
इंदौर
में
पश्चिम
रेलवे
के
रतलाम
मंडल
के
मांगलिया
स्टेशन
के
पास
फाटक
नंबर
45
को
बंद
कर
रोड
पर
ओवर
ब्रिज
बनाया
जा
रहा
है।
इसके
चलते
मांगलिया
से
सांवेर
जाने
वाला
रास्ता
एक
साल
के
लिए
बंद
हो
गया
है।
इस
रास्ते
को
बंद
कर
ट्रैफिक
को
दूसरे
रास्तों
से
डायवर्ट
किया
जा
रहा
है।
सांवेर
जाने
के
लिए
वाहन
चालकों
को
इस
रास्ते
के
बंद
होने
के
बाद
से
या
तो
सिंगापुर
टाउनशिप
वाले
अंडरपास
से
जाना
होगा
या
डकाच्या
वाला
रास्ता
अपनाना
होगा।
इसके
अलावा
सीधे
क्षिप्रा
से
उज्जैन
तरफ
भी
जा
सकते
हैं।
इस
वजह
से
वाहन
चालकों
को
अब
20
किमी
का
अतिरिक्त
फेरा
लगाना
पड़
रहा
है।
रोज
हजारों
वाहन
20
किमी
अतिरिक्त
चलकर
अपनी
जगह
तक
जा
रहे
हैं।
इसमें
आधे
घंटे
से
अधिक
का
अतिरिक्त
समय
लग
रहा
है।
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Indore
News:
इंदौर
में
गर्मी
का
कहर,
पारा
40
के
पार,
कब
आएगी
मानसून
की
राहत?
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किसान
नेता
उतरे
विरोध
में
इंदौर
के
मांगलिया
से
सांवेर
जाने
वाला
यह
रेलवे
फाटक
एक
साल
के
लिए
बंद
रहने
वाला
है।
इस
वजह
से
वाहन
चालकों
को
काफी
परेशानी
का
सामना
करना
पड़
रहा
है।
अब
लोग
इसके
विरोध
में
भी
बोलने
लगे
हैं।
किसान
नेता
हंसराज
मंडलोई
ने
इसके
विरोध
में
आवाज
उठाई
है।
वे
कहते
हैं
कि
निर्माण
एजेंसी
और
प्रशासन
ने
जनप्रतिनिधियों
को
विश्वास
में
लिए
बिना
ही
मुख्य
मार्ग
को
बंद
कर
दिया
है।
उन्होंने
प्रशासन
को
आड़े
हाथों
लेते
हुए
कहा
कि
अगर
प्रशासन
द्वारा
प्लेथिको
के
पास
स्थित
पुराने
मार्ग
को
थोड़ा
सुधार
दिया
जाता,
तो
हजारों
वाहन
चालकों
को
रोज
20
किलोमीटर
का
बेवजह
चक्कर
लगाने
से
राहत
मिल
सकती
थी।
इमरजेंसी
में
अस्पताल
जाने
में
भी
दिक्कत
आसपास
रहने
वाले
लोगों
ने
बताया
कि
यदि
प्रशासन
के
द्वारा
वैकल्पिक
व्यवस्था
नहीं
की
गई
तो
विरोध
और
तेज
होगा।
वहीं
रहवासी
राजा
शुक्ला
कहते
हैं
कि
मांगलिया
के
यहां
पर
पटरी
के
ठीक
दूसरी
तरफ
हॉस्पिटल
है।
इमरजेंसी
में
जल्दी
जाना
पड़ता
है
लेकिन
वहां
जाने
का
भी
कोई
अन्य
रास्ता
नहीं
है।
यदि
किसी
को
अचानक
जरूरत
पड़ी
तो
उसे
भ
15
से
20
किमी
घूमकर
ही
जाना
होगा।
पेट्रोल
डिपो
के
पास
से
गुजर
रही
सड़क
पीडब्ल्यूडी
द्वारा
32
करोड़
की
लागत
से
मांगलिया
का
ओवर
ब्रिज
बनाया
जा
रहा
है।
इसके
आरओबी
के
निर्माण
के
लिए
पीडब्ल्यूडी
ने
रेलवे
फाटक
को
पूरी
तरह
से
बंद
कर
दिया
है।
इसका
काम
मांगलिया
रोड
पर
6
महीने
पहले
शुरू
हुआ
था।
यह
सड़क
हिंदुस्तान
पेट्रोलियम
और
भारत
पेट्रोलियम
के
डिपो
के
पास
से
होकर
गुजरती
है।
यहीं
से
गुजर
रही
रेलवे
लाइन
के
ऊपर
ब्रिज
बनाया
जा
रहा
है।
अब
तक
दोनों
तरफ
के
रैंप
वाले
हिस्से
पर
काम
हो
रहा
था,
अब
ट्रैक
के
ऊपरी
हिस्से
में
काम
चलेगा।
पेट्रोल
टैंकर
भी
नए
रास्ते
से
जाएंगे
अब
यहां
से
पेट्रोल
टैंकर
जैसे
बड़े
वाहन
एबी
रोड
पर
शिप्रा
से
आगे
शिप्रा-उज्जैन
बायपास
से
उज्जैन
पहुंचेंगे।
पहले
अंदरूनी
रास्ते
से
होकर
उज्जैन
जाने
में
45
किमी
दूरी
होती
थी,
अब
60
किमी
हो
जाएगी।
यानी
15
किमी
अतिरिक्त
घूमकर
जाना
पड़ेगा।
डिपो
होने
से
यहां
भारी
वाहन,
ट्रक,
छोटे
वाहनों
का
दबाव
रहता
है।
इस
वजह
से
रेलवे
ने
इस
काम
के
लिए
सड़क
बंद
करने
की
मांग
की
थी।