Indore News: इंदौर में स्मार्ट मीटर परियोजना की सफलता, 5 लाख मीटर से पार हुआ आंकड़ा


केंद्र
और
राज्य
सरकार
की
प्राथमिकता
वाली
स्मार्ट
मीटर
परियोजना
का
कार्य
निरंतर
जारी
है।
इस
परियोजना
का
उद्देश्य
बिजली
खपत
की
पारदर्शिता
को
बढ़ाना
और
उपभोक्ताओं
को
बेहतर
सेवा
प्रदान
करना
है।
इंदौर
शहर
में
स्मार्ट
मीटर
की
स्थापना
का
आंकड़ा
अब
पांच
लाख
को
पार
कर
चुका
है।
इस
परियोजना
से
बिजली
कंपनी
और
उपभोक्ताओं
के
बीच
बेहतर
संवाद
और
समझ
स्थापित
हो
रही
है,
जिससे
बिजली
खपत
पर
नियंत्रण
और
निगरानी
संभव
हो
पा
रही
है।


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स्मार्ट
मीटर
सेल
और
जिलों
में
कार्यप्रणाली

स्मार्ट
मीटर
सेल
के
साथ-साथ
विभिन्न
जिलों
की
टीम
भी
स्मार्ट
मीटर
परियोजना
का
संचालन
कर
रही
है।
इन
टीमों
का
मुख्य
उद्देश्य
मीटर
स्थापना
की
गुणवत्ता
सुनिश्चित
करना,
सही
रीडिंग
लेना,
डेटा
कलेक्शन
करना
और
त्रुटिरहित
बिलिंग
सुनिश्चित
करना
है।
इन
कार्यों
के
सफल
संचालन
से
उपभोक्ताओं
को
बेहतर
सेवाएं
मिल
रही
हैं
और
स्मार्ट
मीटरिंग
का
कार्य
तेजी
से
जारी
है।
इंदौर
शहर
में
5,05,000
स्मार्ट
मीटर
स्थापित
किए
जा
चुके
हैं,
जो
मध्य
प्रदेश
के
किसी
भी
शहर
में
सबसे
अधिक
हैं।


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अन्य
जिलों
में
स्मार्ट
मीटर
की
स्थापना

इंदौर
शहर
के
बाद,
मध्य
प्रदेश
बिजली
कंपनी
ने
अन्य
जिलों
में
भी
स्मार्ट
मीटर
की
स्थापना
की
है।
उज्जैन
जिले
में
1.12
लाख
और
रतलाम
जिले
में
1.10
लाख
स्मार्ट
मीटर
लगाए
जा
चुके
हैं।
इसके
अलावा,
अन्य
जिलों
में
10
हजार
से
लेकर
55
हजार
तक
स्मार्ट
मीटर
लगाए
गए
हैं।
इस
प्रकार,
कंपनी
क्षेत्र
में
अब
तक
11.46
लाख
स्मार्ट
मीटर
स्थापित
किए
जा
चुके
हैं,
जो
इस
परियोजना
की
सफलता
को
दर्शाता
है।
स्मार्ट
मीटर
परियोजना
के
तहत
मीटर
की
स्थापना
लगातार
तेज
गति
से
की
जा
रही
है।


स्मार्ट
मीटर
से
लाभ

स्मार्ट
मीटर
का
सबसे
बड़ा
फायदा
यह
है
कि
बिजली
कंपनी
को
घर-घर
जाकर
मीटर
रीडिंग
लेने
के
लिए
लाइन
स्टाफ
की
आवश्यकता
नहीं
होती
है।
स्मार्ट
मीटर
के
जरिए
कंट्रोल
रूम
पर
ऑटोमेटिक
मीटर
रीडिंग
होती
है,
जिससे
कंपनी
का
समय
और
संसाधन
बचता
है।
इसके
अलावा,
उपभोक्ताओं
को
भी
यह
लाभ
होता
है
कि
वे
अपनी
बिजली
खपत
को
सीधे
अपने
मोबाइल
पर
देख
सकते
हैं,
जिससे
उन्हें
अपनी
खपत
पर
अधिक
नियंत्रण
मिलता
है
और
वे
समय
पर
बिल
का
भुगतान
कर
सकते
हैं।