
इंदौर
में
पिछले
कुछ
साल
में
नगर
निगम
ने
शहर
की
12
प्रमुख
सब्जी
मंडियों
को
हटाया
है।
इसकी
वजह
से
सैकड़ों
लोगों
का
रोजगार
खत्म
हुआ
है।
निगम
की
यह
कार्रवाई
लगातार
चल
रही
है
और
आने
वाले
समय
में
शहर
में
से
कई
अन्य
प्रमुख
सब्जी
मंडियों
और
फल
मंडियों
को
हटाया
जाएगा।
हाल
ही
में
कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
भी
आदेश
दिए
हैं
कि
ट्रैफिक
व्यवस्था
को
सुगम
बनाने
के
लिए
फुटपाथ
पर
व्यापार
करने
वालों
को
हटाया
जाए।
इसके
तहत
निगम
की
टीम
कई
जगह
पर
कार्रवाई
कर
रही
है।
इसी
आदेश
के
तहत
हरसिद्धी
मंडी
को
हटाने
भी
निगम
की
टीम
पहुंची
थी
जहां
पर
ठेलेवालों
का
निगम
के
अमले
से
विवाद
हुआ
था।
इसके
बाद
निगम
की
टीम
ने
पुलिस
की
मौजूदगी
में
ठेलेवालों
से
मारपीट
की
और
बाद
में
ठेलेवालों
पर
ही
पुलिस
केस
भी
दर्ज
करवा
दिया
गया।
इस
कार्रवाई
के
बाद
यहां
के
50
से
अधिक
सब्जी
और
फल
वाले
बेरोजगार
होकर
दर
दर
भटक
रहे
हैं।
में
पिछले
कुछ
साल
में
नगर
निगम
ने
शहर
की
12
प्रमुख
सब्जी
मंडियों
को
हटाया
है।
इसकी
वजह
से
सैकड़ों
लोगों
का
रोजगार
खत्म
हुआ
है।
निगम
की
यह
कार्रवाई
लगातार
चल
रही
है
और
आने
वाले
समय
में
शहर
में
से
कई
अन्य
प्रमुख
सब्जी
मंडियों
और
फल
मंडियों
को
हटाया
जाएगा।
हाल
ही
में
कलेक्टर
आशीष
सिंह
ने
भी
आदेश
दिए
हैं
कि
ट्रैफिक
व्यवस्था
को
सुगम
बनाने
के
लिए
फुटपाथ
पर
व्यापार
करने
वालों
को
हटाया
जाए।
इसके
तहत
निगम
की
टीम
कई
जगह
पर
कार्रवाई
कर
रही
है।
इसी
आदेश
के
तहत
हरसिद्धी
मंडी
को
हटाने
भी
निगम
की
टीम
पहुंची
थी
जहां
पर
ठेलेवालों
का
निगम
के
अमले
से
विवाद
हुआ
था।
इसके
बाद
निगम
की
टीम
ने
पुलिस
की
मौजूदगी
में
ठेलेवालों
से
मारपीट
की
और
बाद
में
ठेलेवालों
पर
ही
पुलिस
केस
भी
दर्ज
करवा
दिया
गया।
इस
कार्रवाई
के
बाद
यहां
के
50
से
अधिक
सब्जी
और
फल
वाले
बेरोजगार
होकर
दर
दर
भटक
रहे
हैं।
सब्जीवालों
की
सुरक्षा
के
लिए
संसद
ने
पास
किया
था
अर्बन
स्ट्रीट
वेंडर्स
एक्ट
देश
में
सब्जीवालों,
फलवालों
और
फुटपाथ
पर
व्यापार
करने
वालों
की
सुरक्षा
के
लिए
संसद
में
2006
में
अर्बन
स्ट्रीट
वेंडर्स
अमेंडमेंट
एक्ट
पास
हुआ
है।
इसका
उद्देश्य
है
इनका
रोजगार
बढ़ाना
और
इन्हें
सुरक्षा
प्रदान
करना।
यह
एक्ट
कहता
है
कि
किसी
भी
शहर
में
स्थानीय
और
प्राचीन
मंडियों
के
लिए
जगह
रखना
है।
फुटपाथ
पर
काम
करने
वालों
को
सुरक्षा
देना
है।
हालांकि
इस
एक्ट
का
पालान
किसी
भी
शहर
में
नहीं
किया
जा
रहा
है।
हजारों
लोग
प्रभावित
हुए
स्थानीय
मंडियों
की
वजह
से
लोगों
को
सस्ती
और
बेहतर
चीजें
घर
के
पास
ही
मिल
जाती
हैं।
स्थानीय
प्राचीन
मंडियों
को
हटाने
से
आसपास
के
रहवासी
क्षेत्रों
के
हजारों
लोगों
को
खरीदारी
करने
के
लिए
दूर
जाना
पड़ता
है।
इससे
अर्थव्यवस्था
पर
भी
प्रभाव
पड़ता
है
और
रोजगार
भी
छिनते
हैं।
हम
मंडियों
को
शिफ्ट
कर
रहे
नगर
निगम
के
रिमूवल
अधिकारी
ब्रजमोहन
भगौरिया
ने
बताया
कि
हमने
कई
प्रमुख
मंडियां
हटाई
हैं
लेकिन
हमने
उन्हें
जगह
भी
दी
है।
कांच
मंदिर
मंडी
को
इतवारिया
बाजार
में,
मालवा
मिल
को
राजकुमार
ब्रिज
और
भंडारी
ब्रिज
में,
पीपल्याहाना
को
बंगाली
ब्रिज
में
शिफ्ट
किया
है।
हम
हाकर्स
जोन
भी
बना
रहे
हैं
जहां
पर
सब्जी
वालों
और
फल
वालों
को
जगह
दी
जाएगी।
ट्रैफिक
जाम
की
वजह
से
पुरानी
मंडियों
को
हटाया
जा
रहा
है।
शहर
में
कितनी
मंडियां
खत्म
कर
दी
गईं
1.
मल्हारगंज
कांच
मंदिर
2.
शिवाजी
नगर
3.
मालवा
मिल
4.
पीपल्याहाना
5.
बाणगंगा
6.
अन्नपूर्णा
7.
नंदलालपुरा
8.
लालबाग
9.
पाटनीपुरा
10.
ओल्ड
राजमोहल्ला
11.
कालानी
नगर
मंडी
12.
राजकुमार
मिल
एक
बाजार
और
एक
चौपाटी
भी
हटी
1.
गोपाल
मंदिर
का
बाजार
हटाया
2.
मेघदूत
चौपाटी