारण
किया
जाए।
बैठक
में
बताया
गया
कि
होमगार्ड
द्वारा
पर्याप्त
संख्या
में
बचाव
एवं
राहत
दल
गठित
किए
जा
रहे
हैं,
जो
विकासखंड
मुख्यालयों
पर
भी
तैनात
रहेंगे।
कलेक्टर
ने
यह
भी
निर्देश
दिए
कि
मानसून
के
दौरान
शुद्ध
पेयजल
की
सतत
उपलब्धता
सुनिश्चित
की
जाए।
साथ
ही
आकस्मिक
स्थिति
में
राहत
शिविरों
की
स्थापना
के
लिए
स्थानों
का
चयन
अभी
से
कर
लिया
जाए,
ताकि
आवश्यकता
पड़ने
पर
उन्हें
तुरंत
चालू
किया
जा
सके।
जलभराव
और
अतिक्रमण
पर
नगर
निगम
को
निर्देश
बैठक
में
यह
भी
निर्देशित
किया
गया
कि
मानसून
के
दौरान
जिले
के
जलीय
पर्यटन
स्थलों
पर
प्रतिबंधात्मक
आदेश
जारी
किए
जाएं,
ताकि
वहां
सुरक्षा
के
व्यापक
प्रबंध
किए
जा
सकें।
ऐसे
स्थलों
पर
चेतावनी
संबंधी
बोर्ड
लगाने
के
भी
निर्देश
दिए
गए।
इसके
अलावा,
नगर
निगम
को
आदेश
दिए
गए
कि
शहर
के
ऐसे
स्थान
जहां
पूर्व
में
जलभराव
की
स्थिति
बनी
रही
है,
उन्हें
चिन्हित
किया
जाए
और
जलभराव
के
कारणों
की
जांच
कर
अवरोधों
को
दूर
किया
जाए।
अतिक्रमण
जैसी
बाधाओं
को
हटाकर
जल
निकासी
व्यवस्था
को
सुदृढ़
किया
जाए,
ताकि
मानसून
के
दौरान
नागरिकों
को
किसी
प्रकार
की
परेशानी
का
सामना
न
करना
पड़े।