नाबालिग
से
सामूहिक
दुष्कर्म।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
नाबालिग
द्वारा
बच्ची
को
जन्म
देने
पर
उसके
साथ
सामूहिक
बलात्कार
किये
जाने
की
घटना
सामने
आई
थी।
नागपुर
पुलिस
ने
प्रकरण
दर्ज
कर
विवेचना
के
लिए
बालाघाट
जिले
के
खैरलांजी
थाने
को
प्रकरण
स्थानांतरित
किया
गया
था।
पुलिस
ने
विवेचना
कर
न्यायालय
में
प्रकरण
प्रस्तुत
किया
था।
विशेष
न्यायाधीश
नौशीन
खान
की
अदालत
ने
दो
आरोपियों
को
आजीवन
कारावास
एवं
12-12
हजार
रुपये
की
अर्थदंड
की
सजा
से
दंडित
किया
है।
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अभियोजन
के
अनुसार
आरोपी
महाराष्ट्र
नागपुर
के
पारडी
निवासी
19
वर्षीय
दादू
उर्फ
पितम
पिता
दशरथ
गडलीग
और
कलमना
निवासी
19
वर्षीय
मयूर
पिता
सुनील
धुले
ने
मई
2020
में
खैरलांजी
थाना
अंतर्गत
खरखडी
गांव
में
नाबालिग
को
सुनसान
जगह
ले
जाकर
दुष्कर्म
किया।
इसके
बाद
भी
आरोपियों
ने
पारडी
स्थित
अपने
घर
में
भी
उसके
साथ
दुराचार
किया
था।
नाबालिग
के
गर्भवती
होने
पर
16
सितंबर
2021
को
नागपुर
के
डागा
अस्पताल
में
एक
बच्ची
को
जन्म
दिया
था।
जिसके
बाद
यह
मामला
प्रकाश
में
आया
नागपुर
पुलिस
ने
पीड़िता
से
पूछताछ
की।
नाबालिग
ने
पुलिस
को
गुमराह
करने
के
लिए
अन्य
व्यक्यिों
के
नाम
लिये
थे।
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घटनास्थल
खैरलांजी
थाना
ग्राम
खरखडी
का
होने
के
कारण
नागपुर
पुलिस
प्रकरण
दर्ज
करने
के
बाद
केस
डायरी
संबंधित
थाने
को
विवेचना
के
लिए
स्थानांतरित
कर
दी
थी।
खैरलांजी
पुलिस
ने
प्रकरण
को
गंभीरता
से
जांच
करते
हुए
सही
आरोपियों
तक
पहुंचकर
उन्हें
गिरफ्तार
करते
हुए
न्यायालय
में
प्रकरण
प्रस्तुत
किया।
न्यायालय
ने
प्रकरण
की
सुनवाई
के
दौरान
शेष
किये
गये
साक्ष्य
व
गवाहों
के
आधार
पर
आरोपियों
को
दोषी
करार
देते
हुए
विभिन्न
धाराओं
के
तहत
अधिकतम
आजीवन
कारावास
और
अर्थदंड
की
सजा
से
दंडित
किया।
अभियोजन
की
ओर
से
विशेष
अभियोजन
अधिकारी
आरती
कापले
ने
पैरवी
की।