
इंदौर
के
बाणगंगा
थाना
क्षेत्र
में
एक
चौंकाने
वाला
मामला
सामने
आया
है,
जहां
एक
युवक
ने
खुद
के
अपहरण
की
झूठी
कहानी
रचकर
अपने
ही
पिता
से
तीन
लाख
रुपए
की
फिरौती
वसूलने
की
कोशिश
की।
बुधवार
को
युवक
के
पिता
आनंद
यादव
थाने
पहुंचे
और
पुलिस
को
जानकारी
दी
कि
उनका
बेटा
यश
राठौर
लापता
है।
उन्होंने
यह
भी
बताया
कि
उन्हें
वॉट्सऐप
कॉल
पर
किसी
ने
तीन
लाख
रुपए
की
फिरौती
की
मांग
की
है।
मामले
की
गंभीरता
को
देखते
हुए
पुलिस
ने
तत्काल
एक
टीम
गठित
की
और
साइबर
सेल
की
मदद
ली।
जांच
के
दौरान
पुलिस
ने
सुपर
कॉरिडोर
इलाके
से
यश
राठौर
को
उसके
तीन
दोस्तों
के
साथ
पकड़
लिया।
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Indore
News
:
इंदौर
में
बारिश
के
पानी
को
बचाने
के
लिए
बड़े
फैसले,
जानिए
क्या
है
नया
अभियान
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कर्ज
चुकाने
के
लिए
रचा
झूठा
अपहरण
एडिशनल
डीसीपी
रामस्नेही
मिश्रा
ने
बताया
कि
यश
राठौर
ने
कार
की
किश्त
नहीं
चुका
पाने
के
कारण
यह
झूठी
साजिश
रची
थी।
पकड़े
गए
अन्य
तीन
युवक
आदर्श
चक्रवर्ती,
धर्मेंद्र
लोधी
और
राहुल
मेहरा
हैं।
चारों
ने
मिलकर
यश
के
पिता
से
फिरौती
वसूलने
का
प्लान
बनाया
था।
यश
ने
एक
अर्टिगा
कार
किराए
पर
चलाने
के
उद्देश्य
से
ली
थी
और
अपने
माता-पिता
से
कहा
था
कि
वह
नगर
निगम
में
कार
अटैच
करके
अच्छी
कमाई
कर
रहा
है।
लेकिन
वास्तविकता
यह
थी
कि
गाड़ी
से
कोई
आमदनी
नहीं
हो
रही
थी
और
कर्जदाता
लगातार
पैसे
मांग
रहे
थे।
ऐसे
में
यश
ने
कार
को
गिरवी
रख
दिया
और
पैसे
की
जुगाड़
के
लिए
खुद
के
अपहरण
की
झूठी
कहानी
बना
डाली।
माली
हालत
भी
ठीक
नहीं,
घबराए
परिजन
पहुंचे
थाने
यश
के
माता-पिता
सिलाई
का
छोटा-मोटा
काम
करते
हैं
और
घर
की
आर्थिक
स्थिति
पहले
से
ही
अच्छी
नहीं
है।
बेटे
के
लापता
होने
और
फिरौती
की
खबर
मिलते
ही
वे
घबरा
गए
और
तुरंत
थाने
पहुंचे।
पुलिस
ने
भी
मामले
की
गंभीरता
को
देखते
हुए
तेजी
से
कार्रवाई
की
और
यश
समेत
चारों
युवकों
को
पकड़
लिया।
प्रारंभिक
पूछताछ
में
सच्चाई
सामने
आ
गई,
जिससे
पुलिस
भी
चौंक
गई
कि
महज
किश्त
चुकाने
के
लिए
युवक
ने
इतनी
बड़ी
योजना
बना
डाली।
एक
आरोपी
पर
पहले
से
दर्ज
हैं
दर्जनों
केस
पुलिस
के
अनुसार,
पकड़े
गए
युवकों
में
से
राहुल
मेहरा
पर
पहले
से
ही
एक
दर्जन
से
ज्यादा
आपराधिक
मामले
दर्ज
हैं।
बाकी
दोनों
युवकों
आदर्श
चक्रवर्ती
और
धर्मेंद्र
लोधी
के
बारे
में
भी
जानकारी
जुटाई
जा
रही
है।
पुलिस
अब
इस
पूरे
मामले
की
विस्तृत
जांच
कर
रही
है
और
आरोपियों
के
खिलाफ
सख्त
कार्रवाई
की
तैयारी
की
जा
रही
है।
साथ
ही,
झूठी
सूचना
देने
और
कानून
का
दुरुपयोग
करने
के
आरोप
में
भी
मुकदमा
दर्ज
किया
जा
सकता
है।