
सुपर
कॉरिडोर
पर
मेट्रो
के
सफल
संचालन
के
बाद
अब
मेट्रो
ट्रेन
के
अगले
16
किमी
ट्रैक
को
बनाने
की
कवायद
शुरू
की
जा
रही
है।
इसमें
शहीद
पार्क
(रिंग
रोड)
से
हाई
कोर्ट
(एमजी
रोड)
तक
एलिवेटेड
ट्रैक
बनाने
और
उसके
आगे
एयरपोर्ट
तक
अंडरग्राउंड
चलाने
पर
अभी
भी
मंथन
ही
चल
रहा
है।
चुनौती
यह
है
कि
शहरी
क्षेत्र
में
16
किमी
के
इस
ट्रैक
पर
कई
तरह
के
निर्माण
जद
में
आएंगे।
इनमें
सबसे
महत्वपूर्ण
स्ट्रक्चर
रीगल
स्थित
रानी
सराय
(पुराना
पुलिस
आयुक्त
कार्यालय)
व
अहिल्या
लाइब्रेरी
का
हिस्सा
होगा।
रानी
सराय
को
तोड़ने
की
नौबत
इसलिए
आ
रही
है,
क्योंकि
यहां
स्टेशन
का
एग्जिट
और
एंट्री
पॉइंट
के
साथ
पार्किंग
और
अन्य
कमर्शियल
स्ट्रक्चर
बनाना
प्रस्तावित
है।
इसके
विस्तार
के
लिए
ही
रीगल
की
जमीन
भी
मांगी
गई
है।
रानी
सराय
1907
में
बनाया
गया
था।
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Indore:
शिलांग
पुलिस
ने
की
सोनम
के
साथ
काम
करने
वाली
युवतियों
व
ड्रायवर
से
पूछताछ
विज्ञापन
हजारों
पक्षियों
का
आशियाना
है
यहां
रानी
सराय
पर
हजारों
पक्षी
रहते
हैं।
यहां
पर
मौजूद
पेड़ों
पर
दिनभर
बड़ी
संख्या
में
पक्षी
आते
हैं।
तोते
और
कबूतरों
के
साथ
में
यहां
पर
कई
प्रजाति
के
पक्षी
देखने
को
मिलते
हैं।
कई
सामाजिक
संस्थाएं
यहां
पर
पक्षियों
को
रोज
दाना
पानी
देने
के
लिए
आती
हैं।
यदि
यहां
पर
मेट्रो
का
स्टेशन
बनेगा
तो
हजारों
पक्षियों
का
आशियाना
नष्ट
हो
जाएगा।
पर्यावरणविद्
ओपी
जोशी
कहते
हैं
कि
आज
इंदौर
में
जो
हालात
हैं
उनमें
हमें
प्रकृति
संरक्षण
को
प्राथमिकता
देना
चाहिए।
यहां
पर
कई
प्राचीन
पेड़
भी
कटेंगे
और
कई
स्तर
पर
प्रकृति
का
नुकसान
होगा।
इन्हें
बचाकर
ही
यहां
पर
कोई
प्रोजेक्ट
लाने
के
विषय
में
सोचना
चाहिए।
बचाने
का
प्रयास
मेट्रो
के
अफसरों
के
अनुसार
रानी
सराय
को
बचाया
जा
सकता
है।
इसके
लिए
शास्त्री
ब्रिज
से
छोटी
ग्वालटोली
की
ओर
जा
रही
सड़क
को
बंद
करना
होगा।
इस
सड़क
को
खुला
रखने
के
लिए
स्टेशन
का
अलाइनमेंट
रानी
सराय
की
तरफ
किया
है।
मेट्रो
इस
स्टेशन
से
300-350
मीटर
पहले
ही
हाई
कोर्ट
के
पास
से
अंडरग्राउंड
ट्रैक
पकड़ेगी।
हालांकि
अभी
इस
पर
अंतिम
मुहर
लगना
बाकि
है।
विरोध
भी
हो
रहा
रानी
सराय
को
तोड़ने
और
इस
रूट
पर
अंडरग्राउंड
मेट्रो
को
चलाने
का
विरोध
भी
हो
रहा
है।
कई
बड़े
प्रदर्शन
हो
चुके
हैं।
रहवासियों
का
कहना
है
कि
इससे
बहुत
अधिक
नुकसान
होगा।
अभी
इस
रूट
के
निर्माण
कार्यों
पर
भी
बार
बार
बदलाव
हो
रहे
हैं।
इतिहासकार
जफर
अंसारी
का
कहना
है,
रानी
सराय
शहर
के
मध्य
भाग
में
स्टोन
मेसनरी
की
अनूठी
इमारत
है।
यह
117
साल
पुरानी
है।
इसे
शिवाजीराव
होलकर
की
पत्नी
वाराणसी
बाई
साहिब
होलकर
ने
सवा
लाख
रुपए
से
बनवाया
था।
निर्माण
मुगल
शैली
में
किया
गया
है।
इस
ऐतिहासिक
इमारत
को
बचाना
चाहिए।
ऊपर
भवन
और
नीचे
मेट्रो
चलेगी,
पार्किंग
भी
बनेगी
मेट्रो
रेल
कार्पोरेशन
रीगल
तिराहा
स्थित
होलकर
कालीन
रानी
सराय
भवन
(पुराना
पुलिस
कंट्रोल
रूम)
जमींदोज
करने
की
तैयारी
में
है।
कार्पोरेशन
ने
इस
महत्वपूर्ण
स्थान
पर
दिल्ली
के
राजीव
चौक
जैसा
अंडरग्राउंड
मॉडल
स्टेशन
बनाने
की
योजना
बनाई
है।
यह
शहर
का
मुख्य
स्टेशन
होगा,
जिसमें
विशाल
पार्किंग
होगी।
तीसरे
चरण
में
एमजी
रोड
पर
हाई
कोर्ट
के
पास
से
एयरपोर्ट
तक
मेट्रो
अंडरग्राउंड
रहेगी।
रीगल
तिराहे
पर
मॉडल
अंडरग्राउंड
मेट्रो
स्टेशन
बनाने
का
फैसला
हुआ
है।
यह
स्टेशन
दिल्ली
मेट्रो
के
राजीव
चौक
स्टेशन
जैसा
रहेगा।
ऊपर
भवन
व
नीचे
से
मेट्रो
का
संचालन
होगा।
यहां
करीब
500
कार
व
अन्य
वाहनों
की
पार्किंग
रहेगी।
पास
में
रेलवे
स्टेशन
है,
उससे
अंडरग्राउंड
रास्ता
बनाने
की
कवायद
भी
चल
रही
है।