Indore:भारत पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का असर हापुस आम के निर्यात पर भी पड़ा

इंदौर
के
ग्रामीण
हाट
बाजार
में
मराठी
सोशल
ग्रुप
के
चल
रहे
मेंगो
जत्रा
में
कोंकण
में
23
किसान
आए
है।
उन्हें
मेले
में
तो
अच्छा
प्रतिसाद
मिल
रहा
है,
लेकिन
उन्हें
हापुस
के
निर्यात
की
चिंता
भी
है।
हापुस
आम
की
देश
मे
तो
खासी
डिमांड
रहती
है,
विदेशों
में
भी
महंगे
दामों
में
बिकता
है,
लेकिन
आपरेशन
सिंदूर
के
बाद
सीमा
पर
उपजे
तनाव
का
असर
दिखाई
दे
रहा
है।
देश
की
अंतरर्राष्ट्री
उड़ानें
भी
प्रभावित
हुई
है।
इस
कारण
अम
का
निर्यात
कम
हुआ है,हालांकि
घरेलू
बाजार
में
आम
की
डिमांड
अच्छी
बनी
हुई
है।

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रत्नागिरी
से
आए
आम
उत्पादक
हर्ष
नाईक
ने
बताया
कि
कोंकण
का
हापुस
यूके,
दुबई,
यूएई
के
अलावा
अरब
देशों
में
भी
जाता
है।
हापुस
आम
जल्दी
खराब
हो
जाता
है।
इस
वजह
से
इसे
जहाजों
के
बजाए
कार्गो
फ्लाइट
से
ही
भेजा
जाता
है।
अभी
उड़ानें
कम होने
का
असर
भी
निर्यात
पर
पड़
रहा
है।
यह
हापुस
का
सीजन
है,
लेकिन
विदेशी
डिमांड
अचानक
कम
हो
गए।


गुठलियां
दी
जा
रही
वन
विभाग
को

मेंगो
जत्रा
में
आ रहे
लोग
आम
खरीदकर
भी
खा
रहे।
मराठी
सोशल
ग्रुप
उन
गुठलियों
को
एकत्र
कर
रहा
है
और वन
विभाग
को
दे
रहा
है,ताकि
उनके
रोपे
तैयार
हो
सके।
ग्रुप
के
सुधीर
दांडेकर
और
राजेश
शाह
ने
बताया
कि
बाद
में
आम
के
पौधों
को
किसानों
को
वितरित
किया
जाएगा।
इस
बार
भी
जत्रा
को
अच्छा
प्रतिसाद
मिल
रहा
है।
रत्नागिरी
और
देवगढ़
के
किसान
सीधे
वहां
से
आम
लाए
है।
रविवार
को
मेले
का
आखिरी
दिन
रहेगा।
जत्रा
में
आए
लोग
फूड
स्टाॅल
के
व्यंजनों
को
भी
चख
रहे
है।
इसके
अलावा
कोंकण
के
कोकम
शरबत,
अचार
के
स्टाॅल
भी
लगे
है।