
सावन
माह
में
कावड़
यात्राओं
की
भीड़
और
श्रद्धालुओं
की
सुरक्षा
को
देखते
हुए
इंदौर
के
बाद
अब
खंडवा
जिला
प्रशासन
ने
भी
बड़ा
फैसला
लिया
है।
खंडवा
कलेक्टर
ऋक्षव
गुप्ता
द्वारा
जारी
आदेश
के
तहत
इंदौर-इच्छापुर
मार्ग
पर
भारी
मालवाहक
वाहनों
की
आवाजाही
पर
प्रतिबंध
लगा
दिया
गया
है।
यह
आदेश
जनसुरक्षा,
शांति
और
सुव्यवस्था
को
बनाए
रखने
के
लिए
लिया
गया
है,
क्योंकि
इस
मार्ग
पर
यातायात
अत्यधिक
व्यस्त
रहने
से
दुर्घटनाओं
की
आशंका
बनी
रहती
है।
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देशगांव
होकर
गुजरेंगे
ट्रक,
इंदौर
से
महाराष्ट्र
और
साउथ
तक
यात्रा
होगी
लंबी
खंडवा
जिले
में
अब
बुरहानपुर
की
ओर
से
आने
वाले
भारी
वाहन
देशग्राम
होते
हुए
एबी
रोड
तक
पहुंच
सकेंगे।
वहीं,
इंदौर
से
चलने
वाले
भारी
वाहन
तेजाजी
नगर
से
डायवर्ट
होकर
मानपुर,
खरगोन
होते
हुए
देशगांव
के
रास्ते
आगे
बुरहानपुर
जाएंगे।
पहले
जहां
वाहन
सनावद
होकर
खंडवा
पहुंचते
थे,
अब
उन्हें
देशगांव
तक
घूमकर
जाना
होगा,
जिससे
दूरी
और
खर्च
दोनों
में
बढ़ोतरी
होगी।
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हर
ट्रक
को
10
हजार
रुपये
की
अतिरिक्त
लागत,
रोज
3500
गाड़ियों
पर
असर
इंदौर
ट्रक
ऑपरेटर
एंड
ट्रांसपोर्ट
एसोसिएशन
के
अध्यक्ष
सी.एल.
मुकाती
ने
बताया
कि
इस
प्रतिबंध
से
इंदौर
से
खंडवा
के
बीच
रोज
चलने
वाले
करीब
3500
ट्रकों
पर
असर
पड़ेगा।
पहले
जहां
दूरी
150
किमी
थी,
अब
यह
280
किमी
तक
हो
जाएगी।
इससे
ट्रकों
को
आने-जाने
में
8
हजार
रुपये
का
अतिरिक्त
डीजल
और
2
हजार
रुपये
का
अतिरिक्त
टोल
देना
होगा।
इससे
यात्रा
समय
और
लागत
दोनों
बढ़
जाएंगे।
वहीं,
इंदौर-खंडवा
मार्ग
के
ग्रामीण
क्षेत्रों
तक
सामान
पहुंचने
में
भी
देरी
होगी,
जिससे
स्थानीय
व्यापारी
परेशान
होंगे।
आवश्यक
सेवाओं
को
रहेगी
छूट,
आम
वाहन
प्रतिबंध
के
दायरे
में
प्रशासन
ने
इस
आदेश
में
कुछ
आवश्यक
सेवा
वाहनों
को
छूट
दी
है।
इनमें
दूध
वाहन,
दवा
वाहन,
अग्निशमन
वाहन,
विद्युत
विभाग
के
कार्य
हेतु
प्रयुक्त
वाहन,
एलपीजी
व
अन्य
पेट्रोलियम
पदार्थों
के
20
हजार
किलोलीटर
क्षमता
तक
के
टैंकर
और
यात्री
बसें
शामिल
हैं।
इन
वाहनों
को
प्रतिबंध
से
बाहर
रखा
गया
है
ताकि
आवश्यक
सेवाओं
की
आपूर्ति
बाधित
न
हो।
बाकी
सभी
भारी
वाहनों
को
वैकल्पिक
मार्ग
से
ही
गुजरना
होगा।