
ग्वालियर
में
डेढ़
साल
पहले
शिवपुरी
से
भंवरपुरा
मजदूरी
के
लिए
आए
एक
आदिवासी
परिवार
की
नाबालिग
बेटी
के
साथ
सामूहिक
दुष्कर्म
की
घटना
घटी
थी।
तीन
बदमाशों
ने
30
जनवरी
2024
की
रात
मां
पिता
और
मासूम
भाई
पर
कट्टा
अड़ाकर
15
वर्षीय
नाबालिग
के
साथ
उनके
सामने
ही
सामूहिक
दुष्कर्म
किया
था।
घटना
के
बाद
पीड़ित
परिवार
ने
गांव
से
पलायन
तक
कर
दिया
था।
यह
मामला
काफी
चर्चित
हुआ
था।
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इस
मामले
में
ग्वालियर
के
विशेष
न्यायालय
ने
आरोपी
जंडेल
गुर्जर,
संजीव
गुर्जर
और
आकाश
गुर्जर
को
दोषी
पाते
हुए
उम्रकैद
की
सजा
सुनाई
है।
कोर्ट
ने
प्रत्येक
पर
अलग-अलग
धाराओं
में
जुर्माना
भी
किया
गया
है।
विशेष
न्यायालय
ने
आरोपियों
को
धारा
376
डी
एवं
एससी
एसटी
एक्ट
के
अपराध
में
दोषी
पाते
हुए
सजा
सुनाई
है।
इसके
अलावा
आरोपियों
को
भारतीय
दंड
संहिता
की
धारा
506
भाग
दो
के
अपराध
में
भी
दोषी
पाते
हुए
प्रत्येक
को
एक
एक
साल
के
सश्रम
कारावास
की
सजा
सुनाई
है।
आरोपियों
को
अन्य
धाराओं
में
6-6
माह
की
और
सजा
सुनाई
गई
है।
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पकड़ा
शिवपुरी
से
एक
आदिवासी
परिवार
मजदूरी
की
तलाश
में
नवंबर
2023
में
घाटीगांव
के
भंवरपुरा
इलाके
में
आया
था।
यहां
पत्थर
की
खदान
पर
आदिवासी
युवक
और
उसकी
पत्नी
मजदूरी
करते
थे।
घर
पर
एक
6
साल
का
बेटा
और
15
साल
की
बेटी
रहती
थी।
30
जनवरी
2024
की
रात
12
बजे
की
बात
है।
जब
नाबालिग
बालिका
अपने
छोटे
भाई
को
टॉयलेट
कराने
के
लिए
घर
से
बाहर
मैदान
में
आई
थी
तभी
उनके
घर
के
बाहर
तीन
युवक
खड़े
मिले।
इनमें
से
दो
युवकों
ने
नाबालिग
को
पकड़
लिया
और
एक
युवक
हाथ
के
सहारे
पीड़िता
के
भाई
को
रोककर
खड़ा
हो
गया।
पीड़िता
और
उसके
भाई
के
चिल्लाने
पर
उसके
माता
पिता
बाहर
आ
गए।
उन्होंने
उनके
बच्चों
को
छोड़ने
के
लिए
कहा
तो
तीनों
ने
लाठी
और
डंडों
से
उनकी
मारपीट
की।
जिससे
पीड़ित
की
मां
के
हाथ
की
कलाई
और
कंधे
में
चोट
आई।
पिता
को
पीठ
और
कमर
में
चोट
आई।
उन
तीनों
में
से
एक
ने
कट्टा
निकालकर
पीड़िता
के
पिता
और
भाई
के
सीने
पर
रख
दिया
और
बोला
कि
जैसा
हम
कह
रहे
हैं
वैसा
करो
नहीं
तो
अभी
सभी
को
जान
से
खत्म
कर
देंगे।
इस
धमकी
के
बाद
पूरा
परिवार
सहम
गया।
आरोपियों
ने
नाबालिग
के
साथ
उनकी
मां
और
पिता
के
सामने
सामूहिक
दुष्कर्म
किया।
आवाज
सुनकर
मौके
पर
उनका
पड़ोसी
आ
गया
तो
जाते
समय
तीनों
आरोपी
धमकी
देते
हुए
गए
कि
अगर
पुलिस
को
शिकायत
की
तो
उनके
परिवार
को
जान
से
खत्म
कर
दिया
जाएगा।
घटना
के
बाद
आदिवासी
परिवार
पूरी
तरह
सहम
गया
था।
रात
भर
मां-पिता
अपनी
नाबालिग
बेटी
से
चिपककर
रोते
रहे।
सुबह
पड़ोसियों
ने
हिम्मत
दी
तो
वह
थाना
पहुंचे
और
शिकायत
की।