
इंदौर
में
सायबर
ठगों
ने
एक
महिला
रिटायर्ड
बैंक
प्रिंसिपल
को
पूरी
तरह
अपने
जाल
में
फंसा
लिया।
ठगों
ने
उनकी
सीम
के
गलत
इस्तेमाल
होने
व अकाउंट
में
ट्रांजेक्शन
की
बात
पर
धमकाया।
उन्होंने
प्रिसिंपल
को
सायबर
अरेस्ट
कर
लिया
और एक
करोड़
रुपये
की
मांग
की।
उसे
घर
में
ही
फोन
काॅल
के
सामने
बैठे
रहने
को
कहा।
महिला
ने
कहा
कि
उसकी
52
लाख
रुपये
की
एफडी
बैंक
में
है।
उसे
तुड़वाने
बैंक
जाना
होगा।
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इसके
बाद
महिला
बैंक
पहुंची
और
एफडी
तोड़कर
ठगों
के
अकाउंट
में
पैसे
ट्रांसफर
करने
की
प्रक्रिया
शुरू
कर
दी।
बैंक
मैनेजर
को
एफडी
तुड़वाने
पर
शंका
हुई
तो
उन्होंने सर्वर
डाउन
होने
का
हवाला
देकर
महिला
को
रवाना
कर
दिया।
इसके
बाद
सायबर
पुलिस
को
सूचना
दी।
सायबर
ठगों
ने
वारदात
का
शिकार
सेंट्रल
स्कूल
की
प्राचार्य
नंदनी
चिपलूणकर
को
बनाने
की
कोशिश
की
थी।
काॅल
आने
के
बाद
वह
इतना
डर
गई
कि
अपने
पति
को
भी
उन्होंने
बात
नहीं
बताई।
ठग
उन्हें
कर
रहे
थे
कि
उनके
खिलाफ
267
एफआईआर
है।
उन्होंने
जेट
एयरवेज
के
मालिक
नरेश
गोयल
का
हवाला
दिया
और
नंदनी
को
कहा
कि
गोयल
ने
कोर्ट
के
सामने
तुम्हारा
नाम
लिया
है।
ठगों
ने
बचने
के
लिए
एक
करोड़
रुपये
बैंक
अकाउंट
में
जमा
करने
की
बात
कही।
नंदनी
के
बैंक
जाने
के
बाद
मैनेजर
को
शंका
हुई
तो
उन्होंने
पुलिस
अफसरों
को
इसकी
जानकारी
दी।
अफसरों
ने
महिला
से
संपर्क
किया
और
सायबर
ठगी
की
जानकारी
दी।
इसके
बाद
महिला
की
शिकायत
पर
उन्होंने
केस
भी
दर्ज
किया।