Indore News: इंदौर में लगेंगे 20 लाख पौधे, नई कालोनी में 10 प्रतिशत जमीन पर हरियाली जरूरी, तभी मिलेगी अनुमति


इंदौर
जिले
में
प्रतिवर्ष
की
तरह
इस
वर्ष
भी
मानसून
के
दौरान
वृक्षारोपण
का
सघन
अभियान
चलाया
जायेगा।
इस
अभियान
की
व्यापक
तैयारियां
प्रारंभ
हो
गई
है।
अभियान
को
व्यापक
जनभागीदारी
के
साथ
जन
आंदोलन
बनाया
जायेगा।
अभियान
के
तहत
वृक्षारोपण
के
लिए
विस्तृत
कार्य
योजना
तैयार
की
जा
रही
है।
जनप्रतिनिधियों
के
साथ
बैठक
आयोजित
कर
इस
कार्ययोजना
को
अंतिम
रूप
दिया
जायेगा।
प्रारंभिक
रूप
से
जिले
में
20
लाख
पौधे
लगाने
का
लक्ष्य
तय
किया
गया
है।
हरित
इंदौर
बनाने
के
लिए
अनेक
महत्वपूर्ण
निर्णय
भी
लिये
गये
है।
इसके
तहत
इंदौर
में
अब
कॉलोनी
विकास
की
अनुमति
के
साथ
10
प्रतिशत
क्षेत्र
में
हरित
क्षेत्र
विकसित
करने
की
शर्त
भी
जोड़ी
जायेगी।
इस
10
प्रतिशत
में
से
ढ़ाई
प्रतिशत
क्षेत्र
में
सघन
वृक्षारोपण
करना
जरूरी
होगा।
उक्त
कार्य
होने
के
पश्चात
कॉलोनी
पूर्णता
का
प्रमाण-पत्र
दिया
जायेगा।
साथ
ही
ऐसे
संगठन
और
संस्थाएं
जो
वृक्षारोपण
करना
चाहती
है,
उन्हें
भूमि
भी
चिह्नित
कर
वृक्षारोपण
के
लिए
दी
जायेगी।
इसकी
सूची
नगर
निगम
के
311
ऐप
पर
उपलब्ध
रहेगी।


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पौधों
की
सुरक्षा
पर
रखा
जायेगा
विशेष
ध्यान

यह
जानकारी
कलेक्टर
आशीष
सिंह
द्वारा
ली
गई
समीक्षा
बैठक
में
दी
गई।
बैठक
में
इंदौर
विकास
प्राधिकरण
के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
आर.पी.
अहिरवार,
वनमंडलाधिकारी
प्रदीप
मिश्रा
सहित
अन्य
संबंधित
विभागों
के
अधिकारी
मौजूद
थे।
बैठक
में
कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
मानसून
के
पूर्व
वृक्षारोपण
की
सभी
तैयारियां
पूरी
करने
के
निर्देश
दिये।
उन्होंने
कहा
कि
अभी
से
सभी
विभाग
वृक्षारोपण
के
लिए
स्थान
चयनित
कर
लें।
पौधों
की
व्यवस्था
कर
ली
जाये।
गड्ढे
खुदाई
का
कार्य
भी
अभी
से
प्रारंभ
कर
दें।
पूर्व
वर्ष
में
जो
भी
पौधे
लगे
है,
उनकी
सुरक्षा
पर
भी
विशेष
ध्यान
दिया
जाये।
यह
ध्यान
रखा
जाये
कि
नये
और
पुराने
लगे
सभी
पौधे
जीवित
रहें।
पौधों
की
सुरक्षा
और
सिंचाई
के
प्रबंध
भी
सुनिश्चित
किये
जायें।
संख्या
पर
नहीं
बल्कि
गुणवत्ता
पर
विशेष
ध्यान
रखें।


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विभागों
को
लक्ष्य
आवंटित

बैठक
में
उन्होंने
वृक्षारोपण
के
लिए
विभागों
को
लक्ष्य
आवंटित
किये।
बताया
गया
कि
जिले
में
प्रारंभिक
रूप
से
20
लाख
पौधे
लगाये
जाने
का
लक्ष्य
रखा
गया
है।
मुख्य
रूप
से
वन
विभाग
द्वारा
10
लाख
पौधे
लगाये
जायेंगे।
इसके
अलावा
नगर
निगम
द्वारा
दो
लाख,
जिला
पंचायत
द्वारा
एक
लाख,
इंदौर
विकास
प्राधिकरण
द्वारा
ढ़ाई
लाख,
उद्यानिकी
विभाग
द्वारा
एक
लाख,
महिला
एवं
बाल
विकास
विभाग
द्वारा
ढ़ाई
लाख
पौधों
का
रोपण
प्रमुखता
से
किया
जायेगा।
नगर
परिषदों,
कृषि,
शिक्षा,
स्वास्थ,
उद्योग
आदि
विभाग
भी
वृक्षारोपण
अभियान
में
हिस्सा
लेंगे।
इनके
लिए
भी
लक्ष्य
तय
किये
गये
हैं।


