Indore NewsL रंगे हाथों पकड़ाई सरकारी प्रिंसिपल, कैबिन में कर रही थी डिमांड, पहुंच गई पुलिस


महानिदेशक
लोकायुक्त
जयदीप
प्रसाद
के
भ्रष्टाचार
के
विरुद्ध
सख्त
कार्रवाई
के
निर्देश
पर
इंदौर
लोकायुक्त
इकाई
ने
धार
जिले
के
शासकीय
महाविद्यालय
कानवन
में
एक
ट्रैप
कार्रवाई
को
अंजाम
दिया।
इस
कार्रवाई
के
दौरान
कॉलेज
की
प्रभारी
प्राचार्य
को
रिश्वत
लेते
हुए
रंगे
हाथों
गिरफ्तार
किया
गया।
 


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चौकीदार
से
मांगे
13
हजार
रुपए

इस
मामले
में
शिकायतकर्ता
विजय
बारिया,
उम्र
21
वर्ष,
जो
शासकीय
महाविद्यालय
कानवन
में
चौकीदार
के
पद
पर
कार्यरत
हैं,
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
उनकी
सितंबर
से
दिसंबर
2024
तक
की
4
महीने
की
वेतन
राशि
जारी
करने
के
लिए
कॉलेज
की
प्रभारी
प्राचार्य
डॉ.
मंजू
पाटीदार
द्वारा
13,000
रिश्वत
की
मांग
की
जा
रही
थी।
इस
संबंध
में
विजय
ने
दिनांक
26
फरवरी
2025
को
इंदौर
लोकायुक्त
कार्यालय
में
पुलिस
अधीक्षक
(विपुस्था)
राजेश
सहाय
को
शिकायत
दर्ज
करवाई।
शिकायत
का
सत्यापन
किया
गया,
जिसमें
रिश्वत
की
मांग
सही
पाई
गई।
इसके
बाद
आज
दिनांक
1
मार्च
2025
को
एक
ट्रैप
दल
का
गठन
किया
गया।
योजनाबद्ध
तरीके
से
ट्रैप
कार्रवाई
करते
हुए
लोकायुक्त
की
टीम
ने
आरोपी
डॉ.
मंजू
पाटीदार
को
कार्यालयीन
कक्ष
में
आवेदक
से
9,000
रिश्वत
लेते
हुए
रंगे
हाथों
पकड़
लिया।
इस
दौरान
मौके
पर
सभी
आवश्यक
साक्ष्य
भी
एकत्र
किए
गए।
आरोपी
के
विरुद्ध
भ्रष्टाचार
निवारण
अधिनियम
2018
की
धारा
7
के
तहत
कानूनी
कार्रवाई
की
जा
रही
है।
 


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ट्रैप
दल
का
विवरण 

इस
पूरी
कार्रवाई
को
सफलतापूर्वक
अंजाम
देने
के
लिए
उप
पुलिस
अधीक्षक
दिनेश
चंद्र
पटेल
के
नेतृत्व
में
एक
विशेष
टीम
गठित
की
गई
थी,
जिसमें
निरीक्षक
रेणुका
अग्रवाल,
प्रधान
आरक्षक
रणजीत
द्विवेदी,
आरक्षक
चंद्रमोहन
बिष्ट,
आरक्षक
शैलेंद्र
बघेल,
आरक्षक
आदित्य
भदौरिया,
महिला
आरक्षक
सोनम
चतुर्वेदी,
और
चालक
शेर
सिंह
ठाकुर
शामिल
थे।
इस
कार्रवाई
से
क्षेत्र
में
सरकारी
संस्थानों
में
हो
रहे
भ्रष्टाचार
के
खिलाफ
लोकायुक्त
की
सख्त
नीति
का
संदेश
गया
है।