
इंदौर
के
रजत
पाटीदार
ने
पूरी
दुनिया
में
इंदौर
का
नाम
रोशन
कर
दिया
है।
उनकी
कप्तानी
में
रॉयल
चैलेंजर्स
बैंगलुरु
(आरसीबी)
ने
पहली
बार
आईपीएल
ट्रॉफी
अपने
नाम
कर
ली
है।
उनके
पिता
मनोहर
पाटीदार
ने
बताया
कि
रजत
की
सफलता
से
सभी
का
सिर
एक
बार
फिर
से
गर्व
से
ऊंचा
हो
गया।
पिता
ने
बताया
कि
जब
भी
रजत
इंदौर
में
रहता
है
वह
खजराना
गणेश
मंदिर
के
दर्शन
करने
जरूर
जाता
है।
मां
के
हाथ
का
खाना
उन्हें
बेहद
पसंद
है।
हालांकि,
अब
वे
अधिकतर
समय
बेंगलुरु
में
बिताते
हैं,
खासकर
आईपीएल
की
कप्तानी
मिलने
के
बाद
से।
विज्ञापन
Trending
Videos
विज्ञापन
बड़े
खिलाड़ियों
के
साथ
खेलना
बचपन
से
पसंद
आरसीबी
ने
पिछले
17
सालों
में
कई
कप्तान
बदले,
लेकिन
इस
बार
रजत
टीम
के
लिए
लकी
चार्म
साबित
हुए।
उन्होंने
इस
सीजन
में
15
मैचों
में
143.77
के
स्ट्राइक
रेट
से
312
रन
बनाए
और
दो
अर्धशतक
भी
लगाए।
अब
तक
रजत
ने
अपने
आईपीएल
करियर
में
1111
रन
पूरे
कर
लिए
हैं।
रजत
के
पिता
मनोहर
पाटीदार
बताते
हैं
कि
बचपन
से
ही
रजत
का
झुकाव
क्रिकेट
की
ओर
था
और
वे
अपने
से
बड़े
लड़कों
के
साथ
खेला
करते
थे।
रजत
राइट
हैंड
बैट्समैन
के
साथ-साथ
एक
बेहतरीन
ऑफ
स्पिनर
भी
हैं।
वे
2021
से
आरसीबी
फ्रेंचाइज़ी
के
साथ
जुड़े
हुए
हैं
और
2022
में
इंजरी
रिप्लेसमेंट
के
तौर
पर
टीम
में
वापसी
की
थी।
उस
समय
तक
वे
27
मैचों
में
158.85
के
स्ट्राइक
रेट
से
799
रन
बना
चुके
थे,
जिसमें
एक
शतक
और
सात
अर्धशतक
शामिल
थे।
इस
बार
कप्तान
बनने
पर
विराट
कोहली
ने
भी
उनका
समर्थन
किया।
गेंदबाज
के
रूप
में
शुरू
किया
करियर
रजत
पाटीदार
का
जन्म
1
जून
1993
को
इंदौर
में
हुआ
था।
आठ
साल
की
उम्र
में
वे
एक
क्रिकेट
क्लब
में
शामिल
हो
गए
थे
और
इसके
बाद
उनके
दादा
जी
ने
उन्हें
एक
क्रिकेट
अकादमी
में
दाखिला
दिलाया।
रजत
ने
अपने
करियर
की
शुरुआत
एक
गेंदबाज
के
रूप
में
की
थी,
लेकिन
अंडर-15
के
बाद
वे
बल्लेबाज़ी
पर
केंद्रित
हो
गए।
महज
10
साल
की
उम्र
में
वे
अपनी
उम्र
से
बड़े
खिलाड़ियों
के
साथ
मैच
खेलने
लगे
थे।
रजत
ने
21
दिसंबर
2023
को
दक्षिण
अफ्रीका
के
खिलाफ
अंतरराष्ट्रीय
क्रिकेट
में
डेब्यू
किया।
रणजी
ट्रॉफी
में
2015
से
करियर
की
मजबूत
शुरुआत
रजत
पाटीदार
ने
2015
से
रणजी
ट्रॉफी
में
मध्यप्रदेश
की
ओर
से
खेलना
शुरू
किया।
इसके
बाद
उनके
प्रदर्शन
में
लगातार
सुधार
हुआ।
सैयद
मुश्ताक
अली
ट्रॉफी
2024-25
में
रजत
को
मध्यप्रदेश
टीम
का
कप्तान
नियुक्त
किया
गया।
इस
टूर्नामेंट
में
उन्होंने
9
पारियों
में
61.14
की
औसत
और
186.08
की
स्ट्राइक
रेट
से
428
रन
बनाए।
इस
प्रदर्शन
में
उनके
5
अर्धशतक
शामिल
रहे
और
वे
टूर्नामेंट
के
दूसरे
सबसे
ज्यादा
रन
बनाने
वाले
खिलाड़ी
बने।
रणजी
ट्रॉफी
में
उनका
एक
और
कीर्तिमान
है
उन्होंने
सिर्फ
68
गेंदों
में
शतक
जड़कर
पांचवां
सबसे
तेज
शतक
लगाने
का
रिकॉर्ड
अपने
नाम
किया।
यह
प्रदर्शन
हरियाणा
के
खिलाफ
रहा,
जहां
उन्होंने
कुल
159
रन
बनाए
थे।
ऑलराउंड
प्रदर्शन
और
कप्तानी
से
रचा
इतिहास
रजत
पाटीदार
का
करियर
उनकी
मेहनत,
लगन
और
निरंतर
सुधार
का
प्रतीक
बन
चुका
है।
एक
ऑलराउंडर
खिलाड़ी
के
तौर
पर
उन्होंने
बल्लेबाजी
और
गेंदबाजी
दोनों
में
अपनी
योग्यता
साबित
की
है।
आईपीएल
2025
में
आरसीबी
की
ऐतिहासिक
जीत
के
साथ
उन्होंने
न
केवल
अपने
नाम
बल्कि
अपने
गृहनगर
इंदौर
का
नाम
भी
रोशन
किया
है।
उनकी
सफलता
में
पारिवारिक
समर्थन
और
कड़ी
मेहनत
की
अहम
भूमिका
रही
है।
क्रिकेट
की
दुनिया
में
यह
सफर
उनके
लिए
प्रेरणादायक
रहा
और
अब
वे
युवा
खिलाड़ियों
के
लिए
एक
मिसाल
बन
चुके
हैं।
उनके
शानदार
प्रदर्शन
और
शांत
स्वभाव
ने
उन्हें
एक
मजबूत
कप्तान
और
भरोसेमंद
खिलाड़ी
के
रूप
में
स्थापित
कर
दिया
है।