
ग्वालियर
जिले
में
वर्ष
2019
में
अलग-अलग
संस्थानों
से
कैश
लेकर
जा
रही
एक
निजी
कंपनी
की
वैन
को
लूटने
और
गार्ड
की
हत्या
करने
के
मामले
में
विशेष
न्यायालय
ने
फैसला
सुनाया
है।
न्यायालय
ने
मामले
में
6
आरोपियों
को
दोषी
ठहराते
हुए
आजीवन
कारावास
की
सजा
सुनाई
है।
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दरअसल,
फरियादी
रितेश
पचौरी
ने
कंपू
पुलिस
को
बताया
था
कि
वह
गार्ड
रमेश
सिंह
तोमर
और
वाहन
चालक
रंजीत
के
साथ
वैन
में
सवार
होकर
निकला
था।
उसकी
कंपनी
अलग-अलग
संस्थानों
से
कैश
लेकर
उन्हें
निर्धारित
स्थानों
पर
पहुंचाती
है।घटना
वाले
दिन
6
जुलाई
2019
को
वे
सबसे
पहले
बीजी
ब्रिज
कंपनी
पहुंचे,
जहां
से
74,474
रुपए
लिए।
इसके
बाद
प्रेम
मोटर्स
पहुंचे
और
6.19
लाख
रुपए
लिए।
फिर
ऑफिस
पहुंचे,
जहां
से
1,35,995
रुपए
प्राप्त
किए।
जैसे
ही
वे
सूमो
गाड़ी
में
बैठे,
तभी
काले
रंग
की
बाइक
से
तीन
लोग
आए
और
गाड़ी
के
आगे
बाइक
लगाकर
एक
ने
अंधाधुंध
गोलियां
चलानी
शुरू
कर
दीं।
गोलियां
गार्ड
रमेश
सिंह
तोमर
को
लगीं,
जिससे
उसकी
मौत
हो
गई।
वाहन
चालक
रंजीत
की
कमर
में
भी
गोली
लगी।
आरोपी
गाड़ी
में
रखे
दोनों
बैग
लूट
ले
गए,
जिनमें
कुल
8,29,429
रुपए
थे।
वे
वैन
में
रखी
12
बोर
की
दुनाली
बंदूक
भी
साथ
ले
गए।
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में
निकली
रैली
और
शौर्य
यात्रा,
पूर्व
सांसद
प्रज्ञा
ने
कहा
कांग्रेस
का
इतिहास
देशद्रोह
से
जुड़ा
जांच
में
सामने
आया
कि
बाइक
पर
सवार
नवीन
शर्मा
ने
गोली
चलाई
थी,
जिससे
गार्ड
की
मौत
हुई।
उसके
साथ
बाइक
पर
आकाश
बघेल
और
नवाब
सिंह
गुर्जर
भी
सवार
थे।
धर्मेंद्र,
तपेश
गौतम,
रंजीत
वाल्मीकि
और
शैलू
तोमर
घटनास्थल
के
आसपास
रैकी
कर
रहे
थे।
शैलू
तोमर
को
12
जून
2020
को
हाईकोर्ट
से
जमानत
मिल
गई
थी।
दोषी
नवाब
सिंह
गुर्जर
ने
जेल
से
बाहर
आने
के
लिए
12
बार
जमानत
याचिका
दायर
की,
लेकिन
सभी
याचिकाएं
खारिज
हो
गईं।
उसकी
आखिरी
जमानत
याचिका
21
अप्रैल
2025
को
खारिज
हुई
थी।
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प्रदेश
में
नौतपा
के
छठवें
दिन
भी
जारी
रहेगा
आंधी-बारिश
दौर,
आज
प्रदेश
के
36
जिलों
में
अलर्ट
बदमाशों
की
गिरफ्तारी
के
बाद
पुलिस
ने
कुल
8.29
लाख
रुपए
की
लूट
में
से
4.30
लाख
रुपए
जब्त
कर
लिए
थे।
धर्मेंद्र
जाट,
आकाश
बघेल
और
तपेश
गौतम
हाथरस
के
निवासी
हैं,
जबकि
शेष
आरोपी
ग्वालियर
के
रहने
वाले
हैं।