घोर लापरवाही: खाना खाते-खाते बच्ची को थाली में दिखी मरी छिपकली, मिड-डे मील खाकर कई बच्चों की बिगड़ी तबीयत

ब्यौहारी
के
शासकीय
माध्यमिक
विद्यालय
चरका
में
एक
बड़ी
लापरवाही
सामने
आई।
यहां
मिड-डे
मील
खाने
के
बाद
बच्चों
की
तबीयत
बिगड़
गई।
सभी
को
उपचार
के
लिए
अस्पताल
में
भर्ती
कराया
गया
है।
परिजनों
का
कहना
है
कि
उनके
बच्ची
की
थाली
में
छिपकली
मिली
थी।


विज्ञापन

Trending
Videos

ब्यौहारी
के
शासकीय
माध्यमिक
विद्यालय
चरका
में
उस
समय
हड़कंप
मच
गया,
जब
मिड-डे
मील
खा
रही
एक
बच्ची
के
थाली
में
मरी
हुई
छिपकली
दिखाई
दी।
घटना
के
बाद
से
क्षेत्र
में
हड़कंप
मच
गया।
शुरुआत
में
जिन
बच्चों
ने
मध्यान
भोजन
को
खाया
उनकी
तबीयत
बिगड़
गई।
कुछ
ने
तो
वहीं
उल्टियां
शुरू
कर
दीं
और
कुछ
बच्चे
घर
पहुंचने
के
बाद
बीमार
पड़े।
इसमें
तीन
का
इलाज
सिविल
हॉस्पिटल
ब्यौहारी
में
जारी
है।


विज्ञापन


विज्ञापन

ये
भी
पढ़ें-भाजपा
नेता
दीपक
शर्मा
के
गुमशुदा
परिवार
की
गुत्थी
उलझी,
चार
लाख
रुपये
भी
गायब,
जानें
मामला

शुक्रवार
को
मध्यान
भोजन
में
यह
गड़बड़ी
सामने
आई
है,
जिसमें
तीन
बच्चों
का
इलाज
ब्यौहारी
अस्पताल
में
भर्ती
कर
किया
जा
रहा
है।
ब्लॉक
मेडिकलऑफिसर
निशांत
सिंह
परिहार
ने
कहा
तीनों
बच्चों
की
उम्र
12
और
13
वर्ष
के
बीच
है।
जब
इन
बच्चों
को
अस्पताल
लाया
गया
था
तो
उनकी
हालत
गंभीर
थी।
बच्चे
उल्टियां
कर
रहे
थे,
उन्हें
भर्ती
कर
उपचार
किया
गया।
अब
इनकी
हालत
बेहतर
है।
ऑब्जरवेशन
के
लिए
उन्हें
अस्पताल
में
अभी
भर्ती
रखा
गया
है।
उन्होंने
आगे
बताया
कि
बच्चों
के
परिजनों
का
कहना
था
कि
स्कूल
में
मध्यान
भोजन
में
छिपकली
गिर
गई
थी
और
खाना
खाने
के
बाद
ही
इनकी
तबीयत
बिगड़ी
है।
बीएमओ
के
अनुसार
पूनम
साहू
पिता
हनुमानदीन,
नेहा
सेन
पिता
महेश
सेन,
आशियाना
साहू
पिता
राम
जी
साहू
का
अस्पताल
में
भर्ती
कर
उपचार
किया
जा
रहा
है।
ये
भी
पढ़ें-

शहडोल
में
शिक्षा
विभाग
का
ऑयल
पेंट
घोटाला,
24
लीटर
पेंट
की
रंगाई
में
तीन
लाख
खर्च,
जानें
पूरा
मामला


पिता
ने
रो-रो
कर
बताई
घटना

नेहा
सेन
के
पिता
महेश
सेन
जब
अपनी
बच्ची
को
अस्पताल
लेकर
पहुंचे
तो
उनकी
बच्ची
की
हालत
काफी
नाजुक
थी।
डॉक्टर
ने
तत्काल
नेहा
को
भर्ती
करउपचार
किया।
नेहा
के
पिता
ने
बयान
दिया
कि
नेहा
ने
ठीक
होने
के
बाद
बताया
कि
स्कूल
में
मध्यान
भोजन
में
छिपकली
गिर
गई
थी
और
उसकी
थाली
में
वह
मिली
थी।
वहीं, गांव
के
सरपंच
बनवारी
सिंह
ने
कहा
कि
वह
स्वयं
सहायता
समूह
द्वारा
लापरवाही
बरती
गई
है,
जो
गंभीर
है,
बड़ी
घटना
हो
सकती
थी,
हम
इस
मामले
पर
पंचायत
में
एक
बैठक
करेंगे।