Indore News: युद्ध विराम के बाद भी पटरी पर नहीं लौटा पर्यटन, दक्षिण भारत और गोवा बन रहा पसंद


भारत
और
पाकिस्तान
के
बीच
युद्ध
विराम
लागू
हो
चुका
है
और
सीमावर्ती
इलाकों
में
स्थितियां
धीरे-धीरे
सामान्य
हो
रही
हैं।
पाकिस्तान
सीमा
से
सटे
एयरपोर्ट्स
पर
बंद
की
गईं
यात्री
उड़ानें
भी
अब
धीरे-धीरे
फिर
से
शुरू
हो
रही
हैं।
इसके
बावजूद
पर्यटकों
में
उत्तर
भारत
की
यात्रा
को
लेकर
भय
का
वातावरण
बना
हुआ
है।
हाल
ही
की
घटनाओं
ने
यात्रियों
को
उत्तर
की
ओर
जाने
से
हतोत्साहित
किया
है
और
अब
अधिकांश
लोग
दक्षिण
भारत
की
यात्रा
को
प्राथमिकता
दे
रहे
हैं।

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पहलगाम
आतंकी
हमले
के
बाद
बढ़ा
डर,
पर्यटक
बदल
रहे
हैं
गंतव्य

22
अप्रैल
को
जम्मू-कश्मीर
के
पहलगाम
में
आतंकवादियों
ने
पर्यटकों
को
निशाना
बनाकर
हमला
किया
था,
जिसमें
26
लोगों
की
मौत
हो
गई
थी
और
कई
घायल
हुए
थे।
इस
हमले
के
बाद
उत्तर
भारत
की
यात्रा
से
लोग
बचने
लगे।
जवाबी
कार्रवाई
में
भारत
ने
6
मई
की
रात
पाकिस्तान
और
पीओके
में
स्थित
आतंकी
ठिकानों
पर
हमला
किया,
जिसके
बाद
दोनों
देशों
के
बीच
युद्ध
जैसे
हालात
बन
गए
थे।
लगातार
हो
रहे
हमलों
के
चलते
जम्मू-कश्मीर,
लेह,
पंजाब,
राजस्थान
और
गुजरात
के
एयरपोर्ट्स
से
यात्री
उड़ानों
का
संचालन
अस्थायी
रूप
से
रोक
दिया
गया
था।


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10
मई
को
युद्ध
विराम
की
घोषणा,
फिर
भी
उड़ानों
पर
असर

भारत-पाकिस्तान
के
बीच
10
मई
की
शाम
युद्ध
विराम
की
घोषणा
की
गई,
जिसके
बाद
से
सीमाओं
पर
शांति
बनी
हुई
है।
हालांकि
अब
भी
सभी
उड़ानें
पूरी
तरह
शुरू
नहीं
हो
सकी
हैं।
इंदौर
से
जम्मू,
जोधपुर
और
चंडीगढ़
के
लिए
यात्री
उड़ानों
का
संचालन
15
मई
से
दोबारा
शुरू
किया
जाएगा।
इस
बीच
जिन
पर्यटकों
ने
पहले
से
उत्तर
भारत
के
गंतव्यों
जैसे
जम्मू-कश्मीर,
पंजाब,
हिमाचल
प्रदेश
और
राजस्थान
की
योजना
बनाई
थी,
उन्होंने
अब
अपनी
यात्राएं
रद्द
कर
दी
हैं।
युद्ध
विराम
के
बाद
भी
अधिकांश
पर्यटक
अब
अन्य
सुरक्षित
विकल्पों
की
ओर
रुख
कर
रहे
हैं।


गोवा
और
दक्षिण
भारत
पर्यटकों
की
पहली
पसंद
बने

ट्रेवल
एजेंट्स
फेडरेशन
ऑफ
इंडिया
के
सचिव
अमोल
कटारिया
ने
बताया
कि
हालिया
तनाव
के
चलते
बड़ी
संख्या
में
लोगों
ने
अपने
पूर्व
निर्धारित
दौरे
रद्द
कर
दिए
हैं।
वर्तमान
में
जब
स्थिति
सामान्य
होती
नजर

रही
है,
तब
भी
पर्यटक
गोवा,
केरल
और
दक्षिण
भारत
के
प्रमुख
धार्मिक
और
पर्यटन
स्थलों
को
प्राथमिकता
दे
रहे
हैं।
इसके
अलावा
पर्यटकों
में
नॉर्थ
ईस्ट
भारत
की
यात्रा
को
लेकर
भी
खासा
उत्साह
देखा
जा
रहा
है,
जो
एक
सकारात्मक
संकेत
है
कि
लोग
अब
कम
भीड़भाड़
वाले
और
शांत
क्षेत्रों
की
ओर
रुख
करना
पसंद
कर
रहे
हैं।