
नगर
निगम
आयुक्त
शिवम
वर्मा
ने
बताया
है
कि
शहर
के
411
पुराने
कुओं
का
जीर्णोद्धार
कार्य
तेजी
से
किया
जा
रहा
है।
इसके
साथ
ही
शहर
की
पारंपरिक
बावड़ियों
को
पुनर्जीवित
करने
की
दिशा
में
भी
प्रयास
किए
जा
रहे
हैं।
नदियों
में
जल
की
सतत
आवक
सुनिश्चित
करने
हेतु
हाईड्रोलॉजिकल
सर्वे
भी
कराया
जा
रहा
है।
जल
कार्य
समिति
के
प्रभारी
अभिषेक
शर्मा
बबलू
ने
बताया
कि
यह
अभियान
तीन
साल
पहले
शुरू
किया
गया
था
और
अब
तक
15
तालाबों
का
गहरीकरण
किया
जा
चुका
है।
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मुख्यमंत्री
की
पहल
पर
जलगंगा
संवर्धन
अभियान
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
आव्हान
पर
पूरे
प्रदेश
में
जलगंगा
संवर्धन
अभियान
चलाया
जा
रहा
है।
इस
अभियान
का
उद्देश्य
जल
संरक्षण
को
बढ़ावा
देना
है।
अभियान
के
अंतर्गत
उत्कृष्ट
कार्य
करने
वाले
विभागों
को
सम्मानित
किया
जाएगा।
इसके
तहत
कलेक्टरों
और
जिला
पंचायत
के
सीईओ
को
नकद
पुरस्कार
भी
दिए
जाएंगे,
जिससे
कार्य
में
उत्साह
और
प्रतिस्पर्धा
बढ़ेगी।
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पंचायत
एवं
ग्रामीण
विकास
विभाग
की
पुरस्कार
योजना
पंचायत
एवं
ग्रामीण
विकास
विभाग
ने
जलगंगा
संवर्धन
में
उल्लेखनीय
योगदान
के
लिए
पुरस्कारों
की
घोषणा
की
है।
समग्र
प्रदर्शन
के
आधार
पर
जिले
के
कलेक्टर
को
क्रमशः
₹1,50,000,
₹1,25,000
और
₹1,00,000
की
पुरस्कार
राशि
से
सम्मानित
किया
जाएगा।
इसी
प्रकार
जिला
पंचायत
के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारियों
को
₹1,00,000,
₹75,000
और
₹50,000
की
नकद
राशि
प्रदान
की
जाएगी।
वहीं,
जिले
के
अमले
को
भी
₹6
लाख,
₹4.5
लाख
और
₹3
लाख
की
पुरस्कार
राशि
दी
जाएगी।
ए
और
बी
श्रेणी
में
बांटी
जाएंगी
पुरस्कार
श्रेणियां
पुरस्कार
वितरण
दो
श्रेणियों
–
ए
और
बी
–
में
किया
जाएगा।
जिला
स्तरीय
पुरस्कार
के
लिए
ए
श्रेणी
में
चार
या
उससे
कम
जनपद
और
बी
श्रेणी
में
पांच
या
उससे
अधिक
जनपदों
को
शामिल
किया
गया
है।
विकासखंड
स्तरीय
पुरस्कार
के
लिए
ए
श्रेणी
में
70
या
उससे
कम
ग्राम
पंचायतों
वाली
जनपद
पंचायतें
और
बी
श्रेणी
में
71
या
उससे
अधिक
ग्राम
पंचायतों
वाली
पंचायतें
आएंगी।
दोनों
स्तरों
पर
प्रथम
पुरस्कार
के
तहत
कलेक्टर
को
₹1
लाख,
सीईओ
को
₹75
हजार,
ग्रामीण
यांत्रिकी
सेवा
के
कार्यपालन
यंत्री
को
₹50
हजार
और
जिले
के
अमले
को
₹2.75
लाख
दिए
जाएंगे।