
निगम
के
अमले
का
किया
लोगों
ने
विरोध
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
स्मार्ट
सिटी
प्रोजेक्ट
के
तहत
होने
वाले
निर्माणों
में
बाधक
स्वतंत्रता
संग्राम
सेनानियों
के
मकान
तोड़ने
सोमवार
को
नगर
निगम
का
अमला
पहुंचा,
लेकिन
उसे
लोगों
के
विरोध
का
सामना
करना
पड़ा।
सेनानियों
के
परिवारों
ने
घरों
से
सामान
बाहर
निकाल
दिया
और सड़क
पर
बैठ
गए।
मौके
पर
इंदौर
लोकसभा
सीट
के
कांग्रेस
उम्मीदवार
अक्षय
बम
भी
जा
पहुंचे
और
बुलड़ोजर
पर
चढ़कर
मकान
तोड़े
जाने
का
विरोध
करने
लगे।
आखिरकार
दबाव
में
अफसर
कार्रवाई
को
अंजाम
नहीं
दे
पाए
और
उन्हें
उलटे
पैैर
लौटना
पड़ा।
सालों
पहले
सरकार
ने
एमअेाजी
लाइन
क्षेत्र
में
स्वतंत्रता
संग्राम
सेनानियों
को
मकान
आवंटित
किए
थे।
ज्यादातर
सेनानियों
का
निधन
हो
चुका
है,
लेकिन
उनके
परिवार
अभी
भी
यहां
रहते
है।
स्मार्ट
सिटी
प्रोजेक्ट
के
तहत
नगर
निगम
को
यहां
नए
निर्माण
व
सरकारी
दफ्तर
बनाना
है।
इस
कारण
दस
से
ज्यादा
परिवारों
को
हटाने
के
नोटिस
पिछले
दिनों
जारी
किए
गए
थे।
सोमवार
को
दो
बुलडोजर
और 100
से
ज्यादा
कर्मचारियों
के
साथ
नगर
नगम
की
टीम
मकान
तोड़ने
पहुंची।
कुछ
मकान
तोड़े
ही
थे
और परिवारों
ने
अफसरों
से
नोकझोंक
शुरू
कर
दी।
वे
क्षेत्रीय
पार्षद
भारत
रघुवंशी
के
खिलाफ
भी
नारेबाजी
करने
लगे।
इस
बीच
मौके
पर
कांग्रेस
उम्मीदवार
अक्षय
बम
पहुंचे।
उन्होंने
रहवासियों
के
साथ
अफसरों
से
विवाद
करना
शुरू
कर
दिया।
माहौल
गरमाता
देख
अफसर
मकान
तोड़े
बगैर
लौट
गए।
निगम
के
अमले
के
साथ
बड़ी
संख्या
में
पुलिस
बल
भी
मौजूद
था।