
मध्यप्रदेश
में
किसानों
की
आय
बढ़ाने
के
लिए सेक्स
सॉर्टेड
सीमेन
प्रोसेस
को
बढ़ावा
दिया
जा
रहा
है।
इस
तकनीक
से
किसानों
के
पास
दुधारू
पशुओं
की
संख्या
बढ़ेगी।
वे
उनको
अनुपयोगी
समझकर
छोड़ेंगे
नहीं।
इस
तकनीक
का
उपयोग
करने
वाले
राज्यों
में
मध्यप्रदेश
दूसरा
राज्य
है।
दरअसल
सेक्स
सॉर्टेड
सीमेन
प्रोसेस
में
उन्नत
किस्म
के
मेल
पशु
के
वीर्य
में
मौजूद
X
और
Y
शुक्राणु
से
Y
शुक्राणु
को
हटा
दिया
जाता
है,जिससे
फीमेल
कॉल्फ
पैदा
होने
की
संभावना
90
प्रतिशत
तक
बढ़
जाती
है।
इससे
किसानों
के
पास
दुधारू
पशु
बढ़
जाते
हैं। उत्तराखंड
के
बाद
सॉर्टेड
सेक्स
सीमेन
की
इस
प्रोसेस
को
अपनाने
वाला
मध्यप्रदेश
देश
का
दूसरा
राज्य
है,जो
इसके
माध्यम
से
यह
तय
कर
रहा
है
कि
गाय
बछिया
को
ही
जन्म
दे।
पशु
विभाग
के
उपसंचालक
महिपाल
सिंह
कुशवाह
के
मुताबिक
वर्ष
2024_25
में
अकेले
राजगढ़
जिले
के
लिए
6
हजार
AI
करने
का
लक्ष्य
दिया
गया
था,
जिसे
उन्होंने
प्राप्त
करके
समस्त
विकास
खंडों
को
भेज
दिया
है।
फील्ड
में
रहने
वाला
अमला
पशु
पलकों
के
फीमेल
पशुओं
को
सेक्स
सॉर्टेड
सीमेन
की
स्ट्रा
लगा
भी
रहा
है।
वहीं
पशु
विभाग
में
राजगढ़
ब्लॉक
संभालने
वाले
डॉक्टर
एम.एस.
बामनिया
के
मुताबिक
उनकों
AI
करते
हुए
3
साल
हो
चुके
हैं,
उन्होंने
2
हजार
के
ऊपर
एआई
की
हैं।
इसमें
करीब
37
प्रतिशत
फीमेल
कॉल्फ
ही
पैदा
हुए
हैं।जब
अच्छी
नस्ल
की
बछिया
पैदा
होगी
तो
कोई
भी
किसान
उन्हें
सड़क
पर
आवारा
नहीं
छोड़ेगा।
राजगढ़
के
स्थानीय
किसानों
और
पशुपालकों
से
भी
बात
की
गई।किसानों
को
सामान्य
सीमेन
के
बारे
में
तो
जानकारी
है,लेकिन
सेक्स
सॉर्टेड
सीमेन
के
बारे
में
कोई
जानकारी
ही
नहीं
है।
राजगढ़
जिले
में
65
हजार
गौवंश
रजिस्टर्ड
हैं
जो
यहां
की
135
गौशालाओं
में
हैं।