Indore News: फिर लौट आया कोरोना का खतरा! प्रशासन अलर्ट, नागरिकों के लिए आए सख्त निर्देश


इंदौर
जिले
में
कोविड-19
संक्रमण
से
निपटने
के
लिए
सतर्कता
और
एहतियात
के
व्यापक
प्रबंध
सुनिश्चित
किए
जा
रहे
हैं।
जिले
के
नागरिकों
से
आग्रह
किया
गया
है
कि
वे
घबराएं
नहीं,
बल्कि
सतर्क
रहते
हुए
लक्षण
दिखाई
देने
पर
तुरंत
जांच
कराएं
और
समय
पर
उपचार
लें।
जिले
में
स्थिति
पूरी
तरह
से
नियंत्रण
में
है।
यह
जानकारी
आज
प्रभारी
कलेक्टर
गौरव
बेनल
की
अध्यक्षता
में
आयोजित
कोविड
समीक्षा
बैठक
में
दी
गई।


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Indore
News:
जून
में
भी
मई
जैसी
तपन!
4
दिन
में
6
डिग्री
चढ़ा
पारा,
गर्मी
उमस
से
बेहाल
हुआ
इंदौर


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बैठक
में
मुख्य
चिकित्सा
एवं
स्वास्थ्य
अधिकारी
डॉ.
बी.एस.
सैत्या,
डॉ.
माधव
हसानी
सहित
जिले
के
समस्त
शासकीय
एवं
अशासकीय
अस्पतालों
के
संचालक
उपस्थित
थे।
बैठक
में
जनवरी
2025
से
अभी
तक
की
कोविड
स्थिति
की
समीक्षा
की
गई।
जानकारी
दी
गई
कि
इस
अवधि
में
इंदौर
जिले
में
कुल
41
कोविड
पॉजिटिव
केस
सामने
आए
हैं,
जिनमें
से
26
मरीज
वर्तमान
में
आइसोलेशन
में
रहते
हुए
उपचाररत
हैं।
सभी
मरीजों
की
स्थिति
सामान्य
बताई
गई
है।
स्वास्थ्य
विभाग
ने
बताया
कि
वर्तमान
में
जो
संक्रमण
के
केस
सामने

रहे
हैं,
वे
‘ओमिक्रॉन
BA.2-लाइक’
जैसे
अत्यंत
सामान्य
स्वरूप
के
हैं,
जिनमें
गंभीर
लक्षण
नहीं
देखे
जा
रहे
हैं।
प्रशासन
द्वारा
सभी
अस्पतालों
को
सतर्क
रहने
और
कोविड
प्रोटोकॉल
का
पालन
करने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
नागरिकों
से
अपील
की
गई
है
कि
वे
भीड़-भाड़
वाले
स्थानों
में
मास्क
का
उपयोग
करें,
बार-बार
हाथ
धोएं
और
लक्षण
दिखाई
देने
पर
तुरंत
नजदीकी
स्वास्थ्य
केंद्र
पर
संपर्क
करें।
बेनल
ने
निर्देश
दिये
कि
सभी
आवश्यक
तैयारियां
रखी
जायें।
जरूरी
सामग्री
और
औषधियों
का
पर्याप्त
स्टॉक
रखना
सुनिश्चित
किया
जाये।
सप्लाई
चेन
की
व्यवस्था
सुनिश्चित
की
जायें।
आर.आर.पी.
दल
को
प्रशिक्षित
किया
जाये।
बताया
गया
कि
शासकीय
और
अशासकीय
अस्पतालों
में
सेम्पलिंग
और
जांच
की
पर्याप्त
व्यवस्था
है।


सतर्क
रहें…
घबराएं
नहीं

वर्तमान
में
मौसम
के
बदलाव
के
कारण
विभिन्न
तरह
के
वायरस
आदि
से
श्वसन
संबंधी
बीमारियां
दृष्टिगत
हो
रही
हैं।
ओमिक्रॉन
के
वर्तमान
में
प्रचलित
वैरियएंट
के
सर्कुलेशन
में
है।
जिससे
खांसी,
गले
में
खराश
के
साथ
हल्की
बीमारी
के
लक्षण
जैसे
बुखार,
सर्दी,
खांसी,
शरीर
में
दर्द
जैसे
सामान्य
लक्षण
दिखाई
देते
हैं।
जागरूक
नागरिकों
से
अपील
की
गई
है
कि
वे
स्वयं
एवं
जनता
के
हित
में
सामाजिक
दूरी
बनाकर
रखें।
हाथ
धोने
संबंधी
व्यवहार
को
जीवन
का
अंग
बनाए
एवं
सार्वजनिक
स्थानों
पर
रुकें
नहीं।
बुजुर्ग
एवं
सहरुग्णता
वाले
व्यक्ति,
रोग
प्रतिरोधक
क्षमता
कम
रखने
वाले
व्यक्ति
कम
हवादार
या
भीड़-भाड़
वाले
स्थानों
पर
जाने
से
बचें।
यदि
बाहर
जाना
आवश्यक
है,
तो
मास्क
का
उपयोग
करें।
तीव्र
श्वसन
रोग
के
लक्षण
वाले
व्यक्ति
अपने
स्वास्थ्य
की
निगरानी
स्वयं
कर
सकते
हैं।
यदि
उन्हें
सांस
लेने
में
तकलीफ
हो
तो
और
ऐसे
लक्षणों
में
वृद्धि
दिखाई
दे
तो
वे
निकटतम
स्वास्थ्य
केन्द्रों
पर
तत्काल
पहुंचे।