हरित
इंदौर
के
लिए
यह
रहेगी
शर्त
जरूरी

कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
हरित
इंदौर
के
लिए
कॉलोनी
विकास
के
लिये
जारी
की
जाने
वाली
विकास
अनुमति
में
10
प्रतिशत
क्षेत्र
को
हरित
क्षेत्र
के
रूप
में
विकसित
करने
की
शर्त
का
सख्ती
से
पालन
कराने
के
निर्देश
दिये
है।
उन्होंने
इस
संबंध
में
कॉलोनी
सेल
प्रभारी
को
आदेश
जारी
करने
के
संबंध
में
निर्देशित
किया
है।
बताया
गया
कि
इंदौर
में
अब
नवीन
कॉलोनी
विकास
की
अनुमति
के
साथ
10
प्रतिशत
क्षेत्र
को
हरित
क्षेत्र
के
रूप
में
विकसित
करना
अनिवार्य
होगा।
इसमें
से
2.5
प्रतिशत
क्षेत्र
में
सघन
वृक्षारोपण
करना
जरूरी
रहेगा।
यह
कार्य
पूर्ण
किये
बिना
कॉलोनी
को
पूर्णता
प्रमाण
पत्र
जारी
नहीं
किया
जायेगा।
यह
निर्णय
इंदौर
को
दीर्घकालिक
रूप
से
हरित
और
पर्यावरण
अनुकुल
बनाने
की
दिशा
में
बड़ा
कदम
है।

इच्छुक
संगठनों
को
वृक्षारोपण
के
लिये
भूमि
उपलब्ध
कराई
जाएगी

जो
संगठन
और
संस्थाएं
वृक्षारोपण
करना
चाहती
हैं,
उनके
लिए
नगर
निगम
द्वारा
चिह्नित
भूमि
उपलब्ध
कराई
जाएगी।
इन
स्थलों
की
जानकारी
इंदौर
नगर
निगम
के
311
मोबाइल
ऐप
पर
भी
उपलब्ध
रहेगी,
ताकि
कोई
भी
संस्था
आसानी
से
अपने
नजदीकी
क्षेत्र
में
वृक्षारोपण
कर
सके।


अभियान
को
जन
आंदोलन
का
रूप
देने
की
तैयारी

जिला
प्रशासन
इस
अभियान
को
जनभागीदारी
से
जन
आंदोलन
का
स्वरूप
देने
की
योजना
बना
रहा
है।
इसके
तहत
विभिन्न
विभागों,
संस्थाओं,
जनप्रतिनिधियों,
सामाजिक
संगठनों
और
आम
नागरिकों
को
इस
अभियान
में
सक्रिय
रूप
से
जोड़ा
जाएगा।
वृक्षारोपण
के
लिए
एक
विस्तृत
कार्य
योजना
तैयार
की
जा
रही
है,
जिसे
शीघ्र
ही
अंतिम
रूप
दिया
जाएगा।


पौधा
विक्रय
केंद्र
प्रारंभ-
ऑनलाइन
पेमेंट
की
भी
सुविधा

नवरतन
बाग
स्थित
वन
विभाग
कार्यालय
में
पौधा
विक्रय
केंद्र
प्रारंभ
किया
गया
है।
यहां
विभिन्न
प्रजातियों
के
पौधे
उपलब्ध
रहेंगे,
जिनमें
सजावटी,
फलदार,
छायादार
और
औषधीय
पौधों
की
प्रजातियां
शामिल
हैं।
यहां
अधिक
ऊंचाई
वाले
शोभामान
पौधे
भी
मिलेंगे,
जो
घरों,
संस्थानों
और
उद्यानों
की
सुंदरता
बढ़ाते
हैं।
इस
पौधा
विक्रय
केंद्र
की
खास
बात
यह
है
कि
यहां
ग्राहक
अब
ऑनलाइन
पेमेंट
कर
अपने
मनपसंद
पौधों
की
खरीदारी
कर
सकेंगे।
यह
सुविधा
विशेष
रूप
से
युवाओं
और
तकनीक
से
जुड़े
लोगों
के
लिए
सहूलियत
भरी
होगी।
वन
विभाग
की
यह
पहल
शहरवासियों
को
पर्यावरण
के
प्रति
जागरूक
करने
और
अधिक
से
अधिक
पौधारोपण
के
लिए
प्रेरित
करने
की
दिशा
में
एक
सराहनीय
कदम
है।
आने
वाले
समय
में
इस
केंद्र
से
हर
साल
हजारों
पौधे
वितरित
किए
जाने
की
उम्मीद
है,
जिससे
इंदौर
और
आसपास
के
क्षेत्र
और
अधिक
हरित
बन
सकेंगे।