कोटेश्वर
महानदी
पुल
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
कटनी
जिले
को
खजुराहो
और
अमरकंटक
मार्ग
से
जोड़ने
वाला
मुख्य
मार्ग
पिछले
दो
साल
से
बंद
पड़ा
है,
जिसके
चलते
40
गांव
के
हजारों
लोग
परेशान
हैं।
ऐसे
ही
आक्रोशित
ग्रामीणों
ने
मंगलवार
को
बरही
बस
स्टैंड
से
लेकर
कमानिया
गेट
तक
पैदल
यात्रा
निकालते
हुए
रोष
जताया
है।
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लंबे
वक्त
से
परेशान
ग्रामीणों
ने
बताया
कि
पुल
बंद
होने
से
बच्चों
से
लेकर
बुजुर्गों
को
ज्यादा
परेशानी
उठानी
पड़
रही
है।
हमारी
मांग
सिर्फ
इतनी
है
कि
बाइक
के
साथ
एंबुलेंस
ऑटो
निकलने
योग्य
पुल
की
मरम्मत
तो
करा
ही
दें।
क्योंकि
हाल
ही
में
एंबुलेंस
न
जाने
से
एक
महिला
की
मौत
हो
गई
थी।
ऐसी
घटना
पुनः
समाने
न
आए,
इसलिए
हम
सभी
ग्रामीण
बरही
क्षेत्र
में
इक्कठे
हुए
थे।
हमने
अपनी
मांग
जिला
प्रशासन
को
ज्ञापन
के
माध्यम
से
सौंपा
है।
यदि
ये
मांग
पूरी
नहीं
होती
तो
हम
उग्र
आंदोलन
के
लिए
बाधित
हैं।
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कटनी
में
बरही
कोटेश्वर
ग्राम
के
पास
बने
छोटी
महानदी
पुल
का
साल
2007
पर
बनाकर
तैयार
हुआ
था।
लेकिन
गुणवत्ताहीन
कार्य
के
चलते
महज
17
साल
में
तीन
बार
पुल
करने
की
नौबत
आ
गई।
हालांकि,
इस
बार
दो
साल
बीतने
पर
ग्रामीणों
का
आक्रोश
फूट
पड़ा
और
सभी
ने
मिलकर
बड़ा
आंदोलन
किया
है।
लोगों
ने
बताया
कि
पहली
बार
बंद
हुआ
एक
किमी
लंबा
पुल
तीन
साल
बाद
चालू
हुआ
था।
पुनः
बंद
होने
पर
पांच
साल
तो
अब
दो
साल
से
बंद
पड़ा
है।
विजयराघवगढ़
विधायक
संजय
पाठक
ने
बताया
कि
पुल
के
क्षतिग्रस्त
होने
के
कारण
सड़क
मार्ग
बंद
है।
इसको
लेकर
मेरे
द्वारा
तत्कालीन
मुख्यमंत्री
शिवराज
सिंह
चौहान
से
चार
से
पांच
बार
पत्राचार
और
मुलाकात
करते
हुए
मामले
से
अवगत
करवाया
था।
वहीं,
मौजूदा
सीएम
मोहन
यादव
जी
को
भी
तीन
बार
जानकारी
देते
हुए
पत्र
लिखा
हूं
और
मैं
स्थानीय
लोगों
के
दर्द
से
वाकिफ
हूं।
उन्होंने
जो
आंदोलन
प्रदर्शन
किया
वो
सही
है,
इसलिए
मैं
चाहता
हूं
अब
जब
यह
पुल
बने
तो
इसके
बीच
के
पाया
मजबूत
हो,
ताकि
पानी
में
यह
टीका
रहे
और
उसके
ऊपर
लोहे
की
बड़ी-बड़ी
गाटर
रखी
जाए,
ताकि
पुनः
ऐसी
समस्या
न
बने।
इसलिए
मैं
फिर
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
से
बात
करूंगा
और
इस
समस्या
का
समाधान
करने
की
बात
करूंगा।