Indore News: दो शराब दुकानों की नीलामी 13 करोड़ रुपए में हुई, 256 करोड़ की 27 दुकानें बच गईं


आबकारी
विभाग
अपनी
सभी
दुकानों
की
नीलामी
में
जुटा
है।
मगर
पहली
खेप
में
20
फीसदी
से
अधिक
कीमत
पर
कई
समूह
आगामी
वित्त
वर्ष
के
लिए
भी
वर्तमान
ठेकेदारों
ने
हासिल
कर
लिए।
इंदौर
की
175
दुकानों
के
लिए
कुल
73
समूह
विभाग
ने
बनाए
थे
और
कुल
1751
करोड़
रुपए
का
आरक्षित
मूल्य
तय
किया,
जिसमें
से
1495
करोड़
की
दुकानें
नीलाम
हो
गई
हैं
और
अब
256
करोड़
की
27
दुकानें
नीलामी
से
बची
हैं,
जिनके
लिए
10
फीसदी
से
कम
के
भी
प्रस्ताव
हासिल
करने
की
सहमति
शासन
ने
दे
दी
है।
वहीं
अभी
तीन
समूह
में
शामिल
दुकानों
की
नीलामी
हो
गई,
जिसमें
पलासिया,
छावनी,
बिजलपुर
समूह
शामिल
रहे। 


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20
फीसदी
से
अधिक
का
मूल्य
दे
रहे
व्यापारी

शासन
ने
अपनी
नई
आबकारी
नीति
के
तहत
इंदौर
सहित
प्रदेशभर
में
देसी-विदेशी
शराब
दुकानों
की
नीलामी
की
प्रक्रिया
शुरू
करवाई।
हालांकि
इंदौर
जिले
में
बेहतर
राजस्व
प्राप्त
हो
जाएगा,
क्योंकि
64
दुकानों
को
अगले
साल
के
लिए
भी
चलाने
का
ठेका
मौजूदा
लाइसेंसियों
ने
ही
हासिल
कर
लिया
है
और
इसके
एवज
में
20
फीसदी
से
अधिक
का
मूल्य
भी
चुकाया
जा
रहा
है।
शेष
बची
समूहों
की
दुकानों
के
लिए
हालांकि
4
से
5
बार
आबकारी
विभाग
ई-टेंडर
और
लॉटरी
की
प्रक्रिया
कर
चुका
है
और
उसके
बाद
जो
18
समूह
की
34
दुकानें
बची
थी
उसमें
भी
फिर
बदलाव
किया
गया,
जिसके
चलते
3
समूह
की
दुकानें
भी
नीलाम
हो
गई,
जिसमें
बिजलपुर,
केसरबाग,
बालदा
कॉलोनी
की
तीन
दुकानों
के
एवज
में
27.62
करोड़
रुपए
मिलेंगे। 


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दो
दुकानें
17
करोड़
रुपए
में
गईं

इसी
तरह
पलासिया,
बड़ी
ग्वाल
टोली
की
2
दुकानें
17.05
करोड़
रुपए
में
नीलाम
हुई
हैं।
संयोगितागंज,
छावनी
की
भी
दो
दुकानें
13.30
करोड़
रुपए
में
नीलाम
करने
में
सफलता
मिली
है।
आबकारी
निरीक्षक
महेश
पटेल
के
मुताबिक
अब
256
करोड़
रुपए
मूल्य
की
27
दुकानें
नीलामी
से
शेष
बची
हैं,
जिसकी
प्रक्रिया
जारी
है।
इस
बार
सभी
दुकानों
का
आरक्षित
मूल्य
1751
करोड़
रुपए
तय
किया
गया
था,
जिसमें
से
1495
करोड़
रुपए
की
दुकानें
अगले
वित्त
वर्ष
के
लिए
नीलाम
हो
गई
हैं
और
कुछ
दुकानों
पर
सिंगल
टेंडर
भी
मिले।
वहीं
अन्य
दुकानों
के
लिए
नए
सिरे
से
टेंडर
प्रक्रिया
शुरू
की
गई।