
इंदौर
में
मेट्रो
ट्रेन
के
संचालन
की
तैयारी
सरकार
ने
शुरू
कर
दी
है।
20
मई
से
मेट्रो
का
नियमित
संचालन
शुरू
हो
सकता
है,
हालांकि
अभी
विधिवत
घोषणा
नहीं
हुई
है।
मेट्रो
ट्रेन
में
कुछ
दिनों
तक शहरवासियों
को
फ्री
राइड
मिलेगी।
इसके
बाद
तय
किराए
के
हिसाब
से
राशि
ली
जाएगी।
फिलहाल
गांधी
नगर
डिपों
से
बांगड़दा
के
स्टेशन
तक
सात किलोमीटर
हिस्से
में
मेट्रो
का
संचालन
होगा।
इंदौर
प्रदेश
का
पहला
शहर
होगा,
जहां
मेट्रो
ट्रेन
का
संचालन
होगा।
फिलहाल
इंदौर
में
मेट्रो
का
रुट
31
किलोमीटर
है।
आने
वाले
समय
में
इसमें
और
विस्तार
हो
सकता
है।
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से
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किलोमीटर
तक
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गए
मेट्रो
ट्रेन
के
ट्रैक,
छह
माह
बाद
होगा
ट्रायल
रन;
जानें
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यह
है
इंदौर
मेट्रो
की
खासियत
-इंदौर
मेट्रो
एयरपोर्ट,
दो
बस
स्टैंड
और रेलवे
स्टेशन
को
कवर
करेगी।
शहर
के
मध्य
हिस्से
के
ट्रैफिक
को
कम
करने
में
मददगार
साबित
होगी।
-हर
30
मिनट
के
अंतर
से
मेट्रो
ट्रेन
चलेगी।शहर
में
कुल
28
स्टेशनों
से
ट्रेन
गुजरेगी।
फिलहाल
15
जगह
स्टेशनों
का
काम
चल
रहा
है।
20
से
लेकर
80
रुपये
तक
मेट्रो
ट्रेन
का
किराया
होगा।
मेट्रो
ट्रेन
कार्पोेरेशन
ने
किराए
के
लिहाज
से
मेट्रो
रुट
को
पांच
जोन
में
बांटा
है।
-मेट्रो
ट्रेन
का
संचालन
सुबह
आठ
बजे
से
शुरू
होगा
और
रात
आठ
बजे
तक
चलेगी।
।
फिलहाल
मेट्रो
का
संचालन
सात
किलोमीटर
हिस्से
में
होगा।
यहां
मेट्रो
का
किराया
अधिकतम
30
रुपये
होगा।
–
20
से
ज्यादा
मेट्रो
ट्रेन
का
संचालन
होगा।
एक
ट्रेन
में
साढ़े
चार
सौ
यात्री
संवार
हो
सकेंगे।
बैठने
के
अलाए
खड़े
रहकर
सफर
करने
में
भी
आसानी
होगी।
ट्रेन
के
भीतर
लगे
पोल
में
चार
ग्रिप
दी
गई
है।
जिसे
यात्री
पकड़
कर
सफर
कर
सकते
है।
मेट्रो
ट्रेन
बाहरी
और
आतंरिक
रुप
से
सीसीटीवी
कैमरों
से
लैस
होगी।
अगले
साल
17
किलोमीटर
हिस्से
में
शुरू
होगा
रन
गांधी
नगर
से
रेडिसन
चौराहा
तक
17
किलोमीटर
लंबाई
में
मेट्रो
का
ट्रायल
रन
छह
माह
बाद
होगा।
वहां
तक
मेट्रो
के
रन
में
सालभर
का
समय
लग
सकता
है।
सुपर
कारिडोर
के
11
किलोमीटर
हिस्से
में
हाल
ही
में
ट्रायल
रन
लिया
जा
चुका
है,
लेकिन
उसके
आगे
अभी
ट्रेक
और मेट्रो
स्टेशनों
का
काम
बाकी
है।
इस
कारण
बचे
छह
किलोमीटर
के
हिस्से
में
ज्यादा
समय
लगेगा।
उधर
मेट्रो
के
मध्य
हिस्से
में
अभी
तक
काम
शुरू
नहीं
हो
पाया
है,
जबकि
ठेकेदार
कंपनी
का
भी
चयन
हो
चुका
है।
मध्य
हिस्से
में
अंडरग्राउंड
काम
होना
है।